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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Promise made to Ramlala kept, kept distance from marital bond after waiting for 32 years; now married

Ram Mandir: रामलला से किया वादा निभाया, इंतजार में 32 साल दांपत्य जीवन से बनाई दूरी; अब विवाह बंधन में बंधे

Tue, 09 Jan 2024 04:27 PM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: किरन रौतेला Updated Tue, 09 Jan 2024 04:27 PM IST
सार

वाराणसी में लेढ़ूपुर निवासी शैलेंद्र तिवारी का नाम राम भक्तों गिना जाता है। शैलेंद्र तिवारी ने 32 साल तक दांपत्य बंधन से दूरी बनाए रखी। जब भगवान के भव्य मंदिर के उद्घाटन का समय करीब पहुंचा तब अधेड़ अवस्था में वे विवाह बंधन में बंधे।

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Promise made to Ramlala kept, kept distance from marital bond after waiting for 32 years; now married
शैलेंद्र तिवारी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भगवान राम के भक्तों ने अपने आराध्य को जन्मभूमि पर स्थापित कराने के लिए लंबा संघर्ष किया है। काशी में लेढ़ूपुर निवासी शैलेंद्र तिवारी जैसे भक्तों ने 32 साल तक दांपत्य बंधन से दूरी बनाए रखी। जब भगवान के भव्य मंदिर के उद्घाटन का समय करीब पहुंचा तब अधेड़ अवस्था में वे विवाह बंधन में बंधे।

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दरअसल, वर्ष 1991 में राम मंदिर निर्माण के लिए आंदोलन अपने शबाब पर था। काशी के युवा से लेकर बुजुर्ग तक भव्य मंदिर के लिए संघर्ष में जुटे थे। इसी दौरान फायरब्रांड भाजपा नेता विनय कटियार का वाराणसी दौरा हुआ। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में उनकी जनसभा चल रही थी। इस दौरान विवि के तत्कालीन मंत्री शैलेंद्र तिवारी भी मंच पर मौजूद थे। विनय कटियार भाषण दे रहे थे कि शैलेंद्र तिवारी ने अचानक माइक छीन लिया और जोर से बोले, कसम राम की खाते हैं, जब तक नहीं बनेगा मंदिर, तब तक नहीं करेंगे शादी।

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प्रभु राम से किए वादे की सूचना जैसे ही भाजपा नेताओं को मिली तो सबने समझाने का प्रयास किया। लेकिन वे अपने वचन पर अड़े रहे। हालांकि समय बीतने के साथ लोग शैलेंद्र तिवारी के वचन को भूल गए, मगर वे जिद पर अड़े रहे। जब-जब राम मंदिर के लिए आंदोलन हुए तो बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। उच्चतम न्यायालय से रामलला विराजमान के पक्ष पर निर्णय आने के बाद परिवार के लोगों ने विवाह बंधन में बंधने का आग्रह किया।
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वे बोले जब प्रभु श्रीराम का मंदिर बन जाएगा तभी मेरा वचन पूरा होगा। अधिवक्ता शैलेंद्र ने बताया कि राम मंदिर का भव्य आकार सामने आने के बाद 60 वर्ष की आयु में मई 2023 में विवाह किया है। प्रभु श्रीराम को दिया वचन पूरा कर जीवन धन्य मान रहा हूं।


लाठियां का दर्द आज भी होता है

कारसेवा के दौरान रामेश्वर निवासी हरिशंकर पांडेय के शरीर पर पड़ी लाठियों का दर्द उन्हें पुरानी यादें ताजा करता है। अधिवक्ता हरिशंकर पांडेय बताते हैं कि पिता के कारोबार के चलते वर्ष 1989 में शाहजहांपुर चला गया था। वहीं विश्व हिन्दू परिषद के संपर्क में आया। कारसेवा के दौरान 25 अक्तूबर 1990 में गिरफ्तार किया गया। इसी दौरान कोठारी बंधुओंं को गोली मारने की सूचना मिली। जेल में विरोध स्वरूप आग लगाने का प्रयास किया गया तो रिकाॅर्ड रूम तक लपटें पहुंच गई। इसके बाद पुलिस ने घेरकर पिटाई की। बाद में जेल से छूटने पर बरेली में स्वागत जुलूस के साथ घुमाया गया। राम मंदिर का भव्य स्वरूप देखकर सुकून हो रहा है।

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