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ईएसआईसी अस्पताल में डाक्टर और स्टाफ की लापरवाही से मरीज की मौत, परिजनों का प्रदर्शन
Fri, 22 Nov 2019 02:04 PM IST
गीतार्जुन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: गीतार्जुन गौतम
Updated Fri, 22 Nov 2019 02:04 PM IST
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गेट बंदकर विरोध जताते परिजन
- फोटो : a
दीनदयाल अस्पताल के बगल में स्थित कर्मचारी राज्य बीमा निगम अस्पताल में शुक्रवार को कठवतियां ग्राम निवासी लालबहादुर पटेल (56) की इलाज के दौरान मौत हो गई। लाल बहादुर के परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ के ऊपर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए अस्पताल के सामने चक्काजाम कर दिया घटना की सूचना पाकर मौके पर कैंट पुलिस पहुंची। मृतक के परिजनों की मांग थी कि लापरवाही करने वाले डॉक्टर और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाय और मुआवजे के तौर पर शासन की ओर से 20 लाख रुपए मृतक के परिवार को दिया जाए।
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मौके पर पहुंची एसीएम फोर के आश्वासन देने के बाद परिजनों ने चक्काजाम समाप्त किया। कैंट पुलिस ने इस मामले में मृतक लाल बहादुर पटेल के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। कठवतियां ग्राम में रहने वाले लालबहादुर पटेल चांदमारी स्थित एक विद्यालय में ड्राइवर थे। 20 नवंबर को घर में गिरने के कारण लालबहादुर का पैर फ्रैक्चर हो गया था। परिजनों द्वारा उन्हें दीनदयाल अस्पताल के पास स्थित कर्मचारी राज्य बीमा निगम अस्पताल में ले जाया गया।
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एक्सरे के बाद अस्पताल के डॉक्टर ने लालबहादुर को घर ले जाने की बात कही, लेकिन परिजनों ने डाक्टर से उन्हें कुछ दिन अस्पताल में रखकर इलाज करने का निवेदन किया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारियों ने लालबहादुर के एक्सरे समेत अन्य जांचों के रिपोर्ट की जानकारी उन्हें नहीं दी थी। भोर में लाल बहादुर को अचानक से तेज बुखार चढ़ने के कारण स्थिति बिगड़ गई।
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इस दौरान परिजनों ने ड्यूटी रूम में बैठे डॉक्टर और अस्पताल के कर्मचारियों के कई बार चलकर मरीज को देखने की बात कही, लेकिन सुबह 6:00 बजे तक कोई भी डॉक्टर वार्ड में नहीं आया। समय पर इलाज नहीं होने की वजह से लालबहादुर पटेल की मौत हो गई। अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों के रवैया शिक्षण मृतक के परिजनों ने अस्पताल के बाहर चक्का जाम कर दिया।