दादा से केशव ने दो दिन की मोहलत मांगी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सूत्रों की मानें तो दादा को टिकट देकर पार्टी बाकी सीटों पर हो रहे विरोध को शांत करने के साथ-साथ समीकरण भी दुरुस्त कर लेगी। टिकट बंटने के बाद बदले समीकरणों का कैंट और उत्तरी में भी दक्षिणी के विरोध का असर पड़ रहा है। संगठन के दो पदाधिकारियों का आनन-फानन में यहां आना इसी लिहाज से देखा जा रहा है। दक्षिणी सीट पर प्रत्याशी बदलने और दादा के नाम की वाराणसी से लखनऊ और दिल्ली में बैठे कई नेता कर रहे हैं।
दादा ने जानकारी दी कि उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष को बता दिया है कि टिकट काटा जाना मेरा अपमान नहीं, बल्कि दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र की जनता का अपमान है। प्रदेश अध्यक्ष ने गलती होने की बात मानते हुए उनसे दो दिन का समय मांगा है। मौर्य ने आश्वासन दिया है कि पार्टी उनके मान-सम्मान का पूरा ध्यान रखेगी। इसी दौरान शहर दक्षिणी क्षेत्र के पार्षद और पदाधिकारियों ने उन्हें पत्रक दिया।
बातचीत के बाद दादा ने कहा कि वह राजनीतिक लाभ के लिए विधायक नहीं बने। जनता की सेवा के लिए विधायक बने और पूरा जीवन लगा दिया। पार्टी कहती तो मैं खुद हट जाता। मुझे विधायक का टिकट मिलने का दुख नहीं है। मुझे इस बारे में पूछा और बताया तक नहीं गया, इस बात का दुख है। पार्टी को न छोड़ूंगा, न किसी दल में जाऊंगा और न ही प्रचार करूंगा। कार्यकर्ता की तरह रहूंगा। अध्यक्ष ने दादा से कहा कि आपका आशीर्वाद लेने आया हूं। जितने साल मेरी उम्र है, उतने समय से तो आप विधायक हैं।
प्रत्याशियों की घोषणा के बाद मचे बवाल को समझने और विरोधियों को समझाने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के निर्देश पर प्रदेश प्रभारी ओम माथुर और प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य शुक्रवार को यहां आए। वस्तुस्थिति समझने के बाद दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय अध्यक्ष अध्यक्ष लक्ष्मण आचार्य और संगठन मंत्री रत्नाकर से बातचीत की 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट मांगी है।
सूची जारी होने के बाद अचानक काशी क्षेत्र के पदाधिकारियों की बैठक बुलाने के कई मायने निकाले जा रहे हैं। माना जा रहा कि कार्यकर्ताओं के असंतोष को दूर करने के साथ ही पदाधिकारियों को संगठन के काम में लगाने के लिए भेजा गया है। चुनाव प्रबंधन में कौन-कौन अड़चन डाल सकते हैं। संबंधित जिलाध्यक्षों से इसकी सूची तैयार कराई जा रही है। बैठक में प्रदेश सह प्रभारी सुनील ओझा के अलावा, जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा, महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि, नागेंद्र रघुवंशी, धर्मेंद्र सिंह, मनीष कपूर आदि शामिल रहे।