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कोहरे ने थामी ट्रेनों की रफ्तार, अब इस गति से ज्यादा नहीं चलेंगी ट्रेनें
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Mon, 13 Nov 2017 10:32 AM IST
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धुंध के चलते लेट चल रही कई ट्रेनें
- फोटो : अमर उजाला
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धुंध और कोहरे के मद्देनजर रेलवे बोर्ड सतर्क हो गया है। बोर्ड से मंडल मुख्यालयों और रेलवे स्टेशनों को रिमाइंडर जारी कर कोहरे के दौरान ट्रेन दुर्घटनाओं से बचाव के उपाय करने और यातायात नियमों का सख्ती से पालन करने की हिदायत दी गई है। रेलवे ने इस पर अमल भी शुरू कर दिया है।
कोहरे का मौसम शुरू हो गया है। कई क्षेत्रों में घना कोहरा पड़ रहा है। ऐसे मौसम में ट्रेनें किसी दुर्घटना का शिकार न हों, इसके लिए परिचालन से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों, ट्रेनों के पॉयलट और गार्ड को रफ्तार पर नियंत्रण व यातायात नियमों पर विशेष ध्यान देने के लिए सचेत किया गया है।
रेलवे बोर्ड ने हिदायत दी है कि किसी भी सूरत में 60 किलोमीटर से ज्यादा रफ्तार से ट्रेनें न चलाई जाएं। इसके अलावा मानव रहित और मेंड क्रासिंग पर विशेष सतर्कता बरतने, ट्रैक पर पटाखे लगाने और सिग्नल का विशेष ध्यान रखने की ताकीद की गई है।
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उत्तर और पूर्वोत्तर रेलवे के सभी प्रमुख स्टेशनों को गाइड लाइन जारी करने इस पर क्रियान्वयन भी शुरू कर दिया है।
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कोहरे का मौसम शुरू हो गया है। कई क्षेत्रों में घना कोहरा पड़ रहा है। ऐसे मौसम में ट्रेनें किसी दुर्घटना का शिकार न हों, इसके लिए परिचालन से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों, ट्रेनों के पॉयलट और गार्ड को रफ्तार पर नियंत्रण व यातायात नियमों पर विशेष ध्यान देने के लिए सचेत किया गया है।
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रेलवे बोर्ड ने हिदायत दी है कि किसी भी सूरत में 60 किलोमीटर से ज्यादा रफ्तार से ट्रेनें न चलाई जाएं। इसके अलावा मानव रहित और मेंड क्रासिंग पर विशेष सतर्कता बरतने, ट्रैक पर पटाखे लगाने और सिग्नल का विशेष ध्यान रखने की ताकीद की गई है।
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उत्तर और पूर्वोत्तर रेलवे के सभी प्रमुख स्टेशनों को गाइड लाइन जारी करने इस पर क्रियान्वयन भी शुरू कर दिया है।
कुछ ट्रेनें निरस्त, ये रहीं घंटों लेट
ट्रेन
- फोटो : File Photo
कोहरे और विभिन्न रेल खंडों पर चल रहे मरम्मत कार्यों के चलते जहां कुछ ट्रेनें निरस्त रहीं तो वहीं कई ट्रेनों के घंटों देरी से चलने से यात्री बेहाल नजर आए। ट्रेनों की लेटलतीफी से बुजुर्गों के साथ ही महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। प्लेटफार्म पर यात्रियों की भीड़ ट्रेनों के इंतजार में लगी रही।
रविवार को निरस्त ट्रेनों में फरक्का एक्सप्रेस और उपासना एक्सप्रेस शामिल रहीं। वहीं, नई दिल्ली से मंडुवाडीह आने वाली शिवगंगा एक्सप्रेस सुबह सात बजे आने के बजाय शाम 5:40 बजे आई। इसके चलते यहां से शिवगंगा की नई दिल्ली रवानगी में भी देरी हुई।
नई दिल्ली-मंडुवाडीह सुपरफास्ट एक्सप्रेस का आने का समय सुबह11:10 है लेकिन उसके 12 घंटे से अधिक देरी से यहां पहुंचने की सूचना थी। इसके चलते मंडुवाडीह-नई दिल्ली सुपरफास्ट की रवानगी भी रात के बजाए भोर में पांच बजे तक होने की संभावना जताई जा रही थी।
नई दिल्ली से जयनगर जाने वाली फरक्का 18 घंटे, आनंद विहार से मालदा जाने वाली फरक्का 13 घंटे सहित कई अन्य ट्रेनों के घंटों विलंबित होने से यात्रियों को खासी मुश्किलें उठानी पड़ीं।
रविवार को निरस्त ट्रेनों में फरक्का एक्सप्रेस और उपासना एक्सप्रेस शामिल रहीं। वहीं, नई दिल्ली से मंडुवाडीह आने वाली शिवगंगा एक्सप्रेस सुबह सात बजे आने के बजाय शाम 5:40 बजे आई। इसके चलते यहां से शिवगंगा की नई दिल्ली रवानगी में भी देरी हुई।
नई दिल्ली-मंडुवाडीह सुपरफास्ट एक्सप्रेस का आने का समय सुबह11:10 है लेकिन उसके 12 घंटे से अधिक देरी से यहां पहुंचने की सूचना थी। इसके चलते मंडुवाडीह-नई दिल्ली सुपरफास्ट की रवानगी भी रात के बजाए भोर में पांच बजे तक होने की संभावना जताई जा रही थी।
नई दिल्ली से जयनगर जाने वाली फरक्का 18 घंटे, आनंद विहार से मालदा जाने वाली फरक्का 13 घंटे सहित कई अन्य ट्रेनों के घंटों विलंबित होने से यात्रियों को खासी मुश्किलें उठानी पड़ीं।