वाराणसी में इतने दूल्हों को घोड़ी चढ़ने की मिली अनुमति, शादी में करने होंगे ये जरूरी काम
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भीड़भाड़ से बचने और संक्रमण फैलने के खतरे को कम करने के लिए इस समय सभी सार्वजनिक आयोजनों पर पूरी तरह रोक है। ऐसे में शादी विवाह से लेकर अंतिम संस्कार के कार्यक्रम के लिए बाकायदा प्रशासन से अनुमति लेनी पड़ रही है। इस सीजन में 30 जून तक शादियों के मुहूर्त होने के कारण लोग अनुमति ले रहे हैं। वाराणसी में रोजाना तीनों तहसीलों से औसतन 100 अनुमति जारी हो रही हैं।
प्रशासन की ओर से शादी समारोह में 50 व्यक्तियों के शामिल होने का नियम है। मगर इसके पहले आयोजनकर्ता को शामिल होने वाली संख्या और सोशल डिस्टेंसिंग आदि के पालन की जानकारी प्रशासन को देनी होती है। अब तक जिले भर में 2347 शादियों को अनुमति दी गई है।
जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा ने बताया कि शादी के दौरान सभी के लिए मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन अनिवार्य है और यह आयोजनकर्ता की जिम्मेदारी है। उनके प्रार्थना पत्र पर ही अनुमति दी जा रही है।
यह है नियम :
शादी समारोह में वर और वधु पक्ष को अलग-अलग अनुमति का प्रावधान है। दोनों पक्षों के 50 लोगों को शामिल होने की अनुमति है। ऐसे में वर पक्ष से 20 और वधु पक्ष से 30 लोग शामिल हो सकते हैं।
जून के बाद अब नवंबर में विवाह के मुहूर्त :
जून के बाद अब सीधे नवंबर और दिसंबर माह में केवल आठ दिन ही शुभ मुहूर्त मिल रहे हैं। वहीं जून में भी मांगलिक कार्यों के लिए सिर्फ आठ दिन ही शुभ मुहूर्त थे, जिसमें से दो बीत गए हैं। ज्योतिषाचार्य पं दीपक मालवीय ने बताया कि जुलाई के आरंभ में देवशयन होने के कारण अगले चार माह तक मांगलिक कार्य बंद हो जाएंगे।
इस वर्ष शुक्र और गुरु तारा अस्त होने के साथ ही चातुर्मास व धनुर्मास के कारण शुभ कामों के लिए मुहूर्त बहुत ही कम हैं। इससे पहले कोरोना महामारी के चलते कई लोगों की विवाह में अड़चनें आ चुकी हैं। अब लोगों को भड़ली नवमी का इंतजार है। देश के कुछ हिस्सों में भड़ली नवमी को भी अबूझ मुहूर्त मानकर शुभ काम किए जाते हैं, जबकि ज्योतिष ग्रंथों में ऐसा कोई उल्लेख नहीं है। इस बार भड़ली नवमी 29 जून को आ रही है।
इस साल शुभ कार्यों के लिए कम मुहूर्त :
एक जुलाई से ही चातुर्मास शुरू हो जाएगा, जोकि 24 नवंबर तक रहेगा। इन दिनों में भी शुभ मुहूर्त नहीं रहेंगे। इसके बाद 15 दिसंबर से 15 जनवरी के बीच में सूर्य धनु राशि में आ जाएगा, जिसे धनुर्मास कहते हैं। इस एक महीने के दौरान भी शुभ काम नहीं किए जाते हैं। इस दौरान 17 दिसंबर को गुरु तारा भी अस्त हो जाएगा, जो कि 11 जनवरी को उदय होगा।
इस साल विवाह के मुहूर्त :
जून - 11, 13, 15, 16, 25, 27, 29 और 30
नवंबर - 25, 27, 30
दिसंबर - 1, 7, 9, 10 और 11