फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   India will reach the pinnacle of glory in Kashi

काशी से वैभव के शिखर पर पहुंचेगा भारत

Sun, 11 Dec 2016 02:14 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/वाराणसी
ब्यूरो, अमर उजाला/वाराणसी Updated Sun, 11 Dec 2016 02:14 AM IST
विज्ञापन
India will reach the pinnacle of glory in Kashi
सदाकाल गुजरात उत्सव का उद्घाटन करते विजय भाई रूपाणी।
अस्सी घाट पर शनिवार को एक तरफ पतितपावनी गंगा से साबरमती तक की शीतलता-प्रेम का बखान हुआ तो दूसरी ओर बाबा विश्वनाथ से सोमनाथ तक की धार्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक रिश्तों की याद दिलाई गई। गुजरात सरकार ने सिर्फ काशी को ही नहीं, बल्कि यूपी को दिल से जोड़कर विकास के पथ पर बढ़ने संदेश दिया। दो राज्यों की संस्कृतियों के मिलन की हर घड़ी उम्मीदों और नई संभावनाओं से भरी थी। गंगा तट पर गुजराती हस्तशिल्प की प्रदर्शनी के जरिए कला के आदान-प्रदान के द्वार खोले गए। सांझ ढलने के बाद घने कोहरे के बीच गुजराती लोक नृत्य, गीत और हास्य-विनोद की सतरंगी छटा देश-दुनिया के पर्यटकों, संस्कृति पसंद लोगों के लिए यादगार बन गई। इसी के साथ काशी में दो दिवसीय सदाकाल गुजरात उत्सव का जोरदार आगाज हुआ। यह उत्सव गुजरात के नॉन रेजीडेंसियल गुजराती फाउंडेशन की ओर से आयोजित किया गया था। 
विज्ञापन


कोहरे के चलते गुजरात के मुख्यमंत्री विजय भाई रूपाणी दो घंटे देरी से घाट पर पहुंचे। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सुबह-ए-बनारस के आरती स्थल पर शहनाई की गूंज और हर-हर महादेव के जयघोष के बीच गंगा की पूजा की। इसके बाद उन्होंने दीप जलाकर सदाकाल गुजरात उत्सव का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि गुजरात की संस्कृति और वहां की विशेषता से काशी के साथ यूपी को जोड़ने के लिए हम यहां आए हैं। यही नहीं जल्द ही ‘वाइब्रेंट गुजरात’ के जरिए दुनिया के 110 देशों को जोड़ने वाले हैं। 
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि बाबा काशी विश्वनाथ का धाम यहां है और गुजरात की धरती बाबा सोमनाथ की है। जब तक सूरज-चांद रहेंगे, तब तक काशी, यूपी और गुजरात का साथ रहेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यहां से सांसद चुने जाने की ओर इशारा करते हुए कहा कि अब तो काशी से गुजरात का रिश्ता और भी गाढ़ा हो गया है। काशी में विकास की गंगा का बहनी तय है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

कहा कि काशी देश ही नहीं जगत में अपनी पौराणिक विरासत को संरक्षित करते हुए आधुनिकतम नगरी बनेगी। बाबा विश्वनाथ के दरबार और महामना की तपोभूमि से भारत परम वैभव के शिखर पर पहुंचेगा। उन्होंने गुजरातियों से अपील की कि पिछले सौ साल में आपने काशी और यूपी के बीच जो प्रतिष्ठा बनाई है उसे और बढ़ाइए। भावी पीढ़ी को गुजरात से जोड़ने का समाज के लोगों को उन्होंने न्योता भी दिया। 

इस मौके पर गुजरात के गृह राज्य मंत्री प्रदीप सिंह जडेजा, महापौर राम गोपाल मोहले, कैंट की विधायक ज्योत्सना श्रीवास्तव, उत्तरी के विधायक रवींद्र जायसवाल, गुजरात की प्रमुख सचिव अनीता करवाल, आयुक्त उद्योग ममता वर्मा, काशी गुजराती समाज के अध्यक्ष अनिरुद्ध कुमार रावल समेत तमाम लोग उपस्थित थे। इससे पहले गुजरात के गृह राज्यमंत्री प्रदीप जडेजा ने अस्सी घाट पर गुजरात प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इसमें 28 स्टॉल लगाए गए हैं। 


उत्सव के मंच पर फूलों के हार एक-दूसरे के गले में प्रेम-अपनत्व की भावना प्रगाढ़ करने के लिए काफी थे। गुजरात के सीएम का गुजराती समाज के लोगों ने गुलदस्ता, शाल देकर सम्मान किया तो वहां के सीएम विजय रूपाणी ने डॉ. अंजना गुप्ता, गोपाल दास नागर, महेंद्र भाई दबे, हरिदास पारिख, परेश भाई पटेल, वीरेंद्र भाई पटेल और विनोद भाई पटेल को स्मृति चिह्न, अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed