नितेश सिंह हत्याकांड: CBCID को फिर से विवेचना का आदेश, नए सिरे से जांच; दो महीने में पेश करनी है रिपोर्ट
Varanasi News: चंदौली के धानापुर थाना क्षेत्र के ओदरा गांव के मूल निवासी नितेश आशापुर में रहता था। पिता वन विभाग में रेंजर थे। बबलू की वन विभाग में ठेकेदारी चलती थी। गाजीपुर-वाराणसी, सोनभद्र रूट पर सहेली नाम से बसें भी चलती थीं। वरुणा पार क्षेत्र में नितेश सिंह बबलू का हनक था।
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CB CID UP: मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार की अदालत ने सारनाथ थाने के हिस्ट्रीशीटर और बस संचालक नितेश सिंह बबलू हत्याकांड की फिर से विवेचना का आदेश दिया है। अदालत ने सीबीसीआईडी से दो महीने के अंदर विवेचना कराकर आख्या कोर्ट में पेश करने को कहा है।
इस आदेश के बाद से हत्याकांड से जुड़े लोगों की मुश्किलें फिर बढ़ेंगी। नितेश के भाई अकलेश कुमार सिंह के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई हुई। हत्याकांड में पूर्वांचल के एक बाहुबली पूर्व सांसद, सत्ता पक्ष के विधायक और आजमगढ़ के सफेदपोश का नाम सामने आया था, लेकिन जांच आगे नहीं बढ़ सकी थी।
शिवपुर सदर तहसील के सामने बुलेट प्रूफ एसयूवी में सवार होने के दौरान ही शूटरों ने अंधाधुंध फायरिंग कर बबलू की हत्या कर दी थी। तीन साल से अधिक समय बीत चुका, लेकिन बबलू हत्याकांड में अब तक वाराणसी पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। यही कारण रहा कि हाईकोर्ट ने केस की जांच सीबीसीआईडी को सौंप दी।
मुख्य शूटर डेढ़ साल बाद लखनऊ में हुआ था ढेर
30 सितंबर 2019 की दोपहर सदर तहसील से कामकाज निपटा कर नितेश अपने बुलेट प्रूफ वाहन में बैठने ही जा रहे थे कि तभी उन पर शूटर गिरधारी और साथियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर हत्या कर दी थी। नितेश को छह गोलियां लगी थीं। दोनों बदमाश आसानी से भाग निकले थे।
अत्याधुनिक लाइसेंसी असलहे से लैस रहने वाले बबलू को शूटरों ने संभलने का मौका तक नहीं दिया था। उस समय पुलिस की तफ्तीश में सामने आया था कि पूर्वांचल के एक पूर्व बाहुबली सांसद के करीबी चोलापुर के रहने वाले शूटर कन्हैया विश्वकर्मा उर्फ डॉक्टर उर्फ गिरधारी ने चार साथियों के साथ फायरिंग की थी।
नीतेश और मऊ के गोहना पूर्व ब्लॉक प्रमुख अजीत सिंह हत्याकांड में मुख्य शूटर रहा गिरधारी 15 फरवरी 2021 को लखनऊ में पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में मारा गया था। गिरधारी पर वाराणसी पुलिस ने एक लाख का इनाम घोषित किया था। आजमगढ़ के एक सफेदपोश के शिवपुर के फ्लैट में गिरधारी रुका था।