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अब रोडवेज में भी एसी वेटिंग हाॅल
अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी
Updated Fri, 20 Mar 2015 02:30 AM IST
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भारत-नेपाल मैत्री बस सेवा समेत अन्य वातानुकूलित बसों से सफर करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। एसी बसों के सफर को और सुहाना बनाने के लिए परिवहन निगम ने वाराणसी, आजमगढ़ और गोरखपुर में यात्रियों के लिए वातानुकूलित वेटिंग हाॅल बनाने की योजना तैयार की है। एसी वेटिंग हाॅल बनने के बाद एसी बस यात्रियों को बसों के इंतजार में इधर-उधर परेशान नहीं होना पड़ेगा।
इस वेटिंग हाल में 50 लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी। रोडवेज के अधिकारियों ने शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। इसके जल्द मंजूर होने की संभावना जताई जा रही है। तीन मार्च को सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने वाराणसी पुलिस लाइन से भारत-नेपाल मैत्री बस सेवा का शुभारंभ किया था।
वाराणसी रोडवेज से एक वातानुकूलित बस रोजाना रात साढ़े दस बजे आजमगढ़, गोरखपुर, सोनौली होते हुए काठमांडू जाती है। इससे वाराणसी समेत पूर्वांचल के लोग नेपाल की यात्रा करते हैं। आमतौर पर बस पकड़ने के लिए लोग एक घंटे पहले ही बस स्टेशन पर पहुंच जाते हैं। रोडवेज बस स्टेशन पर यात्रियों के बैठने के लिए पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण उन्हें परेशान होना पड़ता है।
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वहीं रोडवेज का अपना कोई रेस्टोरेंट भी नहीं है। ऐसे में नेपाल जाने वाले बस यात्री नजदीक के रेस्टोरेंट पर बैठकर बसों का इंतजार करते हैं। यात्रियों की परेशानी को देखते हुए रोडवेज अधिकारियों ने वाराणसी, आजमगढ़ और गोरखपुर में वेटिंग हाल बनाने की योजना तैयार की है। मैत्री बस के अलावा तीन अन्य एसी बसें भी कैंट से संचालित की जाती हैं। ये बसें यहां से जौनपुर, सुल्तानपुर होते हुए लखनऊ जाती हैं।
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इस वेटिंग हाल में 50 लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी। रोडवेज के अधिकारियों ने शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। इसके जल्द मंजूर होने की संभावना जताई जा रही है। तीन मार्च को सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने वाराणसी पुलिस लाइन से भारत-नेपाल मैत्री बस सेवा का शुभारंभ किया था।
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वाराणसी रोडवेज से एक वातानुकूलित बस रोजाना रात साढ़े दस बजे आजमगढ़, गोरखपुर, सोनौली होते हुए काठमांडू जाती है। इससे वाराणसी समेत पूर्वांचल के लोग नेपाल की यात्रा करते हैं। आमतौर पर बस पकड़ने के लिए लोग एक घंटे पहले ही बस स्टेशन पर पहुंच जाते हैं। रोडवेज बस स्टेशन पर यात्रियों के बैठने के लिए पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण उन्हें परेशान होना पड़ता है।
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वहीं रोडवेज का अपना कोई रेस्टोरेंट भी नहीं है। ऐसे में नेपाल जाने वाले बस यात्री नजदीक के रेस्टोरेंट पर बैठकर बसों का इंतजार करते हैं। यात्रियों की परेशानी को देखते हुए रोडवेज अधिकारियों ने वाराणसी, आजमगढ़ और गोरखपुर में वेटिंग हाल बनाने की योजना तैयार की है। मैत्री बस के अलावा तीन अन्य एसी बसें भी कैंट से संचालित की जाती हैं। ये बसें यहां से जौनपुर, सुल्तानपुर होते हुए लखनऊ जाती हैं।