{"_id":"56fd8c2b4f1c1bcb4ff00105","slug":"lights-camera-action-in-jaipur","type":"story","status":"publish","title_hn":"जयापुर में लाइट...कैमरा...एक्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जयापुर में लाइट...कैमरा...एक्शन
ब्यूरो/अमर उजाला वाराणसी
Updated Fri, 01 Apr 2016 02:14 AM IST
विज्ञापन
जयापुर में फिल्म
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
‘कब होई गवना हमार’ और ‘कब कहबा तू आई लव यू’ जैसी सुपरहिट भोजपुरी फिल्म बनाने वाले निर्देशक आनंद डी घटराज ने अपनी नई फिल्म ‘शहंशाह’ के लिए प्रधानमंत्री मोदी के आदर्श गांव जयापुर का रुख किया है। घटराज गुरुवार को अपनी पूरी यूनिट के साथ जयापुर पहुंचे। पहले दिन गांव के सीवान और एक घर में फिल्म के कुछ सीन शूट किए गए। यह पहला मौका है जब पीएम के गांव में भोजपुरी फिल्म की शूटिंग हो रही है। गांव के लोगों के लिए लाइट.. कैमरा... एक्शन... जैसे शब्द बिलकुल नए थे।
भोजपुरी फिल्मों के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त निर्देशक आनंद डी घटराज ने फिल्म से जुड़ी बातें साझा कीं। बताया कि यह फिल्म एक ईमानदार नेता के संघर्षों की कहानी पर आधारित है। कैसे एक ईमानदार नेता को समाज की बुराइयों से लड़ना पड़ता है।
बताया कि यह फिल्म मौजूदा दौर की सियासत को सीख देने वाली फिल्म है। फिल्म में रविकिशन, कुणाल सिंह और रविशेखर के अलावा अंजना सिंह और प्रियंका पंडित की अदाकारी देखने को मिलेगी। फिल्म का 90 फीसदी हिस्सा जयापुर में फिल्माया जाएगा। इसमें गांव के कलाकारों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। बकौल आनंद, फिल्म में ग्लैमर का तड़का डालने के लिए सीमा सिंह का एक आइटम सांग भी रखा गया है। उदित नारायण और कल्पना ने इसके गाने गाए हैं। लगभग डेढ़ करोड़ रुपये के बजट वाली यह फि ल्म अगस्त में रिलीज होगी। भोजपुरी फिल्में आज भी पुरुष प्रधान ः ‘आइटम गर्ल’ से भोजपुरी फिल्मों में कॅरियर शुरू करने वाली अंजना सिंह ‘शहंशाह’ में लीड रोल में होंगी। भोजपुरी फिल्मों की क्वीन अंजना ने कहा, ‘भोजपुरी फिल्में आज भी पुरुष प्रधान हैं। ज्यादातर कहानियां पुरुष किरदार पर ही केंद्रित होती हैं। यही कारण है कि आज भी भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में रविकिशन, मनोज तिवारी, दिनेशलाल यादव के नाम के आगे सुपरस्टार लगता है मगर किसी भी हीरोइन को यह तमगा हासिल नहीं है।’
विज्ञापन
लग्जरी गाड़ियों का काफिला, बड़े-बड़े कैमरे, लाइट्स.. मुंबइया फैशन वाले कपड़ों में लोगों की फौज... यह नजारा दिखा जयापुर गांव में। अब तक इस गांव में नेताओं और मंत्रियों का काफिला नजर आता था मगर यह पहला मौका रहा जब भोजपुरी फिल्म की पूरी यूनिट ही गांव में नजर आई। लहंगा-चोली में मेकअप से लकदक हीरोइन को नजदीक से निहारने की जुगत में केवल गांव के युवा ही नहीं बल्कि महिलाएं भी जुटी रहीं। कड़ी धूप की परवाह किए बगैर लोग शूटिंग स्थल पर जमे रहे। हीरो-हीरोइन, विलेन, कॉमेडियन.. आज सब उनके बीच थे तो कौतूहल लाजिमी था।
फिल्म निर्माता रोहित सिंह ने कहा कि जयापुर में शूटिंग के पीछे कोई खास मकसद नहीं। मीडिया में इस गांव के बारे में काफी कुछ पढ़ा था। जयापुर भी दूसरे अन्य गांवों की तरह ही है मगर यहां स्वच्छ भारत अभियान का काफी असर है। गांव विकसित, बेहद साफ सुथरा और लोग सुलझे हुए हैं। हम सब नए हैं मगर गांव में आकर ऐसा नहीं लगा कि पहली बार आए हैं। गांव के लोगों का खूब प्यार मिल रहा है।
विज्ञापन
भोजपुरी फिल्मों के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त निर्देशक आनंद डी घटराज ने फिल्म से जुड़ी बातें साझा कीं। बताया कि यह फिल्म एक ईमानदार नेता के संघर्षों की कहानी पर आधारित है। कैसे एक ईमानदार नेता को समाज की बुराइयों से लड़ना पड़ता है।
विज्ञापन
बताया कि यह फिल्म मौजूदा दौर की सियासत को सीख देने वाली फिल्म है। फिल्म में रविकिशन, कुणाल सिंह और रविशेखर के अलावा अंजना सिंह और प्रियंका पंडित की अदाकारी देखने को मिलेगी। फिल्म का 90 फीसदी हिस्सा जयापुर में फिल्माया जाएगा। इसमें गांव के कलाकारों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। बकौल आनंद, फिल्म में ग्लैमर का तड़का डालने के लिए सीमा सिंह का एक आइटम सांग भी रखा गया है। उदित नारायण और कल्पना ने इसके गाने गाए हैं। लगभग डेढ़ करोड़ रुपये के बजट वाली यह फि ल्म अगस्त में रिलीज होगी। भोजपुरी फिल्में आज भी पुरुष प्रधान ः ‘आइटम गर्ल’ से भोजपुरी फिल्मों में कॅरियर शुरू करने वाली अंजना सिंह ‘शहंशाह’ में लीड रोल में होंगी। भोजपुरी फिल्मों की क्वीन अंजना ने कहा, ‘भोजपुरी फिल्में आज भी पुरुष प्रधान हैं। ज्यादातर कहानियां पुरुष किरदार पर ही केंद्रित होती हैं। यही कारण है कि आज भी भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में रविकिशन, मनोज तिवारी, दिनेशलाल यादव के नाम के आगे सुपरस्टार लगता है मगर किसी भी हीरोइन को यह तमगा हासिल नहीं है।’
विज्ञापन
लग्जरी गाड़ियों का काफिला, बड़े-बड़े कैमरे, लाइट्स.. मुंबइया फैशन वाले कपड़ों में लोगों की फौज... यह नजारा दिखा जयापुर गांव में। अब तक इस गांव में नेताओं और मंत्रियों का काफिला नजर आता था मगर यह पहला मौका रहा जब भोजपुरी फिल्म की पूरी यूनिट ही गांव में नजर आई। लहंगा-चोली में मेकअप से लकदक हीरोइन को नजदीक से निहारने की जुगत में केवल गांव के युवा ही नहीं बल्कि महिलाएं भी जुटी रहीं। कड़ी धूप की परवाह किए बगैर लोग शूटिंग स्थल पर जमे रहे। हीरो-हीरोइन, विलेन, कॉमेडियन.. आज सब उनके बीच थे तो कौतूहल लाजिमी था।
फिल्म निर्माता रोहित सिंह ने कहा कि जयापुर में शूटिंग के पीछे कोई खास मकसद नहीं। मीडिया में इस गांव के बारे में काफी कुछ पढ़ा था। जयापुर भी दूसरे अन्य गांवों की तरह ही है मगर यहां स्वच्छ भारत अभियान का काफी असर है। गांव विकसित, बेहद साफ सुथरा और लोग सुलझे हुए हैं। हम सब नए हैं मगर गांव में आकर ऐसा नहीं लगा कि पहली बार आए हैं। गांव के लोगों का खूब प्यार मिल रहा है।