नीलगिरी इंफ्रासिटी मामला: धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराने के लिए कुवैत दूतावास से पुलिस कमिश्नर को आया मेल
नीलगिरी इंफ्रासिटी के सीएमडी अन्य सहयोगियों के खिलाफ वाराणसी में दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं। बुधवार को कुवैत में रहने वाली महिला ने भी धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करने के लिए पुलिस आयुक्त को मेल भेजा है।
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कुवैत में रहने वाली अफरोज ने मेल भेजकर पुलिस आयुक्त से मांग किया कि नीलगिरी इंफ्रासिटी के सीएमडी विकास सिंह और एमडी ऋतु सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया जाए। पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने बताया कि कुवैत दूतावास से आए मेल पर अफरोज की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
पड़ताल के बाद जमीन में करे निवेश: पुलिस आयुक्त
पुलिस आयुक्त ए सतीण गणेश ने शहर वासियों से अपील किया कि जमीन में निवेश करने से पहले पूरी पड़ताल कर लें। जिस कालोनाइजर और कंपनी से जमीन रजिस्ट्री कराने वाले हैं उसके बारे में जानकारी जरूर करें। कचहरी में जमीन की पड़ताल अवश्य कराएं। जमीन या मकान खरीदते वक्त जल्दबाजी न कतई न करें। प्रलोभन देने वाले बिल्डर और कालोनाइजर सचेत रहें और यदि कोई बिल्डर या कालोनाइजर परेशान कर रहा हो या दबाव बना रहा हो तो संबंधित थाने में शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं।
दो दिन में नीलगिरी इंफ्रासिटी पर 22 मुकदमे
नीलगिरी इंफ्रासिटी के खिलाफ मंगलवार रात तक धोखाधड़ी के सात और मुकदमे चेतगंज थाने में दर्ज हुए। दो दिन में कुल 22 मुकदमे दर्ज हुए हैं। इस दौरान कई पीड़ितों ने सीएमडी-एमडी की कारगुजारियों की पुलिस को जानकारी दी।
चेतगंज थाने में नीलगिरी कंपनी के मालिकों पर मुकदमा दर्ज कराने वाले झारखंड के गिरीडीह घुटवाली डूंगरी निवासी पप्पू कुमार महतो का आरोप है कि लुभावने ऑफर देकर लोगों को ठगा जाता था। नीलगिरी इंफ्रासिटी के गोल्डन स्काई टूर एंड ट्रैवल्स प्राइवेट लिमिटेड में 52,500 रुपये का निवेश किया था।
विकास और ऋतु ने कहा था कि अगले 60 हफ्ते तक प्रति हफ्ते 1000 रुपये मिलेंगे। कुछ हफ्ते तक जीएसटी काटकर उन्हें 900 रुपये मिले। इसके बाद पैसा नहीं मिला। कंपनी के कार्यालय पर पैसे की मांग करने आए तो विकास व ऋतु ने धमकी देकर भगा दिया।
पीड़ित पप्पू के अनुसार ऐसे ही उनके साथ के कई लोगों को ठगा गया। मंगलवार को सीएमडी-एमडी दंपती विकास और ऋतु सहित उसके प्रबंधक को जेल भेज दिया गया। पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने बताया कि नीलगिरी पर दर्ज दो दर्जन मुकदमों का ब्यौरा ईडी को भेजा जा रहा है। प्रकरण की प्रभावी जांच के लिए एसआईटी भी गठित की जाएगी।