नेशनल वॉलीबॉल गेम: 200 खिलाड़ियों की औसत लंबाई 6.5 फीट, कई राज्यों से आए प्रतिभागी; पीएम को था पहला न्योता
Varanasi News: बनारस में आयोजित होने वाले सीनियर नेशनल वॉलीबॉल गेम में खिलाड़ी अपना दमखम दिखाएंगे। इसकी तैयारियां काफी दिन से चल रही थीं। शहर भर में पोस्टर लगा दिए गए हैं। इसका पहला निमंत्रण प्रधानमंत्री मोदी के पास गया था।
विस्तार
National Volleyball Game in Varanasi: काशी में हो रहे 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल गेम में देश के अलग-अलग राज्यों से आए प्रतिभागियों में 200 खिलाड़ी ऐसे हैं जिनकी औसत हाइट लगभग सात फीट है। सर्वाधिक औसत हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ और केरल के खिलाड़ियों की है। टीम में ऊंचे कद के खिलाड़ियों का चयन करना पहली प्राथमिकता होती है।
क्योंकि ये खिलाड़ी गेम के दौरान यूनिविर्सल, अटैकर, सैटर, सेंटर ब्लॉकर और नेट के करीब ज्यादा तेज हिट कर सकते हैं। इस पर यूपी टीम के कोच और राष्ट्रीय शिक्षा संस्थान ग्वालियर में बायोमैकेनिकल खेल विभाग में कार्यरत डॉ. अमर कुमार ने बताया कि वॉलीबॉल में ऊंचे कद का खिलाड़ी ब्लॉक करने और रिएक्शन देने में कम ऊंचाई के खिलाड़ियों से कहीं ज्यादा बेहतर होता है।
सबसे ज्यादा हाइट सेंटर ब्लॉकर की होती है। इसके बाद यूनिविर्सल, अटैकर, सैटर और सबसे कम हाइट का खिलाड़ी लिब्रो की होती है। लिब्रो की कम हाइट इसलिए, क्याोंकि वे जमीन के जितना करीब होंगे उतना ही तेज एक्शन होगा।
खिलाड़ी दिखाएंगे दम
टीम मैनेजर संजीव राणा ने बताया कि वॉलीबॉल में ऊंचे कद का खिलाड़ी नेट के ऊपर से स्पाइक और ब्लॉक आसानी से कर सकता है। वह ज्यादा ऊंचाई से हिट कर पाता है और प्रतिद्वंद्वी के हमलों को आसानी से रोक भी सकते हैं। वहीं छोटे कद के खिलाड़ी अपनी फुर्ती के चलते बॉल को नीचे गिरने से रोकने में सफल होते हैं।
हमारी सरकार खेलों और खिलाड़ियों को हर स्तर पर बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में कल दोपहर करीब 12 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राष्ट्रीय वॉलीबाल टूर्नामेंट का उद्घाटन करने का सौभाग्य मिलेगा। 11 जनवरी तक चलने वाले इस टूर्नामेंट…
— Narendra Modi (@narendramodi) January 3, 2026
हाइट के चलते आक्रामक पोजीशन जैसे आउटसाइड हिटर को भी काफी मदद मिलती है। यहां लंबे कद के खिलाड़ी नेट के ज्यादा करीब से गेंद को नीचे की ओर मार सकते हैं, तो विरोधी टीम का खिलाड़ी नेट के ऊपर उस बॉल को ब्लॉक कर सीधे अंक हासिल करता है। ऊंचे कद के खिलाड़ी सर्विस और अटैक में ऊंचाई से गेंद को एंगल और ताकत के साथ हिट कर सकते हैं।
पिछले विजेता हरियाणा टीम की औसत हाईट 7.5 फीट रही
पुरुष वर्ग में गत वर्ष के विजेता हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब केरल टीम के खिलाड़ियों की हाइट ज्यादा है। जबकि पिछले साल बालिका वर्ग की चैपियन पूर्वोत्तर के खिलाड़ी भी कम हाइट के बावजूद ट्रॉफी के लिए भिड़ेंगे। यूपी की टीम में शक्ति सिंह 6 फिट 3 इंच, जबकि आदित्य राणा 6 फिट 6 इंट के खिलाड़ी हैं जबकि बालिका वर्ग की कप्तान नीतू और शैली अपनी ऊंचाई की वजह से टीम के लिए स्कोर करने में कारगर होंगी।
हिमाचल प्रदेश में अंडर-17 आयुवर्ग में मुस्कान सेंटर ब्लॉकर पोजीशन से खेलती हैं। उनकी हाईट 6.1 फीट है। हिमाचल प्रदेश की पुरुष और महिला टीम में 14-14 और टीम मैनेजर और कोच शामिल हैं।
लंबे खिलाड़ियों को सफर और स्टे में आती हैं दिक्कतें
खेल एक्सपर्ट बताते हैं कि खिलाड़ियों की हाइट अक्सर विजेता तो बनाती ही है लेकिन कभी कभी आम जीवन में मुश्किलें भी बढ़ाती हैं। बास्केटबॉल, वॉलीबॉल और तैराकी जैसे खेलों में हाइट बेहतर स्कोर दिलाता है लेकिन बस व ट्रेन के कंपार्टमेंट की सीटों और होटल आदि के बेड उनके हाइट के मुकाबले कुछ छोटे ही पड़ जाते हैं। इससे सफर और यात्राओं में बड़ी दुविधा हो जाती है। इसको लेकर भी बेहतर उपाय होने चाहिए।