लॉकडाउन में काशी विश्वनाथ के कपाट हैं बंद, श्रद्धालु घर बैठे दर्शन करना चाहें तो करें ये काम
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लॉकडाउन में काशी के मंदिर और गंगा घाट सूने पड़े हैं। रोजाना सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु बाबा दरबार में दर्शन के लिए आते थे। शहर के सभी मंदिरों के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद हैं। लॉकडाउन में अब सोशल मीडिया का प्लेटफार्म ही श्रद्धालुओं का सहारा है।
काशी विश्वनाथ मंदिर लाइव दर्शन पर बाबा भोलेनाथ के दर्शन दुनिया के किसी भी हिस्से से कोई भी कर सकता है। विश्व के नाथ बाबा विश्वनाथ भक्तों के लिए ऑनलाइन उपलब्ध हैं। मंदिर प्रशासन की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार रोजाना लगभग 12 हजार से अधिक श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ का ऑनलाइन दर्शन कर रहे हैं। इसमें भारत के श्रद्धालुओं की संख्या 9.9 हजार और अमेरिकी श्रद्धालुओं की संख्या 1.5 हजार है।
अमेरिका में सबसे अधिक कनाडा के श्रद्धालु हैं, जिनकी संख्या पांच सौ के आसपास है। वहीं भारत की बात करें तो बाबा का ऑनलाइन दर्शन करने वालों में हैदराबाद के श्रद्धालु सबसे अधिक हैं। रोजाना 15 सौ श्रद्धालु बाबा के ऑनलाइन दर्शन कर रहे हैं। इसी तरह लखनऊ के 13 सौ और बेंगलुरू के आठ सौ भक्त बाबा का ऑनलाइन आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
सोशल मीडिया बना अनुष्ठान का सहारा
कुछ मंदिरों में ऑनलाइन दर्शन-पूजन भी कराया जा रहा है। अनुष्ठान को संक्षिप्त करके व्हाट्सएप या फेसबुक के जरिए लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। दशाश्वमेध घाट पर होने वाली गंगा आरती को गंगा सेवा निधि रोज फेसबुक से लाइव कर रहा है। गंगा सेवा निधि द्वारा एक ब्राह्मण रोज गंगा आरती और पूजन करता है।
इसको ऑनलाइन भक्तों तक पहुंचाया जाता है। पूजन, मन्त्रों और अनुष्ठानों के बारे में भी भक्तों को ऑनलाइन जानकारी दी जा रही है। बटुक भैरव मंदिर के महंत भास्कर पुरी ने बताया कि भक्तों का ऑनलाइन संकल्प लिया जा रहा है। अनुष्ठान और बाबा का दर्शन-पूजन लाइव करा दिया जा रहा है, क्योंकि मंदिर का मुख्य द्वार लॉकडाउन में बंद है।