'निरहुआ' पर मायावती ने साधा निशाना, बोलीं- कलाकार कलाकारी दिखाएगा, अखिलेश काम दिखाएंगे
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लोकसभा चुनाव 2019 में पहली बार सपा और बसपा की संयुक्त जनसभा का आयोजन आजमगढ़ की रानी की सराय चेकपोस्ट पर हुआ। जिसमें बसपा सुप्रीमो मायावती और सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा।
मायावती ने गरीबों और दलितों को अपने पक्ष में लेते हुए कहा कि अगर केंद्र में सरकार बनाने का मौका मिला तो हर गरीब परिवार में एक सरकारी या गैर सरकारी नौकरी की व्यवस्था करेंगे। दिनेश लाल यादव 'निरहुआ' का नाम लिए बिना
उन्होंने कहा कि भाजपा की नीति है फूट डालो और राज करो। इसी के तहत उसने सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के सामने उनकी ही जाति के प्रत्याशी को खड़ा कर दिया। कलाकार आएगा और अपनी कलाकारी दिखाएगा। अब कलाकार इतनी कलाकारी अखिलेश को तो नहीं आती। अखिलेश को तो काम आता है जो वो जीतने के बाद जरूर करेंगे।
मायावती ने कहा कि हमें विश्वास है कि आप लोग गठबंधन प्रत्याशी अखिलेश यादव को इतने मतों से जीत दिलाएंगे कि कोई उनके सामने खड़े होने की हिम्मत नहीं जुटा सके। अब हमें ऐसा लग रहा है कि इस बार चुनाव में नमो-नमो करने वालों की हमारे लोग छुट्टी करने वाले हैं।
'गठबंधन योगी को गोरखपुर के मठ में वापस भेजकर रहेगा'
मायावती ने कहा कि बाबा साहेब ने अथक प्रयास से गरीबों, दलितों और अति पछिड़ों के लिए कानून बनाया लेकिन कांग्रेस पार्टी के लोग बाबा साहेब की बातों से सहमत नहीं हुए। इसके बाद बाबा साहेब ने इन जातियों को जगाने का निर्णय लिया। हमारे गठबंधन को यह लोग महामिलावटी कहते हैं। लेकिन वह इस गठबंधन को खतरा मानते हैं। यह गठबंधन महामिलावटी नहीं है मिलावटी तो प्रधानमंत्री खुद है।
उन्होंने सरकार में रहते हुए खुद को गुजरात में पिछड़ी जाति में शामिल कराया। अगर हमको केंद्र में सरकार बनाने का मौका मिला तो हर गरीब परिवार को सरकारी या गैर सरकारी नौकरी की व्यवस्था करेंगे। यह गठबंधन तब तक चलेगा जब तक योगी को गोरखपुर में उनके मठ में नहीं भेज देते। हमें पुराने गिले शिकवे भूलकर इस सामाजिक परिवर्तन की लहर को आगे ले जाना है।
चायवाला बनकर हमारे बीच आए और हमें धोखा दिया : अखिलेश
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि देश और दुनिया में आजमगढ़ के लोगों ने अपनी मेहनत से नाम बनाने का कार्य किया है। यह देश में बदलाव कासमय है। यह मिलावटी गठबंधन नहीं बल्कि देश में बदलाव लाने वाला गठबंधन है।
इन्होंने नौकरी देने का वादा करके नौकरियां खत्म कर दीं। मुद्रा जैसी योजना चलाने के बाद भी किसी को कोई लाभ नहीं दे सकी। यह वहीं लोग हैं जो चायवाला बनकर हमारे बीच आए थे और धोखा दिया। अब चौकीदार बनकर आ रहे हैं। फिर से नया धोखा देने।