बेहतर इमरजेंसी सर्विस की बनेगी नई गाइडलाइन: अस्पतालों में मरीजों को मिलेगी राहत, बीएचयू में 11-12 को अहम बैठक
आईएमएस बीएचयू में 11 और 12 सितंबर को इमरजेंसी सेवाओं को बेहतर बनाने को लेकर अहम बैठक होगी। इसमें स्वास्थ्य मंत्रालय, नीति आयोग सहित देश के प्रमुख विशेषज्ञ शामिल होंगे। बैठक में अस्पतालों में आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को प्रभावी बनाने, मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने और सेवाओं में सुधार के लिए नई गाइडलाइन तैयार करने पर मंथन किया जाएगा।
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अस्पतालों में इमरजेंसी सर्विस को पहले से और बेहतर बनाने की दिशा में जल्द ही एक नई गाइडलाइन जारी करने की तैयारी है। इसके लिए बीएचयू में दो दिन तक एक अहम बैठक 11 और 12 सितंबर को होगी। हाइब्रिड (ऑफलाइन-ऑनलाइन) मोड में होने वाली इस बैठक में स्वास्थ्य मंत्रालय, नीति आयोग, डब्ल्यूएचओ सहित स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े कई विशेषज्ञ शामिल होंगे। इस बैठक में इमरजेंसी के साथ ही क्रिटिकल केयर वाले मरीजों के बेहतर इलाज को लेकर कई बिंदुओं पर मंथन किया जाएगा।
आईएमएस बीएचयू में 13 सितंबर तक इमरजेंसी मेडिसिन इंडिया (ईएमइंडिया) विषय पर कार्यशाला 9 सितंबर से शुरू हो गई। इमरजेंसी और क्रिटिकल केयर को बेहतर करने के उद्देश्य से पांच दिन तक अलग-अलग सत्रों में कई कार्यक्रम होंगे। 11-12 को जो बैठक होनी है, उसमें इमरजेंसी क्रिटिकल केयर एंड ऑपरेटिव (इको मॉडल) मॉडल को कैसे व्यवस्थित किया जाएगा, इस पर विशेषज्ञ मंथन करेंगे।
आयोजन सचिव प्रो. बिक्रम गुप्ता का कहना है कि इस बैठक में अस्पतालों में इमरजेंसी सर्विस से जुड़े सभी बिंदुओं पर चर्चा की जाएगी। डब्ल्यूएचओ इको मॉडल के साउथ ईस्ट एशिया रीजन के निदेशक और एम्स नई दिल्ली में इमरजेंसी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. संजीव भोई की मौजूदगी में बैठक होगी। पूरे साउथ ईस्ट एशिया में इमरजेंसी सर्विस को बेहतर कैसे बनाया जाए इस पर मंथन होगा। हर मेडिकल कॉलेज में इमरजेंसी मेडिसिन विभाग बनाया जाना है, उसका क्या स्ट्रक्चर होगा। इमरजेंसी क्रिटिकल केयर की कैसे व्यवस्था किया जाए। इसको भी बैठक के बिंदुओं में रखा गया है।
पहले दिन आयोजित हुआ स्किल मेला
आईएमएस बीएचयू में ईएम इंडिया 2026 का बुधवार को शुभारंभ आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रो.एसएन संखवार ने किया। पहले दिन 'स्किल मेला' का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों के बीच आवश्यक आपातकालीन एवं जीवनरक्षक कौशलों को सुदृढ़ करना था।
ट्रॉमा सेंटर परिसर स्थित सभागार में लगे स्किल मेला में न्यूरोलॉजिकल इमरजेंसी, कार्डियक इमरजेंसी, बेसिक कार्डियोपल्मोनरी लाइफ सपोर्ट (बीसीएलएस), एडवांस्ड कार्डियक लाइफ सपोर्ट (एसीएलएस), पीडियाट्रिक एवं नियोनेटल रिससिटेशन, ट्रॉमा मैनेजमेंट तथा पॉइंट-ऑफ-केयर अल्ट्रासाउंड सहित अनेक महत्वपूर्ण आपातकालीन कौशलों पर प्रशिक्षण दिया गया।