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BHU News: बीएचयू में मिली बच्ची को गोद लेने के लिए आगे आए 15 से ज्यादा लोग, अगले माह शुरू होगी प्रक्रिया
Sun, 19 Nov 2023 02:39 PM IST
किरन रौतेला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: किरन रौतेला
Updated Sun, 19 Nov 2023 02:39 PM IST
सार
14 अक्तूबर को बीएचयू परिसर में बच्ची लावारिस अवस्था में मिली थी। बच्ची को गोद लेने के लिए 15 से ज्यादा लोग आगे आए हैं। अगले माह बच्ची को गोद लेने की प्रक्रिया शुरू होगी।
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बीएचयू में तीन दिन की बच्ची को फेंका
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बीएचयू परिसर में मिली लावारिस बच्ची को गोद लेने के लिए 15 से ज्यादा लोग आगे आए हैं। अगले माह बच्ची को गोद लेने की प्रक्रिया शुरू होगी। 14 अक्तूबर को बीएचयू परिसर में बच्ची लावारिस अवस्था में मिली थी। 28 दिन के इलाज के बाद बच्ची को बाल कल्याण समिति को सौंप दिया गया था। बच्ची को अभी बाल शिशु गृह में रखा गया है।
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बीते साल जुलाई से अब तक जिले में 11 लावारिस बच्चे मिल चुके हैं। इनमें नौ बच्चियां हैं। पिछले माह 14 अक्तूबर को बीएचयू में एक बच्ची और अस्सी घाट पर एक बच्चा मिला था। बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष स्नेहा उपाध्याय ने बताया कि बच्चे मिलते हैं तो पहले उनके परिवार का पता लगाने की कोशिश की जाती है। दो माह में कोई बच्चे को लेने नहीं आता है तो तब गोद देने की प्रक्रिया शुरू की जाती है। केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (कारा) की वेबसाइट पर पंजीकरण कराया जाता है। इसके बाद जो दंपती गोद लेने के लिए आवेदन करते हैं, कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उन्हें गोद दिया जाता है।
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मनचाहा बच्चा नहीं ले सकते हैं गोद
बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष स्नेहा उपाध्याय ने बताया कि पहले लोग आश्रम में जाकर अपना मनपसंद बच्चा गोद ले सकते थे। लेकिन अभी नियम में बदलाव हुआ है। अब बाल कल्याण समिति लड़के और लड़कियों के लिए आवेदन के आधार पर गोद दिया जाता है। उन्होंने बताया कि बीएचयू में मिली बच्ची के लिए 15 से ज्यादा लोगों ने आवेदन किया है लेकिन जरूरी नहीं है आवेदकों को वही बच्ची मिले। उन्होंने बताया कि आवेदन करने वाले दंपती की उम्र जोड़कर जो 85 वर्ष के ऊपर होंगे, उन्हें दो साल, 90 वालों को 2 से 4 साल और 100 वर्ष वाले दंपती को 4 से 8 साल के बच्चे गोद दिए जाते हैं। इसी तरह 110 वर्ष वाले दंपती को 8 से 18 वर्ष के बच्चे के गोद देने का नियम है।
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