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मंदिर निर्माण हमारी प्रतिबद्धता, जरूरत पड़ी तो कानून बनाएंगे: कलराज
Thu, 31 Jan 2019 09:51 AM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आजमगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आजमगढ़
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 31 Jan 2019 09:51 AM IST
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फाइल फोटो
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भाजपा सांसद और पूर्वमंत्री कलराज मिश्र ने मंदिर निर्माण की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि न्यायालय के फैसले के बाद मंदिर का निर्माण किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो कानून बनाकर मंदिर का निर्माण करेंगे।
वे बुधवार को मिशन अस्पताल परिसर में प्रबुद्घजन सम्मेलन के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे। सपा बसपा गठबंधन पर उन्होंने कहा कि यह गठबंधन बिरादरी के नाम पर हो रहा है। हम कार्य, संपर्क और योजनाओं की लगातार मानीटरिंग से गठबंधन को ध्वस्त कर देंगे।
इसके लिए हमारे कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर लोगों को योजनाओं का लाभ पहुंचा रहे हैं। सरकार संविधान से चलती है, मंदिर निर्माण हमारी प्रतिबद्धता है, गर्भगृह वहीं पर रहा है। संविधान के अनुसार न्यायालय के फैसले के बाद ही मंदिर बनेगा।
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अगर जरूरत पड़ी तो कानून बनाकर मंदिर का निर्माण किया जाएगा। हमने गरीब सवर्णों के आरक्षण को कानूनी मान्यता दी। हमने इसे लागू करने के बाद इसे संवैधानिक रूप दिया ताकि इसे बदला न जा सके। कोर्ट ने भी इस पर रोक लगाने से इंकार कर दिया।
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वे बुधवार को मिशन अस्पताल परिसर में प्रबुद्घजन सम्मेलन के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे। सपा बसपा गठबंधन पर उन्होंने कहा कि यह गठबंधन बिरादरी के नाम पर हो रहा है। हम कार्य, संपर्क और योजनाओं की लगातार मानीटरिंग से गठबंधन को ध्वस्त कर देंगे।
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इसके लिए हमारे कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर लोगों को योजनाओं का लाभ पहुंचा रहे हैं। सरकार संविधान से चलती है, मंदिर निर्माण हमारी प्रतिबद्धता है, गर्भगृह वहीं पर रहा है। संविधान के अनुसार न्यायालय के फैसले के बाद ही मंदिर बनेगा।
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अगर जरूरत पड़ी तो कानून बनाकर मंदिर का निर्माण किया जाएगा। हमने गरीब सवर्णों के आरक्षण को कानूनी मान्यता दी। हमने इसे लागू करने के बाद इसे संवैधानिक रूप दिया ताकि इसे बदला न जा सके। कोर्ट ने भी इस पर रोक लगाने से इंकार कर दिया।
भाजपा नेताओं की बयानबाजी पर उन्होंने कहा कि शब्दों में ओछापन नहीं होना चाहिए। चाहे कोई भी हो उसे शब्दों की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए।
दिव्यांग मंत्री ओमप्रकाश राजभर द्वारा अति पिछड़ों के आरक्षण को अलग करने की मांग को लेकर 24 फरवरी का अल्टीमेटम दिए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह हमारे घटक दल हैं। उन पर फैसला लेना राष्ट्रीय नेतृत्व का काम है।
दिव्यांग मंत्री ओमप्रकाश राजभर द्वारा अति पिछड़ों के आरक्षण को अलग करने की मांग को लेकर 24 फरवरी का अल्टीमेटम दिए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह हमारे घटक दल हैं। उन पर फैसला लेना राष्ट्रीय नेतृत्व का काम है।