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सीएचसी पर समय से नहीं पहुंचे डॉक्टर, बालिका की हुई मौत, नाराज ग्रामीणों ने किया हंगामा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Fri, 08 Jun 2018 11:14 PM IST
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यूपी के मिर्जापुर में सीएचसी पर डॉक्टरों के समय से नहीं पहुंचने के कारण शुक्रवार को डायरिया पीड़ित नौ वर्षीय बालिका की उपचार के अभाव में मौत हो गई। इससे नाराज ग्रामीणों ने स्वास्थ्य केंद्र पर हंगामा किया।
जमालपुर के बहुआर गांव निवासी रसीद डायरिया पीड़ित बेटी सैमा (9) को लेकर शुक्रवार की सुबह आठ बजे सीएचसी जमालपुर पहुंचा। उस दौरान वहां कोई डॉक्टर नहीं थे। कर्मचारियों ने कहा कि डॉक्टर के आने के बाद ही इलाज हो पाएगा।
इसके बाद हरदी सहजनी के प्रधान नरसिंह चौहान ने डॉक्टर को सूचना दी। आरोप है कि जब डॉक्टर पहुंचे तब तक बालिका दम तोड़ चुकी थी। इससे नाराज परिजन और ग्रामीणों ने हंगामा किया।
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ग्रामीणों का आरोप है कि डाक्टर अस्पताल समय से नहीं पहुंचते हैं। रोगियों और तीमारदारों से अच्छा व्यवहार नहीं किया जाता है। दवाएं भी बाहर की लिखी जाती हैं। मामले की चुनार विधायक अनुराग सिंह ने जांच की मांग की है।
सीएचसी जमालपुर के प्रभारी चिकित्साधिकारी राजन सिंह का कहना है कि बालिका की मौत पहले हो चुकी थी। मौत के बाद बालिका को स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था। बालिका को देखते ही मृत घोषित कर दिया गया। सीएमओ डा. ओपी तिवारी के अनुसार मामले की जांच कराई जाएगी। अगर इसमें कोई दोषी पाया गया तो उसके विरुद्घ कार्रवाई होगी।
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जमालपुर के बहुआर गांव निवासी रसीद डायरिया पीड़ित बेटी सैमा (9) को लेकर शुक्रवार की सुबह आठ बजे सीएचसी जमालपुर पहुंचा। उस दौरान वहां कोई डॉक्टर नहीं थे। कर्मचारियों ने कहा कि डॉक्टर के आने के बाद ही इलाज हो पाएगा।
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इसके बाद हरदी सहजनी के प्रधान नरसिंह चौहान ने डॉक्टर को सूचना दी। आरोप है कि जब डॉक्टर पहुंचे तब तक बालिका दम तोड़ चुकी थी। इससे नाराज परिजन और ग्रामीणों ने हंगामा किया।
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ग्रामीणों का आरोप है कि डाक्टर अस्पताल समय से नहीं पहुंचते हैं। रोगियों और तीमारदारों से अच्छा व्यवहार नहीं किया जाता है। दवाएं भी बाहर की लिखी जाती हैं। मामले की चुनार विधायक अनुराग सिंह ने जांच की मांग की है।
सीएचसी जमालपुर के प्रभारी चिकित्साधिकारी राजन सिंह का कहना है कि बालिका की मौत पहले हो चुकी थी। मौत के बाद बालिका को स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था। बालिका को देखते ही मृत घोषित कर दिया गया। सीएमओ डा. ओपी तिवारी के अनुसार मामले की जांच कराई जाएगी। अगर इसमें कोई दोषी पाया गया तो उसके विरुद्घ कार्रवाई होगी।