यूपी: सोनभद्र में बड़ी कार्रवाई, लापरवाही बरतने पर कोटा के पंचायत सचिव निलंबित
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सोनभद्र जिले के चोपन ब्लॉक के कोटा ग्रामसभा के पंचायत सचिव पंकज मौर्य को कार्य में लापरवाही बरतने और उच्चाधिकारियों के निर्देश का पालन न करने के आरोप में सोमवार को निलंबित कर दिया गया। निलंबन की अवधि में पंकज को जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) कार्यालय से संबद्ध किया गया है।
यह जानकारी डीपीआरओ विशाल सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि कोटा जिले की बड़ी ग्राम पंचायतों में से एक है। इस ग्राम पंचायत में एक हजार से अधिक शौचालयों के निर्माण अधूरे हैं, जबकि निर्माण की फोटो आदि भी अपलोड कर प्रगति रिपोर्ट भेज दी जा रही थी।
मौके पर शौचालयों के निर्माण अधूरे मिलने पर कई बार पूर्व में चेतावनी भी दी जा चुकी थी। इसके बाद भी प्रगति में सुधार नहीं हुआ। जिलाधिकारी ने शौचालयों का निर्माण पूरा न होने पर नाराजगी जताई थी। इसके अलावा कोटा ग्राम पंचायत में स्वच्छ भारत मिशन के तहत 9.40 लाख रुपये की लागत से दो जगह सामुदायिक शौचालयों का निर्माण किया जाना है।
प्रति सामुदायिक शौचालय 4.70 लाख रुपये खर्च होने हैं। चार माह बीत जाने के बाद भी सामुदायिक शौचालयों के निर्माण की प्रगति में सुधार नहीं हुआ। डीपीआरओ ने बताया कि कुछ दिन पहले निरीक्षण के दौरान सामुदायिक शौचालय का निर्माण अधूरा मिला था। चार महीने के दौरान चार फीट ऊंचाई तक दीवार बना हुआ मिला जबकि अब तक निर्माण पूरा हो जाना चाहिए। मौके पर निर्माण कार्य भी बंद मिला था। इसके लिए पंचायत सचिव को चेतावनी भी दी गई थी।
इसके बावजूद कार्य में अपेक्षित सुधार नहीं मिला। सामुदायिक शौचालय के निर्माण में लगे श्रमिकों का तीन माह से पारिश्रमिक का भुगतान न किए जाने की भी शिकायत मिली थी। पारिश्रमिक के भुगतान के निर्देश भी दिए गए थे। फिर भी भुगतान नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि अन्य विकास कार्यों में भी रुचि नहीं लिए जाने की शिकायत मिली थी। इसके मद्देनजर कोटा गांव के पंचायत सचिव पंकज मौर्य को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन की अवधि में पंकज को उन्होंने जिला मुख्यालय अपने कार्यालय से संबद्ध किया है।
आरोपों की जांच की जिम्मेदारी राबर्ट्सगंज के सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) कृपाशंकर शुक्ला को दी गई है। जांच अधिकारी को यथाशीघ्र आरोपों की जांच कर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।