गाजीपुर के शहीद श्याम नारायण की शव यात्रा में हजारों लोग शामिल थे। सभी की आंखों में देश भक्ति का जज्बा साफ झलक रहा था। एक तरफ जहां जिले के इस लाल की शहादत पर लोगों को गर्व था, वहीं पाकिस्तान और उसके आतंकवादियों के खिलाफ काफी गुस्सा। लोग जब तक सूरज-चांद रहेगा, श्याम नारायण तेरा नाम रहेगा, हिंदुस्तान जिंदाबाद, पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाते आगे बढ़ रहे थें। देखें आगे की स्लाइड्स में...
1991 में सीआरपीएफ में हुए थे भर्ती
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shyam narayan
- फोटो : amar ujala
हसनपुर गांव से सुबह करीब साढ़े दस बजे शहीद श्याम नारायण की शव यात्रा निकली। चार किलो मीटर तक शहीद के परिजनों और ग्रामीणों ने शव को कंधा दिया। इसके बाद फूल-माला से सजे सेना के वाहन पर शव को रखा गया। वाहन के पीछे हजारों लोग पैदल चल रहे थे। यह देशभक्ति का जज्बा ही था कि आम लोगों की कौन कहे, खास लोग भी करीब 20 किलोमीटर की पदयात्रा कर श्मशान घाट पर पहुंचे और जिले के अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई दी। इसके बाद राजकीय सम्मान के साथ शहीद के छोटे पुत्र ने पिता के पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी।
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शहीद जवान श्याम नारायण की शव यात्रा में शामिल लोगों को प्यास बुझाने के लिए जगह-जगह लोगों की तरफ से पानी की व्यवस्था की गई थी। जमानिया मोड़ पर स्थित भारत पेट्रोप पम्प के संचालक विजय अग्रवाल, कर्मचारी राजेश कुमार, आनंद कुमार की तरफ से और श्यामघाट मुहल्ला के युवकों द्वारा भी पानी की व्यवस्था की गई थी। जैसे ही शव यात्रा पहुंची लोग उसमें शामिल लोगों में मिठा और पानी की वितरण करने में जुट गए।
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शहीद की शव यात्रा में किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो, इसके लिए कड़ा प्रबंध किया गया था। श्यामघाट पर बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात रही। घाट के मुख्य द्वार पर तैनात पुलिस कर्मी चारपहिया और दो पहिया वाहनों को बाहर सड़क पर ही रोक दे रहे थे। वाहनों को घाट के बाहर खाली स्थानों पर खड़ा करा रहे थे। इसके अलावा गाजीपुर-जमानिया मार्ग पर ट्रकों का आवागमन रोक दिया गया था।
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एक तरफ जहां शहीद के अंतिम यात्रा में हजारों लोग शामिल थे, वहीं सैकड़ों लोग नगर के श्मशान घाट पर शव यात्रा आने का इंतजार करते रहे। सदर विधायक डा. संगीता बलवंत, नगरपालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल, पूर्व मंत्री ओमप्रकाश सिंह अन्य पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक घंटों शव यात्रा का इंतजार करते हुए अंतिम समय तक तक डटे रहे। राज्यमंत्री अनिल राजभर और जंगीपुर विधायक डा. विरेंद्र यादव यात्रा के साथ-साथ चल रहे थे।