जालसाजी और शस्त्र अधिनियम मामले में मुख्तार अंसारी दो नवंबर को वीडियो कांफ्रेंसिंग से कोर्ट में होंगे पेश
- सदर विधायक मुख्तार अंसारी, पंजाब के रूपनगर जेल में निरुद्ध हैं
- सीजेएम ने विवेचक की रिमांड की अर्जी स्वीकार कर दिया आदेश
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सीजेएम कोर्ट ने दक्षिणटोला थाने में जालसाजी और आयुध अधिनियम के मामले में नामजद किए गए मऊ जनपद के सदर विधायक मुख्तार अंसारी को उनके अधिवक्ता दारोगा सिंह की अर्जी पर दो नवंबर को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेश होने को मंजूरी दी है।
हालांकि विवेचना अधिकारी ने उन्हें कोर्ट में पेश करने और रिमांड बनाने की मांग की थी। वर्तमान में सदर विधायक पंजाब के रूपनगर मोहाली जेल में निरुद्ध है।
शुक्रवार को मामले के विवेचक ने सीजेएम कोर्ट में अर्जी देकर मुख्तार अंसारी को रिमांड के लिए तलब करने का अनुरोध किया। वहीं मुख्तार अंसारी के अधिवक्ता दारोगा सिंह ने प्रार्थना पत्र देकर वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से रिमांड बनाए जाने का अनुरोध किया।
दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद सीजेएम विनोद शर्मा ने विवेचक की अर्जी स्वीकार करते हुए वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से रिमांड बनाए जाने का आदेश देते हुए मामले में दो नवंबर की तिथि सुनवाई के लिए नियत की है।
बता दें कि सदर विधायक मुख्तार अंसारी, जो रूपनगर, पंजाब के जेल में निरुद्ध है, उनके लेटर पैड पर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर उनके साले अनवर सहजाद और एक अन्य को शस्त्र लाइसेंस जारी किया गया था। जांच मे दस्तावेज फर्जी पाए जाने पर थाना दक्षिणटोला थाने मे दिनांक 05 जनवरी 2020 को मुकदमा दर्ज हुआ था। इसमें मुख्तार अंसारी सहित छह लोगों को आरोपी बनाया गया है।