Sports News: स्टिक लहराकर सीनियर्स को दी सलामी, गिल्ली-डंडा खेल की राज्यपाल ने की सराहना; पढ़ें- अन्य खबरें
Varanasi News: पेरिस ओलंपिक में भारतीय टीम की जीत के बाद वाराणसी के खिलाड़ियों में जश्न का माहौल बन गया। युवा खिलाड़ियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से हॉकी स्टिक लहराकर खिलाड़ियों को जीत की बधाई दी। वहीं, हैंडबॉल में जूनियर खिलाड़ी नैना यादव ने जीत दर्ज की। आइए जानते हैं अन्य खबरें...
विस्तार
पेरिस ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम ने करिश्मा कर दिखाया। भारतीय खिलाड़ियों ने 52 वर्ष बाद ओलंपिक में ऑस्ट्रेलिया को 3-2 से हरा दिया। भारत के जीत दर्ज करते ही टीवी पर मैच देख रहे खिलाड़ी हॉस्टल से बाहर निकल आए। इस दौरान वंदेमातरम और भारत माता की जय का जयघोष कर जीत का जश्न मनाया।
खिलाड़ियों ने लालपुर के डॉ़ भीमराव अंबेडकर स्टेडियम के चार चक्कर लगाए। फिर एक दूसरे को गले लगाकर जश्न मनाया और बधाई दी। खिलाड़ियों ने हॉकी स्टिक को हवा में लहराकर खुशी का इजहार किया। पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी सुनील सेठ ने कहा जिस तरह से भारतीय हॉकी टीम ने एकजुट होकर आक्रमण किया। वह बहुत दिन बाद देखने को मिला।
हॉकी वाराणसी के अध्यक्ष डॉ. एके सिंह ने कहा कि क्वार्टर फाइनल में भारतीय टीम और भी बेहतर करेगी। साल 1972 म्यूनिख ओलंपिक में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 3-1 से हराया था। इस ओलंपिक में भारत ने कांस्य पदक जीता था।
नैना यादव के छह गोल से रॉयल क्लब जीता
जूनियर वर्ग की राष्ट्रीय खिलाड़ी नैना यादव के छह गोल की वजह से रॉयल क्लब ने वाराणसी हैंडबॉल क्लब को 11 गोल से हरा दिया। जिला हैंडबॉल संघ की ओर से परमानंदपुर मैदान पर लीग कम नॉकआउट का दूसरा मैच खेला गया। रॉयल क्लब ने वाराणसी हैंडबॉल क्लब को 22-13 गोल से हराकर लगातार दूसरी जीत दर्ज की।
मैच में रॉयल क्लब ने शुरू से ही आक्रामक रणनीति अपनाई। कप्तान रेशमा यादव, नैना यादव और प्रीति यादव की तिकड़ी ने लगातार हमले कर वाराणसी हैंडबॉल क्लब की गोलकीपर शेजल को व्यस्त रखा। पहले हाफ में रायल क्लब का स्कोर 11-5 रहा।
दूसरे हाफ में वाराणसी हैंडबॉल क्लब की टीम ने कम बैक किया। रितिका पटेल, रितिका और सानिया ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया, लेकिन टीम को हार से नहीं बचा सकीं।
विजेता रॉयल क्लब की ओर से नैना यादव ने छह, प्रीति यादव व रेशमा यादव ने पांच-पांच और सुमन, सताक्षी व शिवांगी ने दो-दो गोल किए। पराजित टीम की तरफ से रितिका ने चार, सानिया ने तीन व रितिका पटेल, सुषमा और शिवानी ने दो-दो गोल किये। निर्णायक की भूमिका सूर्य भान सिंह व अमित ने निभाई।
फुटबॉल : यूपी की बालिका टीम ने चंडीगढ़ को 10 गोल से हराया
कर्नाटक में खेली जा रही जूनियर गर्ल्स राष्ट्रीय फुटबॉल प्रतियोगिता में यूपी की टीम ने चंडीगढ़ की बालिका टीम को 10 गोल से हरा दिया। यूपी फुटबॉल संघ के महासचिव मोहम्मद शाहिद ने बताया कि पहले हाफ के 7वें मिनट में आंचल ने पहला गोल किया।
इसके बाद 16वें और 25वें मिनट में कोमल ने गोल कर टीम का स्कोर 3-0 पहुंचा दिया। 27वें व 29वें मिनट में आंचल ने लगातार दो गोल कर स्कोर 5-0 कर दिया। उसके बाद एक शानदार कॉर्नर किक पर हेडर से आरती ने गोल कर दिया। 35वें मिनट में कोमल ने गोल किया।
राइट आउट पोजिशन पर खेल रही शबाना ने एक थ्रू पास पर 43वें मिनट में गोल कर स्कोर 8-0 कर दिया। दूसरे हाफ के 54वें मिनट में आंचल, 70वें मिनट में खुशी राय ने गोल कर स्कोर 10-0 कर दिया। अंत तक यही स्कोर रहा।
वर्ल्ड कुश्ती चैंपियनशिप में जयवीर का चयन
कुश्ती खिलाड़ी जयवीर यादव का चयन वर्ल्ड कुश्ती चैंपियनशिप के लिए हुआ है। मूलरूप से जौनपुर के निवासी जयवीर ने वाराणसी के जंसा क्षेत्र के दद्दोपुर में नानी के यहां रहकर कुश्ती की शुरुआत की। इसके बाद पिता जय सिंह की देखरेख में कुश्ती की बारीकियां सिखीं।
गोरख यादव ने बताया कि फिलहाल जयवीर जेएसडब्ल्यू बंगलूरू में अभ्यास कर रहे हैं। उनके चयन पर यूपी कुश्ती संघ, चंदौली, बनारस और जौनपुर कुश्ती संघ ने बधाई दी है।
48 खिलाड़ियों ने लिया कलारीपयट्टू का प्रशिक्षण
रामनगर के प्रभु नारायण इंटर कॉलेज में पारंपरिक खेल कलारीपयट्टू का प्रशिक्षण शिविर संपन्न हो गया। इसमें विद्यालय के 48 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। प्रधानाचार्य प्रभास कुमार ने बताया कि माध्यमिक स्कूलों में इस साल सात नए खेल स्कूली गेम्स फेडरेशन और खेलो इंडिया का हिस्सा बने हैं।
इसे ध्यान में रख भारतीय परंपरागत खेल कलारीपयट्टू को शामिल किया गया है। रामनगर के प्रभु नारायण इंटर कॉलेज में गतका, सेपक टपरा, वॉलीबॉल, मलखंभ का अभ्यास खिलाड़ियों को कराया जा रहा है।
खेल से होगा शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक विकास
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में खेलों को स्वीकार करने का एक गहरा अर्थ है। खेल न केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक विकास के लिए भी जरूरी है।
भारतीय ज्ञान परंपरा के आलोक में खेलों पर प्रकाश डालते हुए शुक्रवार को कुलपति प्रो. शर्मा ने कहा कि पिछले सप्ताह गिल्ली डंडा का पारंपरिक खेल के रूप में आयोजन किया गया था, जिसकी सराहना कुलाधिपति एवं राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने भी की है। विभिन्न खेलों की रूपरेखा तैयार की जा रही है।
भारतीय ज्ञान परंपरा में खेलों को तीन मुख्य श्रेणियों में विभाजित किया गया है। इसमें शारीरिक खेल जैसे कि कुश्ती, मल्लयुद्ध, और घुड़सवारी। मानसिक खेल शतरंज, चौपड़, और तर्कशास्त्र और आध्यात्मिक खेल योग, ध्यान, और प्राणायाम हैं।
इनके माध्यम से व्यक्ति अपने शरीर, मन, और आत्मा को विकसित कर सकता है। खेलों के महत्व को समझने के लिए भारतीय ज्ञान परंपरा के महान ग्रंथों वेद, उपनिषद, और भगवत गीता का अध्ययन करना चाहिए। इन ग्रंथों में खेलों को जीवन का एक अभिन्न अंग माना गया है।