BHU Hospital: प्रोफेसर ओमशंकर का अनशन जारी, IMS निदेशक बोले- कार्डियोलॉजी विभाग में नहीं हो पा रहा उपयोग
Varanasi News: अस्पताल के हृदय रोग विभाग स्थित अपने कक्ष में जमीन पर बैठकर अनशन करने वाले प्रो.ओमशंकर का कहना है कि पिछले दो साल से सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक में आवंटित 41 बेड पर मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा है। इसकी वजह अस्पताल प्रशासन द्वारा डिजिटल लॉक लगवाया जाना है। कई बार आवाज उठाने के बाद जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो मरीजों के हित के लिए अनशन पर बैठना पड़ा।
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आईएमएस बीएचयू के हृदय रोग विभाग में मरीजों को आवंटित बेड पर भर्ती न करने, एमएस को हटाने की मांग पर प्रोफेसर ओमशंकर का अनशन आठवें दिन भी जारी रहा। शनिवार को भी बीएचयू के शिक्षकों, सामाजिक संस्थाओं के साथ ही छात्रों ने अनशन स्थल पर पहुंचकर समर्थन दिया।
बीएचयू अस्पताल की इमरजेंसी के डॉक्टरों की टीम ने उनके सेहत की जांच भी की। इस बीच दिव्यांग कलाकार अभय ने अपनी मिमिक्री से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से मरीजों की इस समस्याओं का समाधान करवाने की मांग की है।
इधर, बीएचयू में शुक्रवार को कुलपति आवास पर हुई बैठक में अधिकारियों ने प्रोफेसर ओमशंकर की मांगों पर चर्चा की। इसमें करीब 61 बेड दिए जाने पर सहमति तो बनी लेकिन प्रोफेसर ओमशंकर मानने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि जब तक सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक का चौथा तल पूरा हृदय रोग विभाग को नहीं दिया जाता है और एमएस को हटाया नहीं जाता है, तब तक अनशन जारी रहेगा।
कार्डियोलॉजी बेड पर डिजिटल लॉक नहीं, क्षमता से अधिक आवंटन
बीएचयू सपुरस्पेशियलिटी ब्लॉक का चौथा तल पूरा कार्डियोलॉजी विभाग के मरीजों के लिए आवंटित करने, एमएस को हटाए जाने की मांग को लेकर प्रोफेसर ओमशंकर के अनशन के आठवें दिन बीएचयू प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए अपनी सफाई जारी की है। इसके माध्यम से यह संदेश दिया गया है कि बेड किसी कीमत पर बढ़न वाले नहीं है।
आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रो.एसएन संखवार का कहना है कि कार्डियोलॉजी विभाग को अधिक बेड आवंटित किया गया है। इसका उपयोग नहीं हो पा रहा है। साथ ही विभाग को आवंटित बेड पर किसी तरह का कोई डिजिटल लॉक भी नहीं लगा है। सभी आवंटित बेड उपयोग के लिए उपलब्ध हैं।
बीएचयू हृदय रोग विभागाध्यक्ष प्रो.ओमशंकर 11 मई से हृदय रोग विभाग में अनशन पर हैं। इस बीच शिक्षकों, छात्रों, अधिवक्ताओं ने अपना समर्थन भी दिया है। आईएमएस निदेशक का कहना है कि डिजिटल लॉक को लेकर जिस तरह भ्रामक प्रचार किया जा रहा है, वह निंदनीय है।
हृदय रोग विभाग को सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में 61 बेड आवंटित किये जा चुके हैं, जो कि विभाग को पूर्व में आवंटित बेड से 13 अधिक हैं। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के तय मानक अनुसार कार्डियोलॉजी विभाग को पहले से ही निर्धारित संख्या से अधिक बेड आवंटित किये गये हैं, जो उपयोग के लिए पूरी तरह तैयार हैं एवं इन पर किसी भी प्रकार का कोई डिजिटल लॉक नहीं लगा है।
निदेशक बोले-चिकित्साधीक्षक पर आरोप का कोई आधार नहीं
पाठ्यक्रमों के संबंध में आयोग द्वारा विभागों को मिलने वाली आवश्यक मंजूरी प्राप्त करने में तो बाधा आती ही है, मरीजों को चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने में भी चुनौतियां आ रही हैं। अस्पताल पर निरंतर बढ़ते दबाव की वजह से किसी भी विभाग को आवश्यकता व तय मानक से अधिक बेड आवंटित करना संभव नहीं है।
अपने ही आदेश से मुकर रहे हैं निदेशक - प्रो.ओमशंकर
बीएचयू प्रशासन के पक्ष को लेकर हृदय रोग विभागाध्यक्ष प्रो. ओमशंकर का कहना है कि निदेशक अपने 8 मार्च 2024 को दिए गए आदेश से मुकर रहे हैं। इसमें उन्होंने सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक का चौथा तल पूरा और पांचवें तल पर निर्धारित जगह विभाग को देने की बात कही थी। साथ ही एमएस को हटाए जाने पर भी कोई फैसला नहीं हुआ है। अधिक बेड आवंटित करने की बात भी नियमानुसार गलत है। जब तक मांग पूरी नहीं हो जाती है तब तक अनशन जारी रहेगा।