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आजमगढ़: जयपुर ब्लास्ट में चार युवकों को मौत की सजा मिलने से परिवार स्तब्ध

Sat, 21 Dec 2019 03:59 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आजमगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आजमगढ़ Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Sat, 21 Dec 2019 03:59 PM IST
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Jaipur court sentenced four people to death penalty in Jaipur blast case
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : google

11 साल पहले राजस्थान की राजधानी जयपुर में हुए सिलसिलेवार आठ धमाकों में 70 लोगों की मौत और 185 लोग घायल हुए थे। अदालत में चल रही इस मुकदमे की सुनवाई के दौरान आजमगढ़ जिले के रहने वाले चार युवकों को जयपुर के कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। शुक्रवार की शाम करीब चार बजे के बाद आए कोर्ट के इस फैसले से इनके घर और परिवार के लोग स्तब्ध रह गए। इस मामले में एक आरोपी को हैदराबाद की अदालत 2017 में ही फांसी की सजा सुना चुकी है।

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जिन चार युवकों को जयपुर की अदालत ने शुक्रवार को फांसी की सजा सुनाई, उसमें सरायमीर थाने के संजरपुर गांव निवासी मो. सलमान, मो. सैफ और शहर कोतवाली के बदरका मुहल्ला निवासी शरफूरहमान और रौनापार थाने के चांदपट्टी गांव निवासी मो. सरवर का नाम शामिल है।
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ये चारों युवक आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन के सक्रिय सदस्य थे। 13 मई 2008 को जयपुर में सिलसिलेवार आठ बम धमाके हुए थे। इसके बाद पुलिस आरोपियों की पहचान में जुट गई, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।

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आरोपियों की पहचान के नाम पर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां हवा में तीर चला रही थीं। इसी बीच 13 सितंबर 2008 को दिल्ली के करोल बाग, कनाट प्लेस, इंडिया गेट और ग्रेटर कैलाश में सिलसिलेवार बम धमाके हुए। उसमें 26 लोग मारे गए, जबकि 133 लोग घायल हो गए थे।

दिल्ली पुलिस की जांच में इंडियन मुजाहिदीन के लोगों की संलिप्तता का पता चला। 19 सितंबर 2008 को पुलिस को सूचना मिली कि आतंकी संगठन का सदस्य आतिफ अमीन एल 18 में रह रहा है। उसे पकड़ने के लिए पुलिस टीम बाटला हाउस पहुंची।

वहां पुलिस और संदिग्धों के बीच हुई फायरिंग में आतिफ अमीन और मो. साजिद मारे गए, जबकि मो. सैफ और आरिज खान भाग गए और इनका साथी जीशान गिरफ्तार कर लिया गया। जीशान के जरिए ही अन्य आरोपियों के नाम और पते की जानकारी होने पर वे अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किए गए थे। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार किया।

सभी आरोपियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। साथ ही मुकदमे की सुनवाई शुरू हो गई। लंबी सुनवाई के दौरान अदालत ने इन चार युवकों को दोषी पाते हुए सभी को शुक्रवार को फांसी की सजा सुनाई। जबकि इस मामले में हैदराबाद की अदालत ने साल 2017 को असदुल्लाह उर्फ हड्डी उर्फ डैनियल को फांसी की सजा सुना चुकी है।

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