उत्तरी सिक्किम में शहीद कैप्टन श्रेयांश कश्यप का रविवार को गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार हुआ। सेना के अधिकारियों और जवानों ने सलामी और गार्ड ऑफ ऑनर देकर कैप्टन को अंतिम विदाई दी। ग्रामीणों ने वंदेमातरम गीत गाकर कैप्टन को नम आंखों से रुखसत किया। शहीद कैप्टन श्रेयांस कश्यप के पिता शिव गोविंद सिंह मूल रूप से वाराणसी में बीएचयू के पास टिकरी गांव के रहने वाले हैं।
अभी उनका परिवार मेरठ के मटौर स्थित पावर ग्रिड कारपोरेशन कॉलोनी में रहता है। उत्तरी सिक्किम में आउटपोस्ट को ठीक करने के दौरान कैप्टन श्रेयांश तबियत बिगड़ने से शहीद हो गए। 15 हज़ार फ़ीट की ऊंचाई पर तैनात श्रेयांश के शौर्य और वीरता को प्रदेश सरकार ने नमन किया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहीद के परिजनों को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की है। वहीं, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और एक सड़क का नामकरण श्रेयांश कश्यप के नाम पर करने की घोषणा की है।
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कैप्टन श्रेयांश
- फोटो : अमर उजाला
कैप्टन श्रेयांश कश्यप के मूल गांव लंका थाना के टिकरी लालपक्की में रविवार को गम का माहौल रहा। लाल को खोने के गम में 80 वर्षीय दादी बेसधु रहीं। उनका यही कहना था कि यह हमारे लाल के साथ क्या हो गया। वहीं प्रदेश सरकार ने शहीद हुए कैप्टन के परिवार को पांच लाख और एक सदस्य को नौकरी के साथ ही गांव की सड़क का नाम शहीद कैप्टन श्रेयांश रखे जाने पर ग्रामीणों में शहादत पर फक्र भी रहा।
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उत्तरी सिक्किम में शहीद कैप्टन श्रेयांश कश्यप
- फोटो : अमर उजाला
डेढ़ दशक पूर्व कैप्टन श्रेयांश के पिता रामगोविंद सिंह सपरिवार मेरठ चले गए थे। इसके बाद कभी काल वह अपने मूल गांव आते-जाते रहते थे। गांव के प्रधान प्रतिनिधि पिंटू कुमार ने बताया कि लालपक्की में शहीद का परिवार रहता था लेकिन इस कई साल से किसी की आवाजाही नहीं रही।
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martyr Cpt. shreyansh sharma
- फोटो : amar ujala
उनके एक चाचा हैं जो ओबरा में रहते हैं और परिवार में उनकी सिर्फ दादी ही हैं, जो वृद्ध हैं। जब उन्हें यह जानकारी मिली तो गहरा आघात पहुंचा। वहीं गांव में भी लोगों को यह लगा कि अपने बीच के एक लाल ने पंद्रह हजार फिट की ऊंचाई पर देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए तो मर्माहत रहे। हर कोई गमजदा और शोक में रहा।
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उत्तरी सिक्किम में शहीद कैप्टन श्रेयांश कश्यप
- फोटो : अमर उजाला
प्रदेश सरकार ने परिवार को 50 लाख और एक सदस्य को नौकरी और शहीद के नाम पर सड़क का नामकरण की घोषणा की है।