पहले बेचते थे मुर्गा, कर्ज में डूबे तो चिकन कारोबारियों को लगे लूटने
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वाराणसी क्राइम ब्रांच और फूलपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने एक अजीबोगरीब गिरोह को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह का सरगना पहले तो खुद मुर्गा बेचने का व्यापार करता था। इसके बाद अपने जान-पहचान के मुर्गा कारोबारियों को मुर्गा बेचने के बहाने बुला कर लूटने लगा।
बीते 13 जून की रात फूलपुर क्षेत्र के हिरामनपुर में मुर्गा कारोबारी को मुर्गा बेचने के बहाने बुला कर बदमाशों ने एक लाख रुपये लूट लिए थे। एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि घटना की तफ्तीश क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह को सौंपी गई तो उन्होंने सर्विलांस और मुखबिर की मदद से आरोपियों को चिन्हित किया।
तीनों को रविवार की रात फूलपुर क्षेत्र के डांगरडीह मोड़ के पास से एसपी क्राइम ज्ञानेंद्र के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह, इंस्पेक्टर फूलपुर अजय कुमार श्रोतीय, एसआई प्रदीप यादव, सुमंत सिंह, पुनदेव सिंह, घनश्याम वर्मा, रामभवन यादव, सुरेंद्र मौर्या, रामबाबू, कुलदीप सिंह, चंद्रसेन सिंह और सुनील राय की टीम ने गिरफ्तार किया।
पुलिस ने जौनपुर जिले के केराकत थाना अंतर्गत सोहनी गांव निवासी दीपक सिंह व अजीत सिंह उर्फ रोशन और चंदवक थाना के कछवन के अभिषेक सिंह उर्फ पप्पू को गिरफ्तार कर सोमवार को जेल भेजा। तीनों के पास से 56 हजार चालीस रुपये, छह मोबाइल, एक तमंचा, दो कारतूस और दो बाइक बरामद की गई है।
पूछताछ में अभिषेक ने बताया कि मुर्गा कारोबार में उस पर 18 लाख रुपये का कर्ज हो गया था। उसके दोस्त अजीत ने सलाह दी कि वह अपने परिचित मुर्गा व्यापारियों को बाजार से सस्ते दाम में मुर्गा सप्लाई का लालच दे कर सुनसान जगह पर बुला कर लूट लिया करे। इस पर तीनों दोस्त मुर्गा व्यापारियों से लूटपाट करने लगे।