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'मां गंगा ने बुलाया था लेकिन नहीं बदल सके सूरत'
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Fri, 27 May 2016 02:15 AM IST
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कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय सिंह गुरुवार को काशी विश्वनाथ का दर्शन करने के बाद शहर भ्रमण पर निकले। अस्सी घाट पर जहां पीएम नरेंद्र मोदी ने फावड़ा चलाया था वहां गए। इसके बाद नगवां नाले को गंगा में गिरते देखा और वहां का दृश्य कैमरे में कैद किया। पत्रकारों से कहा कि पीएम ने कहा था कि मां गंगा ने बुलाया है इसलिए बनारस आया हूं। इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर का शहर बनाऊंगा।
मगर, हालत यह है कि जहां पीएम ने श्रमदान किया उसी अस्सी घाट से होते हुए सीवेज धड़ल्ले से गंगा में गिर रहा है। काशी को क्योटो जैसे विकसित करने की प्रधानमंत्री की बात सिर्फ जुमला ही साबित हो रही है। दो साल बाद भी कोई फर्क देखने को नहीं मिला।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि पीएम मोदी ने चार हजार करोड़ रुपये के हिसाब से पांच साल में गंगा के लिए 20 हजार करोड़ रुपये खर्च करने की बात कही थी। मगर उनकी बात का असर काशी में गंगा पर नहीं दिख रहा है। बनारस के नगर निगम, विधानसभा और लोकसभा सीट पर एक-दो मौके छोड़ दिए जाएं तो लगभग ढाई दशक से बीजेपी का कब्जा है।
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मौजूदा समय में भी बीजेपी के सांसद, मेयर और विधायक हैं लेकिन शहर में जगह-जगह खुदाई और जन समस्याओं का अंबार दिखाई देता है। स्वच्छ भारत मिशन का असर पूरे बनारस में कहीं नहीं दिख रहा है। पीएम मोदी के यहां से सांसद चुने जाने के बाद कोई नया काम नहीं दिखाई दिया। सिर्फ पुरानी योजनाओं पर ही काम हो रहे हैं। विधायक अजय राय के जेल जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि पार्टी पूरी तरह से उनके साथ थी, है और रहेगी। कहा कि अन्याय प्रतिकार यात्रा में हुए बवाल के दौरान अजय राय के साथ भाजपा विधायक भी थे लेकिन सपा सरकार ने उन्हें आरोपी नहीं बनाया। जनता सब कुछ देख और समझ रही है।
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मगर, हालत यह है कि जहां पीएम ने श्रमदान किया उसी अस्सी घाट से होते हुए सीवेज धड़ल्ले से गंगा में गिर रहा है। काशी को क्योटो जैसे विकसित करने की प्रधानमंत्री की बात सिर्फ जुमला ही साबित हो रही है। दो साल बाद भी कोई फर्क देखने को नहीं मिला।
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दिग्विजय सिंह ने कहा कि पीएम मोदी ने चार हजार करोड़ रुपये के हिसाब से पांच साल में गंगा के लिए 20 हजार करोड़ रुपये खर्च करने की बात कही थी। मगर उनकी बात का असर काशी में गंगा पर नहीं दिख रहा है। बनारस के नगर निगम, विधानसभा और लोकसभा सीट पर एक-दो मौके छोड़ दिए जाएं तो लगभग ढाई दशक से बीजेपी का कब्जा है।
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मौजूदा समय में भी बीजेपी के सांसद, मेयर और विधायक हैं लेकिन शहर में जगह-जगह खुदाई और जन समस्याओं का अंबार दिखाई देता है। स्वच्छ भारत मिशन का असर पूरे बनारस में कहीं नहीं दिख रहा है। पीएम मोदी के यहां से सांसद चुने जाने के बाद कोई नया काम नहीं दिखाई दिया। सिर्फ पुरानी योजनाओं पर ही काम हो रहे हैं। विधायक अजय राय के जेल जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि पार्टी पूरी तरह से उनके साथ थी, है और रहेगी। कहा कि अन्याय प्रतिकार यात्रा में हुए बवाल के दौरान अजय राय के साथ भाजपा विधायक भी थे लेकिन सपा सरकार ने उन्हें आरोपी नहीं बनाया। जनता सब कुछ देख और समझ रही है।