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नीट फर्जीवाड़ा: फरार आरोपी त्रिपुरा से गिरफ्तार, बेटे को सॉल्वर गैंग के जरिये बनाना चाहता था डॉक्टर

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Wed, 17 Nov 2021 04:16 PM IST

सार

झांसी के रहने वाले अभ्यर्थी के पिता ने वाराणसी के सारनाथ थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। जिस पर तलाश कर रही थी। आरोपी अपने सॉल्वर को परीक्षार्थी की जगह बैठाकर परीक्षा दिलाता था।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

नीट सॉल्वर गैंग पर वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। नीट सॉल्वर गैंग में कमिश्नरेट पुलिस ने एक और आरोपी तपन साहा को त्रिपुरा से गिरफ्तार किया। बुधवार को पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया।



पुलिस के मुताबिक तपन साहा ने 20 हजार इनामी मृत्युंजय देवनाथ के माध्यम से अपने पुत्र की जगह सॉल्वर से परीक्षा दिलवाई थी। अब तक कमिश्नरेट पुलिस ने इस प्रकरण में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया।  शिव नगर, मॉडर्न कला के पास, अगरतला, वेस्ट त्रिपुरा निवासी तपन ने अपने पुत्र तमाल साहा का एमबीबीएस में एडमिशन के लिए सॉल्वर गैंग का सहारा लिया था।


25 लाख रुपये में तय था सौदा
इसके लिए त्रिपुरा के रहने वाले मृत्युंजय देवनाथ से तपन साहा ने मुलाकात की थी। एडवांस के तौर पर 50 हजार रुपये  दिए थे और काम होने के बाद 25 लाख रुपये और देने थे। पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने बताया कि तफ्तीश में सामने आया कि सॉल्वर गैंग का जाल उत्तर प्रदेश, बिहार, कर्नाटक व त्रिपुरा तक फैला हुआ है।
पढ़ेंः वाराणसी में दरोगा भर्ती परीक्षा में पकड़ा गया सॉल्वर, पुलिस की पूछताछ में किया बड़ा खुलासा

त्रिपुरा के रहने परीक्षर्थियों ने लिया सॉल्वर का सहारा

त्रिपुरा के रहने वाले सबसे अधिक परीक्षर्थियों ने सॉल्वर का सहारा लिया था। सारनाथ थाने में सोमवार को झांसी के रहने वाले वीरेंद्र ने अपने बेटे के साथ हुए धोखाधड़ी के मामले में मुकदमा दर्ज कराया था। तफ्तीश में सामने आया कि मृत्युंजय देवनाथ और लखनऊ कैसरबाग निवासी डॉ. अफरोज ने सॉल्वर सेट किया था।

कमिश्नरेट पुलिस ने दोनों के ऊपर 20-20 हजार का इनाम घोषित किया है। इसी तफ्तीश में पुलिस टीम लगी हुई थी कि मृत्युंजय देवनाथ के संपर्क में आए त्रिपुरा के तपन साहा को गिरफ्तार किया गया। वहीं सॉल्वर गैंग के मास्टरमाइंड पटना निवासी निलेश कुमार उर्फ पीके, हामिद रजा, डॉ. अफरोज, आशुतोष, मृत्युंजय देवनाथ, दिव्य ज्योति की तलाश में पुलिस टीमें दबिश दे रही है। मास्टरमाइंड निलेश कुमार उर्फ पीके के खिलाफ कोर्ट ने गैर जमानती वारंट भी जारी कर रखा है।

छह आरोपी पहले से ही जेल में है बंद

12 सितंबर को सारनाथ स्थित केंद्र से पुलिस ने सॉल्वर गैंग की सदस्य और बीएचयू की बीडीएस छात्रा जूली कुमारी को पकड़ा और उसी केंद्र से जूली की मां बबिता कुमारी भी गिरफ्तार हुई थी। दोनों से पूछताछ के आधार पर गैंग के मुख्य सदस्य केजीएमयू कालेज के छात्र ओसामा शाहिद, बिहार के खगड़िया निवासी विकास महतो, जूली के भाई अभय प्रताप और साइबर कैफे संचालक राजू कुमार को गिरफ्तार किया गया। यह सभी चौकाघाट स्थित जिला जेल में निरुद्ध है।
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