{"_id":"686172d8fbee99e9120f2156","slug":"ownership-of-mint-house-kashi-naresh-daughters-claim-rejected-by-sdm-and-naib-tehsildar-2025-06-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Varanasi News: मिंट हाउस का स्वामित्व; काशी नरेश की बेटियों का दावा एसडीएम और नायब तहसीलदार ने किया खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Varanasi News: मिंट हाउस का स्वामित्व; काशी नरेश की बेटियों का दावा एसडीएम और नायब तहसीलदार ने किया खारिज
Sun, 29 Jun 2025 10:38 PM IST
नितीश कुमार पांडेय
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
Published by: नितीश कुमार पांडेय
Updated Sun, 29 Jun 2025 10:38 PM IST
सार
काशी में राजपरिवार से जुड़े लोगों के बीच चल रहे विवाद को लेकर खबर अपडेट है और जानकारी ये मिली है कि कुंवर डाॅ. अनंत नारायण सिंह का मिंट हाउस पर स्वामित्व रहेगा। काशी नरेश की बेटियों का दावा एसडीएम और नायब तहसीलदार ने खारिज कर दिया।
विज्ञापन
कुंवर डाॅ. अनंत नारायण सिंह
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
काशी नरेश की कैंटोंमेंट स्थित मिंट हाउस प्रॉपर्टी (टकसाल) में अपना भी नाम दर्ज करने का दावा काशी नरेश की बेटियों का खारिज हो गया। रविवार को कुंवर के पावर अटॉर्नी अनिल कुमार सिंह ने प्रेसवार्ता में कहा कि कागजात के जांच के बाद एसडीएम सदर सुनीता गुप्ता ने कुंवर डाॅ. अनंत नारायण सिंह का नाम ही बतौर वारिस दर्ज रहने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि तीनों बेटियों ने मिंट हाउस प्रॉपर्टी में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नाम दर्ज करने के लिए एसडीएम कोर्ट में आवेदन किया था। इसके दावे में उन्होंने सन 1969 के पारिवारिक समझौते का हवाला दिया था। पारिवारिक समझौता रजिस्टर्ड न होने के कारण कोर्ट ने अस्वीकार कर दिया।
विज्ञापन
इससे पूर्व पुत्रियों ने नायब तहसीलदार शहर सदर के यहां भी सन 1952 का गलत बख्शीशनामा लगाकर नाम चढ़ाने के लिए दाखिल किया था, जिसे नायब तहसीलदार ने खारिज कर दिया था। इसके बाद तीनों पुत्रियों ने सदर एसडीएम सुनीता गुप्ता के कोर्ट में अपील किया था।
विज्ञापन
उन्होंने आगे कहा कि मिंट हाउस की प्रॉपर्टी पर अवैध तरीके से बस स्टैंड का संचालन किया जा रहा है। इसके खिलाफ जल्द नगर आयुक्त व पुलिस आयुक्त से मिलकर शिकायत की जाएगी। सन 2000 में ही पूर्व काशी नरेश महाराज विभूति नारायण सिंह ने वसीयतनामा में संपूर्ण संपत्ति को अपने पुत्र कुंवर डॉ. अनंत नारायण सिंह के हक में कर दिया था।