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काशी में सजने लगा रथयात्रा मेला, संवरने लगा रथ, पांच दिन तक रहेगा रूट डायवर्जन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 12 Jul 2018 05:08 PM IST
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रथयात्रा
- फोटो : file photo
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काशी के लक्खा मेलों में शुमार रथयात्रा मेला सजने लगा है। रथयात्रा मेले के साथ काशी में उत्सव-पर्वों की शुरुआत मानी जाती है। रथयात्रा वाले क्षेत्र में दुकानें और झूलों के साथ ही मेले की तैयारियां तेज हो गई हैं।
सुसेन वैद्य के प्रतीक स्वरूप मंदिर के पुजारी पं. राधेश्याम पांडेय ने भगवान जगन्नाथ के स्वस्थ होने की शुभ सूचना बुधवार को भक्तों को दी। 13 जुलाई को मंदिर का पट खुलने के अवसर पर विष्णु सहस्त्रनाम के पाठ के बीच विधि-विधान से पूजन संपन्न होगा।
पूजन के उपरांत परवल के जूस को ग्रहण करने के बाद भगवान जगन्नाथ काशी भ्रमण पर निकलेंगे। उसी दिन शाम को चार बजे भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा रथ पर विराजमान होकर परंपरागत मार्ग दुर्गाकुंड, नवाबगंज, कश्मीरीगंज, खोजवां, शंकुलधारा, बैजनत्था, कमच्छा होते रथयात्रा स्थित बेनीराम बाग पहुंचेंगे।
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यहां शापुरी परिवार की ओर से भगवान की अगवानी की रस्म अदा की जाएगी। उधर, सिगरा स्थित शहीद उद्यान के निकट रखा लकड़ी का रथ 13 जुलाई की शाम को ही महमूरगंज स्थित निराला निवेश पहुंचेगा। इससे पूर्व रथ की पूजा-अर्चना की जाएगी।
14 जुलाई की भोर में 5:11 बजे मंगला आरती के बाद रथयात्रा मेले में रथ पर सवार होकर भगवान भक्तों को दर्शन देंगे। अस्सी क्षेत्र में गंगा किनारे वर्ष 1790 में शापुरी परिवार की ओर से जगन्नाथ मंदिर की प्राणप्रतिष्ठा कराए जाने के बाद वर्ष यहां 1802 में रथयात्रा मेले की परंपरा शुरू हुई थी।
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सुसेन वैद्य के प्रतीक स्वरूप मंदिर के पुजारी पं. राधेश्याम पांडेय ने भगवान जगन्नाथ के स्वस्थ होने की शुभ सूचना बुधवार को भक्तों को दी। 13 जुलाई को मंदिर का पट खुलने के अवसर पर विष्णु सहस्त्रनाम के पाठ के बीच विधि-विधान से पूजन संपन्न होगा।
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पूजन के उपरांत परवल के जूस को ग्रहण करने के बाद भगवान जगन्नाथ काशी भ्रमण पर निकलेंगे। उसी दिन शाम को चार बजे भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा रथ पर विराजमान होकर परंपरागत मार्ग दुर्गाकुंड, नवाबगंज, कश्मीरीगंज, खोजवां, शंकुलधारा, बैजनत्था, कमच्छा होते रथयात्रा स्थित बेनीराम बाग पहुंचेंगे।
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यहां शापुरी परिवार की ओर से भगवान की अगवानी की रस्म अदा की जाएगी। उधर, सिगरा स्थित शहीद उद्यान के निकट रखा लकड़ी का रथ 13 जुलाई की शाम को ही महमूरगंज स्थित निराला निवेश पहुंचेगा। इससे पूर्व रथ की पूजा-अर्चना की जाएगी।
14 जुलाई की भोर में 5:11 बजे मंगला आरती के बाद रथयात्रा मेले में रथ पर सवार होकर भगवान भक्तों को दर्शन देंगे। अस्सी क्षेत्र में गंगा किनारे वर्ष 1790 में शापुरी परिवार की ओर से जगन्नाथ मंदिर की प्राणप्रतिष्ठा कराए जाने के बाद वर्ष यहां 1802 में रथयात्रा मेले की परंपरा शुरू हुई थी।
रथयात्रा मेला पर रूट डायवर्जन
13 से 17 जुलाई तक रथयात्रा मेले में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ के मद्देनजर यातायात पुलिस की ओर से कई मार्गों पर आवागमन पर प्रतिबंध लगाकर रूट डायवर्ट किया गया है। एसपी ट्रैफिक सुरेश चंद्र रावत ने अपील की है कि आमजन सहयोग कर यातायात व्यवस्था को सुचारु रखें। यह डायवर्जन रोजाना शाम चार बजे से भोर तीन बजे तक लागू रहेगा।
- बीएचयू, भेलूपुर की तरफ से रथयात्रा जाने वाले वाहनों को कमच्छा से बैजनत्था होते हुए महमूरगंज स्थित आकाशवाणी की ओर भेजा जाएगा।
- लक्सा से रथयात्रा की ओर जाने वाले समस्त वाहनों को गुरुबाग तिराहा से नीमा माई तिराहा की तरफ भेजा जाएगा।
- सिगरा से रथयात्रा की तरफ जाने वाले वाहनों को सिगरा चौराहा से महमूरगंज की ओर भेजा जाएगा।
- महमूरगंज चौराहे से रथयात्रा की ओर जाने वाले वाहनों को आकाशवाणी तिराहा से सिगरा की ओर भेजा जाएगा।
- सिगरा से आकाशवाणी तक गंगा प्रदूषण इकाई द्वारा खुदाई का कार्य किया जा रहा है। इसलिए इस मार्ग पर भारी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा।
- जिन भारी वाहनों को मंडुवाडीह तक आना है वो मोहनसराय, रोहनिया, चांदपुर, मुड़ैला होते हुए मंडुवाडीह आ सकेंगे।
- जिन भारी वाहनों को सिगरा तक आना है वो मोहनसराय, रोहनिया, चांदपुर, लोहता, जंसा, कपसेठी, बाबतपुर से पलहीपट्टी मुर्दहा, चांदमारी, भोजूबीर, पुलिस लाइन तिराहा, ताड़ीखाना, चौकाघाट, मरीमाई तिराहा, मलदहिया चौराहा होते हुए सिगरा तक आ सकेंगे। इसी मार्ग से भारी वाहन जौनपुर या मोहनसराय वापस लौट सकेंगे।
- किसी भी चार पहिया वाहन वाली ठेला गाड़ी जिस पर दुकान लगी रहती है तथा सामान बेचा जाता है, उसे मेला क्षेत्र के अंदर किसी भी गली में घुसने नहीं दिया जाएगा।
- बीएचयू, भेलूपुर की तरफ से रथयात्रा जाने वाले वाहनों को कमच्छा से बैजनत्था होते हुए महमूरगंज स्थित आकाशवाणी की ओर भेजा जाएगा।
- लक्सा से रथयात्रा की ओर जाने वाले समस्त वाहनों को गुरुबाग तिराहा से नीमा माई तिराहा की तरफ भेजा जाएगा।
- सिगरा से रथयात्रा की तरफ जाने वाले वाहनों को सिगरा चौराहा से महमूरगंज की ओर भेजा जाएगा।
- महमूरगंज चौराहे से रथयात्रा की ओर जाने वाले वाहनों को आकाशवाणी तिराहा से सिगरा की ओर भेजा जाएगा।
- सिगरा से आकाशवाणी तक गंगा प्रदूषण इकाई द्वारा खुदाई का कार्य किया जा रहा है। इसलिए इस मार्ग पर भारी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा।
- जिन भारी वाहनों को मंडुवाडीह तक आना है वो मोहनसराय, रोहनिया, चांदपुर, मुड़ैला होते हुए मंडुवाडीह आ सकेंगे।
- जिन भारी वाहनों को सिगरा तक आना है वो मोहनसराय, रोहनिया, चांदपुर, लोहता, जंसा, कपसेठी, बाबतपुर से पलहीपट्टी मुर्दहा, चांदमारी, भोजूबीर, पुलिस लाइन तिराहा, ताड़ीखाना, चौकाघाट, मरीमाई तिराहा, मलदहिया चौराहा होते हुए सिगरा तक आ सकेंगे। इसी मार्ग से भारी वाहन जौनपुर या मोहनसराय वापस लौट सकेंगे।
- किसी भी चार पहिया वाहन वाली ठेला गाड़ी जिस पर दुकान लगी रहती है तथा सामान बेचा जाता है, उसे मेला क्षेत्र के अंदर किसी भी गली में घुसने नहीं दिया जाएगा।