एक्सक्लूसिव: ISI की थी आतंक का जाल फैलाने की साजिश, राशिद को दिया था व्हाट्स एप ग्रुप बनाने का टास्क
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चंदौली के चौरहट पड़ाव निवासी राशिद अहमद को आईएसआई एजेंट आसिम और अमद ने 20 दोस्त बनाकर उनका व्हाट्स एप ग्रुप बनाने को कहा था। हिदायत दी थी कि ऐसे युवकों को दोस्त बनाओ जो हफ्ते-दस दिन में अलग-अलग शहरों में आते-जाते हों।
ग्रुप के सदस्यों को आईएसआई एजेंट भड़काऊ वीडियो और मैसेज भेज कर हिंदुस्तान के प्रति उकसाने वाले थे। साथ ही उनसे देश के संवेदनशील स्थानों और सैन्य अड्डों की फोटो और वीडियो पाकिस्तान मंगवाते। ग्रुप के इन सदस्यों को स्लीपिंग माड्यूल के तौर पर आईएसआई अपनी आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल करती। राशिद के माध्यम से ग्रुप के सभी दोस्तों को आईएसआई की ओर से पैसे दिए जाते।
तफ्तीश में सामने आया है कि आईएसआई एजेंट के कहने पर पैसे के बदले राशिद ने व्हाट्स एप ग्रुप बनाने पर हामी भर दी थी। हालांकि इससे पहले ही वह गिरफ्तार कर लिया गया। अब उसके दोस्त, करीबी और उससे सोशल मीडिया पर जुड़े लोग एटीएस के रडार पर हैं। इसके लिए राशिद के मोबाइल की फरवरी 2019 से अब तक की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है। बीते एक साल में वह कहां गया और किसके संपर्क में रहा, इसकी भी पड़ताल जारी है।
देश के सैन्य अड्डों, महत्वपूर्ण स्थानों, प्रधानमंत्री मोदी की रैलियों की फोटो और वीडियो पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को भेजने के आरोप में रविवार को राशिद को पड़ाव से गिरफ्तार किया गया था। एटीएस वाराणसी इकाई के इंस्पेक्टर शैलेंद्र त्रिपाठी और उनकी टीम ने सोमवार को लखनऊ स्थित अदालत में राशिद को पेश किया। अदालत की अनुमति से राशिद मंगलवार से तीन दिन की कस्टडी रिमांड पर है।
राशिद का पासपोर्ट कराया जाएगा रद्द
चंदौली जिले के मुगलसराय थाना के चौरहट पड़ाव में रहने के बावजूद राशिद ने लंका थाने के छित्तूपुर में रहने वाले पिता के पते पर अपना पासपोर्ट फरवरी 2017 में बनवाया था। मां-बाप के तलाक के बाद वह 15 साल से चौरहट स्थित ननिहाल में रह रहा था और पिता के पास यदाकदा आता था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, राशिद का पासपोर्ट बनने में किस स्तर पर चूक हुई, इसकी पड़ताल कराई जाएगी। साथ ही गलत सूचना देकर पासपोर्ट बनवाने और आईएसआई को देश की गोपनीय सूचनाएं साझा करने के आरोपी राशिद का पासपोर्ट रद्द कराया जाएगा।
सीएए के विरोध प्रदर्शन के वीडियो भेज उकसाता था परिचितों को
राशिद के मोबाइल की जांच में सामने आया है कि वह नागरिकता संशोधन कानून(सीएए) के विरोध में बनारस सहित देश के अलग-अलग हिस्सों में हुए विरोध प्रदर्शन के वीडियो भेजता था। साथ ही वह कहता था कि सीएए और एनआरसी धर्म के लिए खतरा है। हम सभी को इसका पुरजोर तरीके से विरोध करना चाहिए। उसने किस-किसको वीडियो भेजा और उनकी क्या प्रतिक्रिया उसके पास आई, इसकी भी जांच की जा रही है।
राजस्थान से किसने भेजे थे रुपये, पता लगाया जा रहा
राजस्थान के जयपुर से राशिद को उसके दोस्त के पेटीएम एकाउंट में जुलाई 2019 में किसने पांच हजार रुपये भेजे थे, इसकी तफ्तीश एटीएस ने शुरू कर दी है। जल्द ही एटीएस की एक टीम जयपुर और जोधपुर जाएगी। आईएसआई एजेंट ने उसे एक लाख रुपये देने का वादा किया था, वह किस खाते में और कैसे आया, इसका भी पता लगाया जा रहा है। गौरतलब है कि राशिद 2017 और 2018 में कराची (पाकिस्तान) में रहने वाली अपनी मौसी के पास गया था।
इस बीच राशिद कराची में ही रहने वाली अपने मामू की लड़की से प्रेम करने लगा और उससे निकाह करना चाहता था। राशिद के मौसेरे भाई सहजेब ने कराची में उसकी मुलाकात आईएसआई एजेंट आसिम और अमद से कराई। दोनों ने उसे कहा कि यदि वह भारत के सैन्य अड्डों और सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण स्थानों की फोटो और वीडियो भेजेगा तो वह उसे रुपये और महंगे उपहार देने के साथ ही उसका निकाह उसकी प्रेमिका से करा देंगे। इस पर राशिद ने हामी भरी और फरवरी 2019 में देश लौट कर आया तो मार्च से आईएसआई एजेंट को फोटो और वीडियो भेजने लगा।