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Varanasi News: हर ने धरा हरि का स्वरूप, महंत आवास पर सादगी से मनी जन्माष्टमी; नवनीत संग सिद्धि का लगा भोग

Mon, 26 Aug 2024 10:41 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Mon, 26 Aug 2024 10:41 PM IST
सार

Varanasi News: टेढ़ीनीम स्थित महंत आवास पर शाम पांच वैदिक ब्राह्मणों ने विविध अनुष्ठान पूर्ण किए। भगवान के जन्म पर मंगल गीत गाने की परंपरा का निर्वाह करने के लिए शगुन के तौर पर परिवार की महिलाओं ने पांच मंगल गीत गाए। इसके बाद पं. वाचस्पति ने झूले पर विराजमान महादेव की आरती उतारी।

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Lord Shiva make Hari in varanasi Janmashtami was celebrated at the Mahant residence
हर का हरि स्वरूप में श्रृंगार करने की परंपरा का हुआ निर्वाहन। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के महंत डॉ. कुलपति तिवारी के गोलोकवासी होने के बाद महंत आवास पर श्रीकृष्णजन्माष्टमी का पर्व सादगी से सोमवार को मनाया गया। इस अवसर पर परंपरागत रूप से होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थगित रहे, किंतु हर का हरि स्वरूप में श्रृंगार करने की परंपरा का निर्वाह किया गया।

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प्रात: काल ब्रह्म मुहूर्त में महादेव का षोडशोपचार पूजन के बाद हर का हरि के रूप में श्रृंगार किया गया। उनकी जटाजूट पर चंद्रमा के साथ ही मोरपंखी भी सजाई गई। हाथ में डमरू युक्त त्रिशूल के स्थान पर बांसुरी नजर आई। महादेव का श्रीकृष्ण स्वरूप में श्रृंगार करने के उपरांत उन्हें प्राचीन झूले पर विराजमान कराया गया।
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महंत आवास पर श्रीकृष्णजन्माष्टमी पर बाबा की चल प्रतिमा के हरि रूप में श्रृंगार करने की परंपरा विश्वनाथ मंदिर के स्थापना काल से ही चली आ रही है। महंत परिवार के प्रतिनिधि पं. वाचस्पति तिवारी ने बताया कि काशी विश्वनाथ मंदिर प्रबंधन द्वारा भले ही लोक परंपरा का हनन करने की कुचेष्टा की जा रही हो लेकिन काशीवासियों का महंत आवास की परंपराओं से लगाव पूर्ववत बना हुआ है।
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उसी का परिणाम है कि सोमवार की शाम हर के हरि स्वरूप के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में काशीवासी महंत आवास पहुंचे। यह इस बात का प्रमाण है कि शासन-प्रशासन चाहे कोई भी कुचक्र रच ले, लेकिन काशी की लोक परंपराएं पूर्ववत जारी रहेंगी।

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