आपदा को अवसर में बदला ... काशी में संगीतकारों ने रच दिए चार नए राग

आलोक कुमार त्रिपाठी, वाराणसी Updated Thu, 13 Aug 2020 04:36 AM IST
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पं. शिवनाथ मिश्र
पं. शिवनाथ मिश्र - फोटो : अमर उजाला

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कोरोना संक्रमण ने जहां विनाश के रास्ते खोले वहीं काशी ने उसमें सृजन की राह तलाश ली। मुश्किल दौर में जहां लोग तनाव के साथ ही जिंदगी  की जद्दोजहद कर रहे थे वहीं काशी के संगीतकार नए प्रयोग में जुटे रहे। आपदा को अवसर में बदलते हुए उन्होंने नए रागों को रचकर संगीत जगत को चार नए रागों का तोहफा दिया।
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आने वाले समय में सजेगी महफिल
चार नए रागों में राग शिवमंजरी, गंगा रंजनी और अटल कल्याण की रचना सितारवादक पं. शिवनाथ मिश्र ने व राग शबनमी का सृजन उपशास्त्रीय गायिका  सुचरित गुप्ता ने किया है। अनलॉक में यह राग दुनिया के सामने हैं। आने  वाले समय में संगीत की महफिलों में इन्हें सुनने का मौका मिलेगा। इससे पहले भारतरत्न पं. रविशंकर ने अपने जीवन काल में सात नए रागों का सृजन किया था।
पं. शिवनाथ मिश्र का कहना है कि लॉकडाउन में तमाम प्रतिबंधों के साथ सभी आयोजन निरस्त थे। ऐसे में लंबे समय और एकांत का सदुपयोग नए रागों के सृजन में किया।
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अटलजी को समर्पित

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