वाराणसीः झांसी रेलवे स्टेशन का नाम होगा रानी लक्ष्मीबाई, वीरांगना के जन्मस्थली पर मनाई गई खुशियां
उत्तर प्रदेश में शहरों और रेलवे स्टेशनों के नाम बदले जाने के क्रम में अब एक और रेलवे स्टेशन का नाम बदला जाएगा। झांसी रेलवे स्टेशन का नाम बदल कर अब वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई के नाम पर रखा जाएगा। सरकार की इस पहल पर वीरांगना की जन्मस्थली पर काशी में खुशियां मनाई गई।
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झांसी रेलवे स्टेशन का नाम रानी लक्ष्मीबाई के नाम पर करने के प्रस्ताव पर वाराणसी में खुशियां मनाई गईं। उत्तर प्रदेश सरकार ने नाम में बदलाव का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा है। रेलवे बोर्ड भी इस पर विचार करके जल्द ही झांसी रेलवे स्टेशन का नाम रानी लक्ष्मीबाई के नाम कर देगा। सरकार की इस पहल पर वीरांगना की जन्मस्थली पर काशी में खुशियां मनाई गई।
भदैनी स्थित उनके जन्मस्थली पर जागृति फाउंडेशन एवं वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई जन्म स्थान स्मारक समिति के तत्वाधान में वीरांगना के चित्र पर माल्यार्पण किया गया और मिठाई बांटी गई । प्रियम मिश्रा, प्रभु नाथ त्रिपाठी, रामयश मिश्र, समाजसेवी सी पी जैन ने संयुक्त रूप से महारानी के चित्र पर माल्यार्पण किया। इसके पश्चात मिष्ठान का वितरण किया गया।
इस अवसर पर प्रियम मिश्रा ने कहा कि झांसी रेलवे स्टेशन का नाम रानी लक्ष्मीबाई के नाम पर किए जाने का हम लोग स्वागत करते हैं यह सरकार की बहुत ही सराहनीय पहल है, जिसकी जितनी प्रशंसा की जाए कम है। वहीं समाजसेवी सीपी जैन जो खुद झांसी के ही रहने वाले हैं उन्होंने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि हमें बहुत ही गर्व की अनुभूति हो रही है कि झांसी रेलवे स्टेशन का नाम रानी लक्ष्मीबाई के नाम पर जाना जाएगा।
बुंदेलखंड एक्सप्रेस का नाम बदलने की मांग
महारानी लक्ष्मीबाई जन्म स्थान स्मारक समिति के प्रभुनाथ त्रिपाठी ने कहा कि सरकार की यह बहुत ही सराहनीय पहल है कि उन्होंने महारानी के नाम पर एक रेलवे स्टेशन का नाम किया। वही कार्यक्रम संयोजक एवं जागृति फाउंडेशन के महासचिव रामयश मिश्र ने कहा कि जिस तरह से झांसी रेलवे स्टेशन का नाम रानी लक्ष्मीबाई के नाम रखने का प्रस्ताव भेजा गया है।
उसी तरह वाराणसी से चलने वाली बुंदेलखंड एक्सप्रेस का नाम वीरांगना एक्सप्रेस रखा जाए। यह ट्रेन वीरांगना के जन्म स्थली से चलती है और उनके शहीद स्थली ग्वालियर तक जाती है इसलिए इस ट्रेन का भी नाम केंद्र और राज्य सरकार वीरांगना के नाम पर रखे। या फिर कोई ऐसा ट्रेन उनके नाम पर चलाएं जो उनके जन्म स्थली से लेकर शहीद स्थली तक जाती हो। कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन रामयश मिश्र ने किया।