Indian Railway: सैटेलाइट स्टेशन के रूप में विकसित होगा वाराणसी सिटी, मिलेंगी ये सुविधाएं
सिटी रेलवे स्टेशन सेटेलाइट स्टेशन के तौर पर विकसित किया जा रहा है। पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी सिटी स्टेशन को सैटेलाइट स्टेशन के रूप में विकसित किया जाएगा।
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देश की सांस्कृतिक राजधानी और पर्यटन के लिहाज से प्रमुख शहरों में शुमार वाराणसी के सिटी रेलवे स्टेशन का शीघ्र ही कायाकल्प होने वाला है। इस स्टेशन की और भी खूबियां आने वाले दिनों में दिखाई देगी। कई बदलाव देखने को मिलेंगे। सिटी रेलवे स्टेशन सेटेलाइट स्टेशन के तौर पर विकसित किया जा रहा है।
पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी सिटी स्टेशन को सैटेलाइट स्टेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके प्रावधान आम बजट में किए गए हैं। प्लेटफार्म व रेलवे ट्र्रैक बढ़ाने के साथ ही अन्य सुविधाओं को बढ़ाया जाना है। इस पर 9.98 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके साथ ही वाराणसी मंडल के 19 समपार फाटकों को बंद करना है। 231 समपार फाटकों पर चौकीदारों की तैनाती की जानी है।
पूर्वोत्तर रेलवे को कुल 6,900 करोड़ रुपये मिले
स्टेशन परिसरों के अंदर और बाहर स्लाइडिंग बूम गेट लगाया जाएगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की वीडियो कांफ्रेंसिंग के बाद लहरतारा स्थित डीआरएम भवन में मंडल रेल प्रबंधक रामाश्रय पांडेय ने पत्रकारों से बात की। उन्होंने कहा कि इस बार यात्री सुविधाओं और संरक्षा पर ज्यादा जोर है। पूर्वोत्तर रेलवे को कुल 6,900 करोड़ रुपये मिले हैं। वाराणसी मंडल समेत पूर्वोत्तर रेलवे में यात्री सुविधाओं पर 328 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। अमान परिवर्तन पर 188 करोड़ और नई रेल लाइन बिछाने पर 792 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
कैंट स्टेशन पर यार्ड रिमॉडलिंग का बढ़ा बजट
उत्तर रेलवे के कैंट स्टेशन पर 568 करोड़ की लागत से हो रहे यार्ड रिमॉडलिंग का बजट भी बढ़ा दिया गया है। रेलवे को 96 करोड़ रुपये और मिले हैं। मार्च के अंत तक यार्ड रिमॉडलिंग का कार्य पूरा करना है। रेल अधिकारियों के अनुसार, 309 करोड़ से मुगलसराय-लखनऊ-मुरादाबाद होते हुए अंबाला, जालंधर तक बिछाए जा रहे 1150 किलो मीटर लंबे ट्रैक का बजट भी बढ़ाया गया है। सीपीआरओ दीपक कुमार ने बताया कि लखनऊ मंडल समेत उत्तर रेलवे के लिए 25 हजार करोड़ रुपये बजट का प्रावधान किया गया है।
दोहरीकरण और तीसरी रेलवे लाइन पर खर्च होंगे 1531 करोड़
रेलवे लाइन दोहरीकरण व तीसरी रेलवे लाइन पर 1531 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वाराणसी से प्रयागराज रेलवे लाइन के दोहरीकरण के लिए 150 करोड़ रुपये आम बजट में मंजूर भी किए गए हैं। मंडल रेल प्रबंधक रामाश्रय पांडेय दोहरीकरण के बाद ट्रेन यात्रा आसान हो जाएगी। ट्रेनें तेज गति से चलेंगी। आउटर पर नहीं खड़ी होंगी। नई ट्रेनें चलाई जा सकेंगी।
वाराणसी मंडल के इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के साथ ही 200 कि लो मीटर दोहरीकरण का लक्ष्य रखा गया है। इसमें 142 किलो मीटर का कार्य पूरा कर लिया गया है। कुछ योजनाओं में बजट बढ़ाया गया। वर्ष 2023-24 में राजातालाब, कछवा रोड, जंगीगंज और सैदाबाद के बीच तीसरी लाइन बिछाएगी जाएगी। मंडुवाडीह यार्ड के ढांचे में बदलाव और मंडुवाडीह, वाराणसी के बीच संपर्क मार्ग काम किया जाएगा।
इसके लिए भी मिला बजट
-रेल पथ नवीनीकरण कार्य के लिए 450 करोड़ आवंटित
-आरओबी /आरयूबी के निर्माण के लिए 217 करोड़ आवंटित
-पुलों के सुदृढ़ीकरण के लिए 109 करोड़ आवंटित
- यात्री सुविधाओं के उन्नयन व विकास के लिये 328 करोड़
- सिग्नल एवं दूर संचार कार्य के लिए 131 करोड़ आवंटित
-विद्युत कार्य के लिए 199 करोड़ आवंटित
- यातायात सुविधाओं के विकास के लिये 105 करोड़ आवंटित हुआ
रेलवे स्टेशनों पर बिकेंगे घरेलू सामान
एक जिला एक उत्पाद के साथ ही अब रेलवे स्टेशनों पर जन सुविधा केंद्र भी खुलेंगे। यहां रेल यात्रियों को उनकी रोजमर्रा की जरूरत के घरेलू सामान भी उपलब्ध होंगे। जनऔषधि केंद्र भी खुलेंगे। पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल के डीआरएम रामाश्रय पांडेय के मुताबिक, उत्तर रेलवे के कैंट स्टेशन, पूर्वोत्तर रेलवे के बनारस और वाराणसी सिटी पर ओडीओपी के स्टॉल पहले से संचालित हैं। इनका अब विस्तार किया जाएगा। जनसुविधा केंद्र भी खुलेंगे, जो सप्ताह के सातों दिन 24 घंटे खुले रहेंगे।
मंडुवाडीह और नक्खीघाट रेलवे क्रॉसिंग पर बनेंगे अंडरपास
मंडुवाडीह रेलवे क्रासिंग और नक्खीघाट रेलवे क्रॉसिंग पर अब अंडरपास बनेंगे। इस अंडरपास के जरिये लोग आवाजाही कर सकेंगे। महमूरगंज-मंडुवाडीह फ्लाईओवर बनने के बाद से मंडुवाडीह रेलवे क्रॉसिंग को रेलवे ने बंद कर दिया था। इससे जाम की समस्या गहराती है। पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल के डीआरएम रामाश्रय पांडेय ने मुख्यालय को प्रस्ताव बनाकर भेजा है।
माना जा रहा है कि कागजी औपचारिकता इसी महीने पूरी हो जाएगी। कज्जाकपुरा ओवरब्रिज बनने के कारण अधिकतर लोग नक्खीघाट से ही सरैया, पुराना पुल से होकर पंचक्रोशी और सारनाथ की ओर जाते हैं। दरअसल, मंडुवाडीह-महमूरगंज फ्लाईओवर बनने के बाद वर्ष 2019 में पूर्वोत्तर रेलवे ने मंडुवाडीह गेट नंबर तीन को बंद कर दिया था। इसे लेकर स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था।