{"_id":"5a439d1d4f1c1bf4688c39af","slug":"many-project-start-in-passsing-year-in-varanasi","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"परियोजनाओं का साल रहा 2017, काशीवासियों को जमीन से लेकर आसमान तक मिली यह सौगातें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
परियोजनाओं का साल रहा 2017, काशीवासियों को जमीन से लेकर आसमान तक मिली यह सौगातें
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Thu, 28 Dec 2017 02:05 PM IST
विज्ञापन
assi ghat
- फोटो : social media
वर्ष 2017 में काशी ने जल, सड़क, रेल और हवाई परिवहन सेवा के नए आयामों के साथ प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के एक बड़े 'ट्रांसपोर्टेशन हब' के रूप में अपनी पहचान बनाने के लिए कदम बढ़ाए। चाहें वो देश का पहला फ्रेट विलेज हो या डीरेका में इलेक्ट्रिक इंजन बनाकर कारखाने के नए युग का आगाज हो। आगे की स्लाइड्स में देखें...
Trending Videos
ट्रांसपोर्टेशन हब
- फोटो : file photo
वाराणसी में देश का पहला फ्रेट विलेज (मालभाड़ा गांव) बनाने की भारतीय अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) की महत्वाकांक्षी योजना को इसी साल केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी और इसके लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू हो गई। रामनगर में जल परिवहन के लिए निर्माणाधीन मल्टी मॉडल टर्मिनल के पास करीब सौ एकड़ क्षेत्रफल में इस योजना को 2022 तक मूर्तरूप देने की तैयारी है। वित्त मंत्रालय और नीति आयोग की सहमति के बाद इसकी डिजाइन और डीपीआर विश्व बैंक को भेज दी गई। योजना पर 3055 करोड़ रुपये खर्चे होंगे।
ट्रांसपोर्टेशन हब
- फोटो : file photo
डीरेका ने जनवरी माह में दो इलेक्ट्रिक इंजन बनाकर कारखाने के नए युग का आगाज किया। नवंबर माह तक 14 इलेक्ट्रिक इंजन का निर्माण किया जा चुका है। वहीं दूसरी ओर उत्पादन में लक्ष्य से डीरेका आगे ही रहा। 322 रेल इंजनों के सापेक्ष 334 रेल इंजनों का निर्माण हुआ। इस वर्ष गैर रेलवे ग्राहकों के लिए भी डीरेका ने नए रेल इंजन बनाकर देश के खजाने को और समृद्ध बनाया। श्रीलंका को भेजे गए 10 रेल इंजनों के साथ ही को गैर रेलवे ग्राहकों के लिए 37 रेल इंजन बनाए। वहीं 12 रेल इंजन म्यांमार को भेजे गए। बांग्लादेश को आपूर्ति के लिए 3100 अश्व शक्ति के 40 डीजल रेल इंजन के लिए टेंडर पर विचार चल रहा है। इसी वर्ष डीरेका को सिर्वोत्तम उत्पादन इकाई शील्ड भी मिला।
विज्ञापन
विज्ञापन
ट्रांसपोर्टेशन हब
- फोटो : file photo
वाराणसी से अहमदाबाद के लिए महामना एक्सप्रेस का आगाज हुआ। वहीं एक हजार क्षमता के यात्री प्रतीक्षालय का शुभारंभ भी इसी वर्ष हुआ। विदेशी पर्यटकों के लिए आईटीबी (इंटरनेशनल टूरिस्ट ब्यूरो) की सुविधा इसी वर्ष शुरू हुई। वहीं वाराणसी से छपरा और वाराणसी से इलाहाबाद की डबलिंग के कार्य भी अंतिम चरण में पहुंच गया है जो ट्रेनों के परिचालन को आसान बनाएगा।
विज्ञापन
रेलवे कैंसर अस्पताल
- फोटो : file photo
पूर्वांचल ही नही आस-पास के जिलों को कैंसर की अत्याधुनिक सुविधा मुहैया कराने के लिए काशी में टाटा मेमोरियल ने कैंसर अस्पताल की नींव रखी। पूर्वोत्तर रेलवे के कैंसर संस्थान को अधिग्रहीत कर यहां अत्याधुनिक ईलाज व सुविधाओं से युक्त अस्पताल का निर्माण शुरू हो गया है। इसके शुरू हो जाने के बाद कैंसर मरीजों को मुंबई और दिल्ली नही जाना होगा।