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वाराणसी पहुंचीं एनआरआई राज्यमंत्री का चढ़ा पारा, अफसरों की लगाई क्लास, ये था कारण

Thu, 10 Jan 2019 12:24 PM IST
utpal utpal न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी Published by: utpal utpal Updated Thu, 10 Jan 2019 12:24 PM IST
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NRI state minister swati singh angry in varanasi yhis is the reason
एनआरआई राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्वाति सिंह - फोटो : अमर उजाला
प्रवासी भारतीय दिवस की तैयारियों का निरीक्षण करने बुधवार को वाराणसी पहुंची एनआरआई राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्वाति सिंह ने काम की धीमी रफ्तार और साफ सफाई नहीं होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि इससे काशी और देश की साख प्रभावित हो सकती है। ऐसे में कमियों को तत्काल चिह्नित कर दूर कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि तैयारियों में लापरवाही का संज्ञान मुख्यमंत्री भी ले रहे हैं।
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एनआरआई राज्यमंत्री बुधवार सुबह सर्किट हाउस पहुंची और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने हस्तकला संकुल, बड़ा लालपुर स्टेडियम और ऐढ़े टेंट सिटी में आयोजनों पर विस्तार से चर्चा की। डीएम की ओर से नियुक्त नोडल अधिकारियों की कार्ययोजना और जिम्मेदारी पर बात की।
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इसके बाद उन्होंने आयोजन स्थलों का निरीक्षण किया। भोजूबीर सिंधोरा मार्ग पर दोनों तरफ खुदाई और गंदगी पर नाराजगी जताई और हस्तकला संकुल में काम होता देख वे भड़क गईं। उन्होंने अधिकारियों से कहा- क्या 20 जनवरी तक होता रहेगा। यह काम तो बहुत पहले हो जाना चाहिए था।
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टेंट सिटी और स्टेडियम के काम पर भी उन्होंने असंतोष जताया। चेतावनी दी कि यह लापरवाही है, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई भी होगी। इस दौरान एनआरआई विभाग के साथ स्थानीय अधिकारी भी मौजूद रहे।

15 जनवरी तक काम पूरा करने की समयसीमा
राज्यमंत्री ने प्रवासी सम्मेलन से जुड़े कामों को पूरा करने के लिए 15 जनवरी की समयसीमा तय की है। उन्होंने कहा कि इसके बाद फिनिशिंग और खामियों को चिह्नित कर उन्हें ठीक करने का काम किया जाए। इसके लिए कार्यदायी संस्थाओं को मैन पॉवर बढ़ाने के साथ ही रात में भी काम करने का निर्देश दिया।

 

‘मुस्कुराएं और कहें आपका स्वागत है’

 प्रवासी भारतीय सम्मेलन में आने वाले मेहमानों के लिए नियुक्त किए गए लाइजनिंग ऑफिसर्स को जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बुधवार को कमिश्नरी सभागार में प्रशिक्षण दिया। कहा- मुस्कुराकर अतिथियों का स्वागत करें।

डीएम ने कहा- चेहरे के हाव भाव और बातचीत ही मेहमानों को काशी की पहली झलक दिखाएगी। विदेशी मेहमानों के वाराणसी प्रवास के अनुभव और यादें आपकी लाइजनिंग पर निर्भर रहेंगी। ऐसे में ‘अतिथि देवो का भव:’ की भावना प्रदर्शित करें। ट्रेनिंग में निर्देश दिया कि एयरपोर्ट से लेकर आयोजन पूरा होने तक अलर्ट रहें।

उन्होंने बताया कि लाइजनिंग की तीन दिवसीय फाइनल ट्रेनिंग विदेश मंत्रालय द्वारा जल्द ही दी जाएगी। समय का पालन तत्परता से करने के साथ ही लाइजनिंग अधिकारी अपने परिधान ठीक ढंग से पहनें। इस दौरान लाइजनिंग अधिकारियों को कार्यक्रम की पूरी जानकारी भी दी गई। 

टेंट सिटी में बसों का हुआ ट्रायल
प्रवासी सम्मेलन में आने वाले मेहमानों के लिए सुविधाओं का ट्रायल भी शुरू कर दिया गया है। बुधवार को टेंट सिटी से लेकर हस्तकला संकुल तक बसों और अन्य वाहनों का ट्रायल किया गया। इस दौरान आरटीओ आरपी द्विवेदी और एसपी ट्रैफिक सुरेश चंद्र रावत मौजूद रहे।

बीएचयू में लोक संस्कृति की झलक देखेंगे प्रवासी भारतीय

युवा प्रवासी भारतीय दिवस के तहत बीएचयू में आने वाले प्रवासी भारतीयों को लोक नृत्य और संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। परिसर में जिधर से उनका काफिला गुजरेगा, उन चौराहों पर संगीत एवं मंच कला संकाय के छात्र-छात्राएं विभिन्न अंचलों के नृत्य की प्रस्तुति देंगे। 

केंद्रीय कार्यालय में बुधवार को कुलपति प्रो. राकेश भटनागर की अध्यक्षता में हुई बैठक में 21 जनवरी शाम 3.30 बजे से 7 बजे तक होने वाले कार्यक्रमों पर चर्चा की गई। स्वतंत्रता भवन में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, महामना पंडित मदन मोहन मालवीय के व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रदर्शनी लगाने का निर्णय लिया गया। परिसर में सजावट होगी और होर्डिंग्स भी लगाए जाएंगे। कल्चरल कमेटी के संयोजक और संगीत एवं मंच कला संकाय प्रमुख प्रो. राजेश शाह ने बताया कि स्वतंत्रता भवन पहुंचने पर शहनाई वादन और नृत्य के साथ अतिथियों का स्वागत होगा। 

इसके बाद इंटरेक्शन प्रोगाम होगा। फिर लोकगीत खासकर कजरी, होरी, चैती और वाद्य यंत्र, सितार, वायलिन, मृदंगम, बांसुरी के साथ भरतनाट्यम एवं कथक की जुगलबंदी प्रस्तुत की जाएगी। कथक में ठुमरी तराने पर भाव नृत्य की प्रस्तुति होगी।

 कार्यक्रम में 700 प्रवासी भारतीयों के साथ ही नेहरू युवा केंद्र, राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों के साथ ही करीब 1500 लोग शामिल होंगे। बैठक में विदेश मंत्रालय और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ विश्वविद्यालय के रेक्टर प्रो. वीके शुक्ला, अंतरराष्ट्रीय केंद्र के चेयरमैन प्रो. एचबी श्रीवास्तव आदि अधिकारी मौजूद रहे।
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