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गंगा में शवों को बहाने पर एक्शन में नमामि गंगे, निगरानी और कार्रवाई की 14 दिनों में मांगी रिपोर्ट
Wed, 12 May 2021 10:31 PM IST
उत्पल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Wed, 12 May 2021 10:31 PM IST
सार
गंगा नदी में उत्तर प्रदेश के बलिया, गाजीपुर और बिहार के बक्सर में शवों के मिलने के बाद एक तरफ जहां प्रशासनिक अमला हरकत में आया तो वहीं नमामि गंगे (एनएमसीजी) ने सख्त रवैया अख्तियार किया है। एनएमसीजी ने जिला गंगा रक्षा समितियों को सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
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गंगा नदी में बलिया, गाजीपुर और बिहार के बक्सर में कई शव मिले
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गंगा नदी में उत्तर प्रदेश के बलिया, गाजीपुर और बिहार के बक्सर में शवों के मिलने के बाद एक तरफ जहां प्रशासनिक अमला हरकत में आया तो वहीं नमामि गंगे (एनएमसीजी) ने सख्त रवैया अख्तियार किया है। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) के डायरेक्टर जनरल राजीव रंजन मिश्र ने जिला गंगा रक्षा समितियों को सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही 14 दिनों में पूरी रिपोर्ट भी तलब की है।
डायरेक्टर जनरल ने गंगा बेसिन की सभी जिला गंगा समितियों को तत्काल प्रभाव से गंगा में शव फेंकने पर रोक लगाने का निर्देश दिया है। साथ ही शवों का विधि-विधान से अंतिम संस्कार कराया जाए। इसमें अगर किसी भी तरह के फंड की जरूरत है तो राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन इसकी जिम्मेदारी उठाएगा।
साथ ही सभी समितियों को गंगा बेसिन के तटवर्ती इलाकों में निगरानी व सख्ती बढ़ाने के निर्देश दिए हैं,साथ ही शव बहाने पर रोक लगाने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए जाएं और कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट 14 दिनों में एनएमसीजी को भी भेजी जाए।
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उन्होंने बताया कि गंगा में शवों को बहाने से न केवल प्रदूषण फैलेगा, बल्कि कम्युनिटी संक्रमण के फैलने का भी खतरा बना रहेगा। बता दें कि गाजीपुर और बक्सर में गंगा में शव मिलने से हड़कंप मचा हुआ है। स्थानीय प्रशासन ने शवों का अंतिम संस्कार कराया।
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डायरेक्टर जनरल ने गंगा बेसिन की सभी जिला गंगा समितियों को तत्काल प्रभाव से गंगा में शव फेंकने पर रोक लगाने का निर्देश दिया है। साथ ही शवों का विधि-विधान से अंतिम संस्कार कराया जाए। इसमें अगर किसी भी तरह के फंड की जरूरत है तो राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन इसकी जिम्मेदारी उठाएगा।
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साथ ही सभी समितियों को गंगा बेसिन के तटवर्ती इलाकों में निगरानी व सख्ती बढ़ाने के निर्देश दिए हैं,साथ ही शव बहाने पर रोक लगाने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए जाएं और कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट 14 दिनों में एनएमसीजी को भी भेजी जाए।
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उन्होंने बताया कि गंगा में शवों को बहाने से न केवल प्रदूषण फैलेगा, बल्कि कम्युनिटी संक्रमण के फैलने का भी खतरा बना रहेगा। बता दें कि गाजीपुर और बक्सर में गंगा में शव मिलने से हड़कंप मचा हुआ है। स्थानीय प्रशासन ने शवों का अंतिम संस्कार कराया।
गंगा में लाशों को बहाना गलत
बीएचयू के नदी विज्ञानी प्रो. बीडी त्रिपाठी ने बताया कि गाजीपुर और बक्सर में गंगा नदी में शव मिले हैं। कुछ लोगों ने यह कहा कि बनारस से शव गंगा में बहाए गए हैं लेकिन यह निराधार है। वाराणसी से गाजीपुर तक गंगा के बीच की दूरी 120 और बक्सर की 250 किलोमीटर के लगभग है। वाराणसी में गंगा में बहुत से टर्निंग प्वाइंट हैं अगर कोई भी शव गंगा में बहाया जाएगा तो वह किनारे लग जाएगा।
ऐसे में गंगा से लाशों का इतनी दूर तक बहकर जाना असंभव है। कोरोना महामारी का काल है ऐसे में आशंका है कि जो भी शव गंगा में बहाए गए हैं कोरोना संक्रमित होंगे। पानी में कोरोना संक्रमितों का शव बहाने से कोरोना का फैलाव काफी तेजी से होगा। ऐसी स्थिति में लोगों से अपील है कि जिस इलाके में शव मिले हैं वहां के लोग गंगास्नान और गंगाजल का इस्तेमाल करना बंद कर दें। इससे कोरोना संक्रमण का खतरा हो सकता है।