अजान पर बयान बाद सीएम योगी के मंत्री फिर बोले- मुस्लिम महिलाओं को बुर्के से दिलाएंगे आजादी, सपा ने खोला मोर्चा
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उत्तर प्रदेश के संसदीय कार्य राज्यमंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल ने एक बार फिर ऐसा बयान दे दिया है, जिस पर राजनीतिक गलियारों में हल्ला मचना तय है। उन्होंने बुर्के को अमानवीय व्यवहार व कुप्रथा करार देते हुए कहा कि देश में तीन तलाक की तर्ज पर मुस्लिम महिलाओं को बुर्के से भी मुक्ति दिलाई जाएगी। इसके लिए महिलाओं पर किसी तरह का दबाव नहीं होगा। वह अपनी स्वेच्छा से इसका प्रयोग कर सकेंगी। इससे पहले मंगलवार को ही राज्यमंत्री ने लाउडस्पीकर से होने वाले अजान से परेशानी की बात कहते हुए डीएम को पत्र लिखा था।
आनंद शुक्ल ने बुधवार को पत्र प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए कहा कि अधिकांश मुस्लिम देशों में बुर्के के प्रयोग पर पाबंदी है। विकसित सोच वाले लोग न तो बुर्का पहन रहे हैं और न ही इसे बढ़ावा दे रहे हैं। आनंद स्वरूप शुक्ल ने मंगलवार को आम लोगों की शिकायत पर मस्जिद में लगाए गए लाउडस्पीकर के कारण हो रही परेशानी का उल्लेख करते हुए जिलाधिकारी को पत्र लिखा था।
पत्र में बताया था कि तड़के चार बजे अजान शुरू हो जाती है और इसके बाद तरह-तरह की सूचनाएं प्रसारित की जाती है। इसके कारण आमलोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी को जो पत्र लिखा है, उस पर कार्रवाई होगी। शुक्ल ने कहा कि अगर उनके पत्र पर कार्रवाई नहीं होती है तो वह आगे कदम उठाएंगे।
पूर्व मंत्री और सपा नेता नारद राय ने मोर्चा खोल दिया
पूर्व मंत्री और सपा नेता नारद राय ने योगी सरकार के मंत्री की मांग को गैरवाजिब बताया और इसे धार्मिक उन्माद भड़काने का कृत्य करार दिया। उन्होंने कहा कि मस्जिद से उठने वाली आवाज से विद्यार्थियों सहित आम लोगों को कोई परेशानी नहीं होती है। आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री की मांग बलिया की गंगा-जमुनी तहजीब को खराब करने वाला है। मंत्री अपने इस बयान से सस्ती लोकप्रियता हासिल करना चाहते हैं। इस प्रकार से समाज को बांटने के प्रयास को समाजवादी पार्टी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।