बगैर डॉक्टर के चल रहा नगर निगम का स्वास्थ्य विभाग, सपा का सीएम योगी को खत
सपा एमएलसी शतरूद्र प्रकाश ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजा है। उन्होंने सीएम का ध्यान वाराणसी नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग में डाक्टर की तैनाती न होने के बारे में आकर्षित कराया है। एमएलसी के अनुसार कोरोना के संकटकाल में हास्यास्पद है कि नगर निगम के पूरे स्वास्थ विभाग को एक सैनिटरी इंस्पेक्टर चला रहा है।
यह उम्मीद से परे है कि 25 जून से लागू कोविड -19 महामारी के विभिन्न चरणों व अनलाक के भिन्न भिन्न स्तरों के बीत गया। इसके बाद भी प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र के नगर निगम में आज की तारीख में एक भी डाक्टर ( स्वास्थ चिकित्सक ) कार्यरत नहीं है।
एमएलसी के अनुसार हाटस्पाट, बफर जोन, वाराणसी की गलियों आदि अनेक स्थानों पर गरुड़ ड्रोन से सोडियम हाइपोक्लोराइड के घोल (सैनेटाइजर) का छिड़काव करने लिए चेन्नई की कंपनी को ठेका दिया गया था। छिड़काव भी कराया था। लेकिन वैज्ञानिकों अथवा महामारी चिकित्सकों की सलाह के अभाव में मात्र प्रसाशनिक आधार पर ही तय कर लिया गया। रेड, यलो, ग्रीन जोन या किसी हॉटस्पॉट, क्वारंटीन क्षेत्र में गरुड़ द्रोण से कितनी ऊंचाई से उक्त घोल कितनी मात्रा में छिड़काव कराना सही होगा।
यदि चिकित्सकों की टीम नगर निगम के पास होती तो इस तरह के कार्य और भी अच्छी तरह से हो सकते थे। इस बीच आप भी अनेक बार वाराणसी गए हैं। वाराणसी के तीन मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों, उच्चाधिकारी ने अवगत कराया होगा।
इस संबंध में मैंने 31 अगस्त को वाराणसी विकास समन्वय तथा निगरानी समति की वर्चुअल (आभासी) बैठक में भी उठाया था। लेकिन शायद वह बात वहीं की वहीं रह गई। इस बीच नगर निगम ने अनेक वार्डो मे सफाई अवश्य कराई थी। लेकिन कोविड -19 महामारी के वायरस SARS-Cov-2 को म्युटेट (फैलने) करने से रोकने के लिए जितने व्यापक बंदोबस्त करने चाहिए थे। डॉक्टरों की टीम के अभाव में निगम नहीं कर पाया। आपसे अनुरोध है कि नगर निगम में योग्य डॉक्टरों की तैनाती कराएं।