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राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर बुनकरों का सम्मान
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sat, 08 Aug 2015 02:19 AM IST
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हैंडलूम को पावरलूम के उत्पाद से कड़ी चुनौती मिल रही है। प्रतिस्पर्धा के दौर में हथकरघा वस्त्रों को बाजार में लाभकारी मूल्य दिलाना प्राथमिकता है। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस मनाने का मकसद बाजार में असली और नकली उत्पादों में फर्क करने के लिए जागरूकता पैदा करना है। उम्मीद है कि इससे बनारस के कारीगरों को राहत मिलेगी और खुशहाली आएगी। ये बातें शुक्रवार को मुख्य अतिथि मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण ने चौकाघाट स्थित बुनकर सेवा केंद्र पर आयोजित पहले राष्ट्रीय हथकरघा दिवस समारोह में कहीं।
मंडलायुक्त ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि हैंडलूम बुनकरों के हित में संचालित योजनाओं और सुविधाओं का लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचे। विधायक श्यामदेव राय चौधरी ने कहा कि बनारसी साड़ी की विरासत को सहेजने की जिम्मेदारी हर किसी की है। यह दिवस हैंडलूम को संरक्षित करने में नई जान फूंकेगा। मेहनतकश बुनकर का जीवन स्तर ऊंचा नहीं उठ रहा है क्योंकि उसके हुनर का लाभ पैसे वाले उठा रहे हैं। इसे रोकने के लिए उनके उत्पादों को सीधे बाजार देना होगा। विधायक रवींद्र जायसवाल ने
कहा कि काशी आने वाले घरेलू पर्यटकों को हैंडलूम के नाम पर पावरलूम उत्पाद बेचे जा रहे हैं, जिससे बनारसी साड़ी की साख गिरी। डॉ. रजनीकांत ने कहा कि बाजार नकली सामानों से भरा हुआ है। हैंडलूम और जीआई कानून के तहत कार्रवाई की जरूरत है। हैंडलूम के डिप्टी डायरेक्टर तपन शर्मा ने बुनकरों के लिए संचालित योजनाओं पर प्रकाश डाला। संचालन हेमंत श्रीवास्तव ने किया। इस मौके पर नितिश धवन, अशोक वर्मा, एसटी सुब्रह्मण्यम आदि उपस्थित थे।
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बुनकर सम्मानित, विद्यार्थी पुरस्कृत
वाराणसी। बुनकर सेवा केंद्र में हथकरघा दिवस के मौके पर नसीर अहमद, हाजी मो. इसहाक, मुश्ताक सरदार, मो. असलम, हबीब अंजुम, अब्दुल मतीन, मो. मोबीन, कैलाश नाथ मौर्या, शाहिद हसनैन अंसारी, बाबूलाल पटेल, वकील अहमद, औबैदुर्रहमान, सुखराज प्रसाद, लालजी प्रसाद, शकील अहमद, अजीजुल हसन, मोईनुद्दीन अंसारी, सईद अख्तर, एकलाक अहमद, बदरुद्दीन अंसारी, कलीमउर्रहमान, प्रमिला देवी, जमालुद्दीन, जहीर अली, मो. असलम आदि को सम्मानित किया गया। हथकरघा पर निबंध प्रतियोगिता के विजेता रजाकांत सिंह, फातिमा, अमित प्रियदर्शनी, प्रियंका जायसवाल, सुमन मौर्या, अर्पिता सिंह, तन्वी नागर, शिवम पांडेय, पूजा त्रिपाठी आदि विद्यार्थियों को पुरस्कार दिए गए।
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मंडलायुक्त ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि हैंडलूम बुनकरों के हित में संचालित योजनाओं और सुविधाओं का लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचे। विधायक श्यामदेव राय चौधरी ने कहा कि बनारसी साड़ी की विरासत को सहेजने की जिम्मेदारी हर किसी की है। यह दिवस हैंडलूम को संरक्षित करने में नई जान फूंकेगा। मेहनतकश बुनकर का जीवन स्तर ऊंचा नहीं उठ रहा है क्योंकि उसके हुनर का लाभ पैसे वाले उठा रहे हैं। इसे रोकने के लिए उनके उत्पादों को सीधे बाजार देना होगा। विधायक रवींद्र जायसवाल ने
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कहा कि काशी आने वाले घरेलू पर्यटकों को हैंडलूम के नाम पर पावरलूम उत्पाद बेचे जा रहे हैं, जिससे बनारसी साड़ी की साख गिरी। डॉ. रजनीकांत ने कहा कि बाजार नकली सामानों से भरा हुआ है। हैंडलूम और जीआई कानून के तहत कार्रवाई की जरूरत है। हैंडलूम के डिप्टी डायरेक्टर तपन शर्मा ने बुनकरों के लिए संचालित योजनाओं पर प्रकाश डाला। संचालन हेमंत श्रीवास्तव ने किया। इस मौके पर नितिश धवन, अशोक वर्मा, एसटी सुब्रह्मण्यम आदि उपस्थित थे।
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बुनकर सम्मानित, विद्यार्थी पुरस्कृत
वाराणसी। बुनकर सेवा केंद्र में हथकरघा दिवस के मौके पर नसीर अहमद, हाजी मो. इसहाक, मुश्ताक सरदार, मो. असलम, हबीब अंजुम, अब्दुल मतीन, मो. मोबीन, कैलाश नाथ मौर्या, शाहिद हसनैन अंसारी, बाबूलाल पटेल, वकील अहमद, औबैदुर्रहमान, सुखराज प्रसाद, लालजी प्रसाद, शकील अहमद, अजीजुल हसन, मोईनुद्दीन अंसारी, सईद अख्तर, एकलाक अहमद, बदरुद्दीन अंसारी, कलीमउर्रहमान, प्रमिला देवी, जमालुद्दीन, जहीर अली, मो. असलम आदि को सम्मानित किया गया। हथकरघा पर निबंध प्रतियोगिता के विजेता रजाकांत सिंह, फातिमा, अमित प्रियदर्शनी, प्रियंका जायसवाल, सुमन मौर्या, अर्पिता सिंह, तन्वी नागर, शिवम पांडेय, पूजा त्रिपाठी आदि विद्यार्थियों को पुरस्कार दिए गए।