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Navratri 2025: विंध्य धाम में भक्तों का उमड़ा हुजूम, माता के जयकारे से गूंज उठा मंदिर परिसर
Tue, 01 Apr 2025 12:35 PM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Tue, 01 Apr 2025 12:35 PM IST
सार
Navratri 2025 : नवरात्रि के तीसरे दिन माता विंध्यवासिनी के दरबार में भक्तों की भीड़ सुबह से उमड़ी रही। श्रद्धालुओं ने लाइन में खड़े होकर अपनी बारी आने पर मां का दर्शन किया।
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विंध्याचल धाम में दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
विंध्याचल में चल रहे चैत्र नवरात्र मेले की तृतीया तिथि पर विंध्य धाम में भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा। देवी धाम पहुंचकर श्रद्धालुओं ने आदिशक्ति का दर्शन कर मंगल कामना की। विंध्य की गलियों में भोर से ही भक्तों का रेला लगा रहा। माता की एक झलक पाने के लिए श्रद्धालु लालायित नजर आए। मंदिर में मां के दिव्य स्वरूप का दर्शन कर देवी भक्त निहाल हो उठे।
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विंध्याचल दरबार में चैत्र नवरात्र की तृतीया तिथि दिन मंगलवार को भक्तों का तांता लगा रहा। घंटों कतार में खड़े रहने के बाद मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं ने मत्था टेक कर मां का आशीर्वाद प्राप्त किया। विंध्य की गलियां भोर से ही मां के जयकारे से गूंजते रहे।
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जगत जननी के दिव्य मंगला आरती से शुरू हुआ। इसके बाद दर्शन पूजन का सिलसिला निरंतर चलता रहा। हाथ में नारियल, गुड़हल की माला और भोग प्रसाद लेकर भक्त मंदिर पहुंचे। भोग प्रसाद अर्पित करने के बाद भक्तों ने माता से परिवार की सुख समृद्धि के साथ ही आत्म शक्ति और सफलता का आशीष भी मांगा।
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मंदिर की छत पर जहां साधक विधि-विधान पूर्वक साधना करने में जुटे रहे वहीं दूसरी ओर अष्टभुजा पहाड़ पर श्रद्धालु त्रिकोण परिक्रमा कर पुण्य कमाया। नवरात्र के तीसरे दिन मंदिर के गुंबद का परिक्रमा करने के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। देवी दरबार पहुंचे श्रद्धालुओं ने बड़े श्रद्धा भाव से शीश नवाया। माता की जयकार से पूरा विंध्याचल मंदिर परिसर भक्ति रस में सराबोर नजर आ रहा था।
माता का दर्शन पूजन करने के उपरांत भक्तों ने त्रिकोण परिक्रमा करने के साथ ही महाकाली और मां अष्टभुजी देवी के दरबार में शीश नवाकर मंगल कामना की। तृतीया तिथि पर श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन की तरफ से पुख्ता इंतजाम कराए गए थे, जिससे देवी भक्तों को माता के दर्शन पूजन करने में किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े भीड़ को नियंत्रित करने के लिए श्री विंध्य पंडा समाज अध्यक्ष पंकज द्विवेदी सहित समाज के पदाधिकारी एवं सदस्यगण सहित पुलिस प्रशासन स्काउट गाइड तत्पर रहें।
माता का दर्शन पूजन करने के उपरांत भक्तों ने त्रिकोण परिक्रमा करने के साथ ही महाकाली और मां अष्टभुजी देवी के दरबार में शीश नवाकर मंगल कामना की। तृतीया तिथि पर श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन की तरफ से पुख्ता इंतजाम कराए गए थे, जिससे देवी भक्तों को माता के दर्शन पूजन करने में किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े भीड़ को नियंत्रित करने के लिए श्री विंध्य पंडा समाज अध्यक्ष पंकज द्विवेदी सहित समाज के पदाधिकारी एवं सदस्यगण सहित पुलिस प्रशासन स्काउट गाइड तत्पर रहें।