{"_id":"91ec92de517cf17826a97410dad703b5","slug":"please-read-the-guide-line-working-again-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पढ़ें गाइड लाइन फिर कराएं काम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पढ़ें गाइड लाइन फिर कराएं काम
ब्यूरो/अमर उजाला वाराणसी
Updated Fri, 11 Dec 2015 02:13 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापानी प्रधानमंत्री शिंजो अबे की काशी यात्रा से तीन दिन पहले केंद्रीय योजनाओं का हाल जानने आए केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव प्रवीण प्रकाश गुरुवार को पूरे तेवर में दिखे। हेरिटेज सिटी डेवलपमेंट एंड आग्मेंटेशन योजना (हृदय) और नमामि गंगे के तहत नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के कार्यान्वयन में देरी और लापरवाही पर नगर निगम के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।
रमना कूड़ा डंपिंग ग्राउंड में गड्ढा खोदने का काम अब तक शुरू नहीं करने पर सीएंडडीएस के अधिकारियों को भी कड़ी हिदायत दी। संयुक्त सचिव प्रवीण प्रकाश सुबह 10:40 बजे नगर आयुक्त श्रीहरि प्रताप शाही के साथ भदऊं चुंगी (राजघाट) पहुंचे। वहां से पैदल वह संत रविदास घाट तक गए। इस दौरान हृदय में चयनित राजघाट से संत रविदास घाट तक की सड़क पर उन्होंने सवाल उठाया।
वहां मौजूद नगर निगम के चीफ इंजीनियर कैलाश सिंह से पूछा कि यह सड़क तो ठीक है। इसे किस आधार पर योजना में शामिल कर लिया गया। चीफ इंजीनियर ने हेरिटेज और धार्मिक स्थल का हवाला दिया तो संयुक्त सचिव ने उसे सिरे से खारिज करते हुए उन्हें कड़ी फटकार लगाई। तल्ख लहजे में कहा कि पहले हृदय की गाइड लाइन पढ़ें फिर काम कराएं।
विज्ञापन
योजना में धरोहरों एवं ऐतिहासिक स्थलों को सहेजने के साथ ही शहर की उन सड़कों को दुरुस्त कराना है, जो खराब हैं। उन्होंने 28 नवंबर के दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि हृदय में चयनित संकटमोचन मार्ग की सड़क भी ठीक थी, इसके बाद भी उसे शामिल कर लिया गया।
इस पर नगर निगम के अधिकारियों के पास कोई जवाब नहीं था। इसी सड़क के किनारे बाउंड्री को ठीक कराकर उस पर पेंटिंग और चित्रकारी करने का निर्देश दिया। राजघाट के बाद वे सीधे संत रविदास घाट (भैंसासुर घाट) गए और सफाई व्यवस्था की जानकारी की। उन्होंने घाट गोद लेने वाले संस्थाओं के बारे में भी नगर आयुक्त से जानकारी ली।
विज्ञापन
रमना कूड़ा डंपिंग ग्राउंड में गड्ढा खोदने का काम अब तक शुरू नहीं करने पर सीएंडडीएस के अधिकारियों को भी कड़ी हिदायत दी। संयुक्त सचिव प्रवीण प्रकाश सुबह 10:40 बजे नगर आयुक्त श्रीहरि प्रताप शाही के साथ भदऊं चुंगी (राजघाट) पहुंचे। वहां से पैदल वह संत रविदास घाट तक गए। इस दौरान हृदय में चयनित राजघाट से संत रविदास घाट तक की सड़क पर उन्होंने सवाल उठाया।
विज्ञापन
वहां मौजूद नगर निगम के चीफ इंजीनियर कैलाश सिंह से पूछा कि यह सड़क तो ठीक है। इसे किस आधार पर योजना में शामिल कर लिया गया। चीफ इंजीनियर ने हेरिटेज और धार्मिक स्थल का हवाला दिया तो संयुक्त सचिव ने उसे सिरे से खारिज करते हुए उन्हें कड़ी फटकार लगाई। तल्ख लहजे में कहा कि पहले हृदय की गाइड लाइन पढ़ें फिर काम कराएं।
विज्ञापन
योजना में धरोहरों एवं ऐतिहासिक स्थलों को सहेजने के साथ ही शहर की उन सड़कों को दुरुस्त कराना है, जो खराब हैं। उन्होंने 28 नवंबर के दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि हृदय में चयनित संकटमोचन मार्ग की सड़क भी ठीक थी, इसके बाद भी उसे शामिल कर लिया गया।
इस पर नगर निगम के अधिकारियों के पास कोई जवाब नहीं था। इसी सड़क के किनारे बाउंड्री को ठीक कराकर उस पर पेंटिंग और चित्रकारी करने का निर्देश दिया। राजघाट के बाद वे सीधे संत रविदास घाट (भैंसासुर घाट) गए और सफाई व्यवस्था की जानकारी की। उन्होंने घाट गोद लेने वाले संस्थाओं के बारे में भी नगर आयुक्त से जानकारी ली।