वाराणसी में हादसा: कर्नाटक गेस्ट हाउस के की दीवार गंगा में समाई, तीन लोग घायल; छह नाव हुई क्षतिग्रस्त
वाराणसी में शनिवार को कर्नाटक स्टेट गेस्ट हाउस की दीवार गंगा में समा गई। इस हादसे में तीन लोग घायल हुए। जबकि वहां रखी तीन नाव ध्वस्त हो गई।
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मलबा गिरने के कारण गंगा का पानी इतनी ऊंचाई तक उठा कि एक चार मंजिला मकान के सबसे ऊपरी तल की खिड़की के शीशे टूट गए। गंगा के पानी के साथ कई मछलियां दूर जाकर गिर कर मर गईं। सूचना पाकर पहुंची भेलूपुर थाने की पुलिस ने तीनों घायलों को उपचार के लिए बीएचयू ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। डॉक्टरों ने घायलों में कल्लू की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे के बाद भवन के पूर्वी और उत्तरी हिस्से को पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
हरिश्चंद्र घाट के सुंदरीकरण का काम इन दिनों चल रहा है। उसके बगल में कर्नाटक का स्टेट गेस्ट हाउस है। गेस्ट हाउस के सहायक मैनेजर अरुण कुमार ने बताया कि मैसूर स्टेट के द्वारा वर्ष 1928 में 18 कमरे की इमारत का निर्माण कराया गया था। धर्म-कर्म के लिए कर्नाटक से काशी आने वाले श्रद्धालु गेस्ट हाउस में ठहरते हैं।
वहीं, स्थानीय लोगों ने बताया कि हरिश्चंद्र घाट पर सुंदरीकरण का काम चल रहा है। निर्माण कार्य के दौरान गेस्ट हाउस के नीचे घाट पर बना पक्का चबूतरा तोड़ दिया गया। पिलर की खुदाई करने के लिए मशीनों से काम लिया जा रहा है। इस वजह से गेस्ट हाउस के पूर्वी और उत्तर दिशा का हिस्सा अंदर ही अंदर खोखला हो गया है। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई कि कहीं पूरा भवन ही न जमींदोज हो जाए। लोगों का कहना था कि भवन के भीतर नीम और पीपल का पेड़ होने के कारण ज्यादा कटाव नहीं हो पाया है।
हादसे की सूचना पाकर नगर निगम के अधिकारियों के साथ जिलाधिकारी एस राजलिंगम पहुंचे। उन्होंने कहा कि तत्काल मलबा हटाया जाए और गंगा के जलस्तर में कमी को देखते हुए घाटों की साफ-सफाई शुरू की जाए।
जलस्तर बढ़ा होने के कारण नीचे लोग नहीं मौजूद थे
गंगा का जलस्तर इन दिनों बढ़ा हुआ है। इसके चलते गंगा घाटों का संपर्क एक-दूसरे से टूटा हुआ है। इसी वजह से कर्नाटक स्टेट गेस्ट हाउस के नीचे घाट पर दुकानें नहीं लगी थी और न लोग बैठे थे। अन्यथा कई लोग दीवार के मलबे के चपेट में आ जाते। हादसे के समय गेस्ट हाउस के बगल में हरिश्चंद्र घाट के ऊपर गुमटी में कल्लू चाय बना रहा था। कल्लू की गुमटी पर जूना अखाड़ा के साधु श्याम गिरी व वैशाख गिरी चाय पी रहे थे। दोपहर लगभग एक बजे अचानक तेज आवाज के साथ गेस्ट हाउस की दीवार भहराई तो तीनों उसके मलबे की चपेट में आ गए।
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वहीं, गेस्ट हाउस में शनिवार को कर्नाटक का एक ही श्रद्धालु ठहरा था और वह पिंडदान करने गया था। गेस्ट हाउस प्रबंधन की ओर से उसे फोन कर कमरा खाली करने के लिए कहा गया है। वहीं, गेस्ट हाउस के मैनेजर अरुण कुमार ने हादसे के संबंध में कर्नाटक सरकार को सूचना दी है। बताया कि जल्द ही कर्नाटक से अधिकारियों और भवन निर्माण विशेषज्ञों का एक दल काशी आएगा। उसके बाद मरम्मत या निर्माण कार्य के संबंध में निर्णय लिया जाएगा।