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BHU: डीएम, कमिश्नर और SSP ने की शांति की अपील, VC के साथ चल रही बैठक
टीम डिजिटल,वाराणसी
Updated Sun, 24 Sep 2017 04:03 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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बीएचयू में चल रहे ताजा घटनाक्रम को लेकर वाराणसी के डीएम, एसएसपी और कमिश्नर छात्रों और प्रसासन से शांति व्यवस्था बनाये रखने की अपील की है। इस मामले में बीएचयू के कुलपति जीसी त्रिपाठी ने चुप्पी साध रखी है।
बताया जा रहा है कि डीआईजी वाराणसी के साथ कुछ और बड़े प्रशासनिक अधिकारी अभी बीएचयू से वार्ता करने पहुंचे हैं। कल भी कुलपति से घंटो बैठक हुई थी। अधिकारियों के समझाने के बाद भी कुलपति अपनी जिद पर अड़े हैं वो झुकने को तैयार नहीं है।
वो छात्राओं के बीच आने से मना कर चुके थे। बीती रात आवास पर हुई बैठक के बाद ही हिंसा भड़की थी। बता दें कि बीएचयू कैंपस में दो दिन से चल रहा धरना प्रदर्शन शनिवार देर रात हिंसक हो गया। छात्र- छात्राओं पर लाठीचार्ज के बाद रात भर बवाल चला। रविवार सुबह छात्राओं द्वारा साइलेंट मार्च निकाले जाने के बाद महिला छात्रावासों को जबरन खाली कराया जा रहा है।
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विश्वविद्यालय को शनिवार रात से ही दो अक्टूबर तक बंद कर दिया गया है। एमएमबी और रानी लक्ष्मीबाई हॉस्टल की लड़कियों से जबरन हॉस्टल खाली कराया जा रहा है। पूर मामले में बीएचयू कुलपति की चुप्पी हतप्रभ करने वाली है।
इसी बीच, आज सुबह आंदोलनरत छात्राओं ने सुबह साइलेंट मार्च निकाला। छात्राओं ने फिर सुबह कुलपति और विश्वविद्यालय के खिलाफ हुंकार भरी है। कुलपति जीसी त्रिपाठी अपनी जिद पर अड़े हैं। वो छात्राओं से बात करने को तैयार नहीं हैं।
वीसी लॉज के सामने पहुंचते पुलिस ने फिर बर्बरता दिखाई। लाठी के दम पर छात्राओं को भगाने का प्रयास किया गया। छात्राओं का आरोप है कि पुलिस ने लाठी चार्ज किया मगर पुलिसकर्मी इनकार करते रहे। घटना के बाद छात्र-छात्राएं फिर एकजुट हुए और कैंपस में मौन मार्च निकाल रहे हैं। कैंपस में वाराणसी के 22 थानों के अलावा तीन जिलों की फोर्स पहुंची हैं। कई कंपनी पीएसी वहां पहले से मौजूद है।
पूरा विश्वविद्यालय परिसर पुलिस छावनी में तब्दील है। इधर, सोशल मीडिया पर छात्राओं के समर्थन में आवाज बुलंद हो रही है। पुलिस के इस कृत्य को लोगों ने शर्मनाक बताया है। पूरे देश की नजर बीएचयू में हरवक्त बदलते घटनाक्रम पर है।
बता दें कि बीएचयू कैंपस में शनिवार की रात पुलिस और छात्रों के बीच जो गुरिल्ला युद्ध चला, उसका केंद्र बिड़ला ए चौराहा बना रहा। वीसी लॉज से कोई आधा किलोमीटर दूर इस चौराहे के एक तरफ से भारी फोस तो दूसरी ओर छात्र जमे रहे। दोनों तरफ से एक दूसरे पर जवाबी कार्रवाई जारी रही। जब माहौल बिगड़ता गया तो पुलिस ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटना शुरू कर दिया।
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बताया जा रहा है कि डीआईजी वाराणसी के साथ कुछ और बड़े प्रशासनिक अधिकारी अभी बीएचयू से वार्ता करने पहुंचे हैं। कल भी कुलपति से घंटो बैठक हुई थी। अधिकारियों के समझाने के बाद भी कुलपति अपनी जिद पर अड़े हैं वो झुकने को तैयार नहीं है।
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वो छात्राओं के बीच आने से मना कर चुके थे। बीती रात आवास पर हुई बैठक के बाद ही हिंसा भड़की थी। बता दें कि बीएचयू कैंपस में दो दिन से चल रहा धरना प्रदर्शन शनिवार देर रात हिंसक हो गया। छात्र- छात्राओं पर लाठीचार्ज के बाद रात भर बवाल चला। रविवार सुबह छात्राओं द्वारा साइलेंट मार्च निकाले जाने के बाद महिला छात्रावासों को जबरन खाली कराया जा रहा है।
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विश्वविद्यालय को शनिवार रात से ही दो अक्टूबर तक बंद कर दिया गया है। एमएमबी और रानी लक्ष्मीबाई हॉस्टल की लड़कियों से जबरन हॉस्टल खाली कराया जा रहा है। पूर मामले में बीएचयू कुलपति की चुप्पी हतप्रभ करने वाली है।
इसी बीच, आज सुबह आंदोलनरत छात्राओं ने सुबह साइलेंट मार्च निकाला। छात्राओं ने फिर सुबह कुलपति और विश्वविद्यालय के खिलाफ हुंकार भरी है। कुलपति जीसी त्रिपाठी अपनी जिद पर अड़े हैं। वो छात्राओं से बात करने को तैयार नहीं हैं।
वीसी लॉज के सामने पहुंचते पुलिस ने फिर बर्बरता दिखाई। लाठी के दम पर छात्राओं को भगाने का प्रयास किया गया। छात्राओं का आरोप है कि पुलिस ने लाठी चार्ज किया मगर पुलिसकर्मी इनकार करते रहे। घटना के बाद छात्र-छात्राएं फिर एकजुट हुए और कैंपस में मौन मार्च निकाल रहे हैं। कैंपस में वाराणसी के 22 थानों के अलावा तीन जिलों की फोर्स पहुंची हैं। कई कंपनी पीएसी वहां पहले से मौजूद है।
पूरा विश्वविद्यालय परिसर पुलिस छावनी में तब्दील है। इधर, सोशल मीडिया पर छात्राओं के समर्थन में आवाज बुलंद हो रही है। पुलिस के इस कृत्य को लोगों ने शर्मनाक बताया है। पूरे देश की नजर बीएचयू में हरवक्त बदलते घटनाक्रम पर है।
बता दें कि बीएचयू कैंपस में शनिवार की रात पुलिस और छात्रों के बीच जो गुरिल्ला युद्ध चला, उसका केंद्र बिड़ला ए चौराहा बना रहा। वीसी लॉज से कोई आधा किलोमीटर दूर इस चौराहे के एक तरफ से भारी फोस तो दूसरी ओर छात्र जमे रहे। दोनों तरफ से एक दूसरे पर जवाबी कार्रवाई जारी रही। जब माहौल बिगड़ता गया तो पुलिस ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटना शुरू कर दिया।
वीसी लॉज के सामने लाठीचार्ज के बाद भड़का गुस्सा
BHU
अपनी मांग को लेकर लंका गेट पर शांतिपूर्ण तरीके से धरना दे रहे छात्रों की जब प्रशासन ने 40 घंटे तक बात नहीं मानी तो वह रात 10 बजे वीसी लॉज पहुंच गए। यहां धरने पर बैठ गए और प्रशासन के विरोध में नारेबाजी करने लगे।
यहां सुरक्षा गार्डों द्वारा लाठीचार्ज के बाद ही छात्रों का गुस्सा भड़का और फिर तो जो दृश्य हुआ उसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती है कि दो दिन के धरने के बाद ऐसा भी माहौल होगा।
लंका गेट, त्रिवेणी हॉस्टल और महिला महाविद्यालय के बीच चल रहा यह विवाद अब बिड़ला-एलबीएस सहित अन्य हॉस्टलों तक पहुंच गया है। छात्र-छात्राओं की एक टीम रात 10 बजे कुलपति आवास पहुंची। यहां वह कुलपति से बात करने की जिद पर अड़े रहे।
चीफ प्राक्टर ने इन्हें मनाने का प्रयास किया लेकिन जब बात नहीं बन पाई तो सुरक्षा गार्डों ने लाठीचार्ज कर दिया। इसके बाद गुस्सा भड़का जिसे रोकना मुश्किल था। सूचना पाकर पहुंची 16 थानों की पुलिस ने मोर्चा संभाला।
हॉस्टल से पेट्रोल बम, पुलिस की ओर से आंसू गैस के गोले, हवाई फायरिंग भी खूब हुई। इसके बाद लंका गेट पर धरना अपनी जगह चल रहा था, अब पुलिस और छात्र आमने-सामने हो गए।
पुलिस ने लंका गेट पर धरनारत छात्र-छात्राओं के साथ ही महिला महाविद्यालय गेट पर खड़ी छात्राओं पर भी लाठीचार्ज किया। इन सबके बीच विश्वविद्यालय सुरक्षा की कमान संभालने वाले मूक दर्शक बने रहे।
यहां सुरक्षा गार्डों द्वारा लाठीचार्ज के बाद ही छात्रों का गुस्सा भड़का और फिर तो जो दृश्य हुआ उसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती है कि दो दिन के धरने के बाद ऐसा भी माहौल होगा।
लंका गेट, त्रिवेणी हॉस्टल और महिला महाविद्यालय के बीच चल रहा यह विवाद अब बिड़ला-एलबीएस सहित अन्य हॉस्टलों तक पहुंच गया है। छात्र-छात्राओं की एक टीम रात 10 बजे कुलपति आवास पहुंची। यहां वह कुलपति से बात करने की जिद पर अड़े रहे।
चीफ प्राक्टर ने इन्हें मनाने का प्रयास किया लेकिन जब बात नहीं बन पाई तो सुरक्षा गार्डों ने लाठीचार्ज कर दिया। इसके बाद गुस्सा भड़का जिसे रोकना मुश्किल था। सूचना पाकर पहुंची 16 थानों की पुलिस ने मोर्चा संभाला।
हॉस्टल से पेट्रोल बम, पुलिस की ओर से आंसू गैस के गोले, हवाई फायरिंग भी खूब हुई। इसके बाद लंका गेट पर धरना अपनी जगह चल रहा था, अब पुलिस और छात्र आमने-सामने हो गए।
पुलिस ने लंका गेट पर धरनारत छात्र-छात्राओं के साथ ही महिला महाविद्यालय गेट पर खड़ी छात्राओं पर भी लाठीचार्ज किया। इन सबके बीच विश्वविद्यालय सुरक्षा की कमान संभालने वाले मूक दर्शक बने रहे।