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जिला पंचायत ने पास किया 26.87 करोड़ का बजट
वाराण्ासी, ब्यूरो
Updated Mon, 30 Mar 2015 02:19 AM IST
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वाराणसी। जिला पंचायत की बैठक में विपक्ष की गैरहाजिरी के बावजूद अगले वित्तीय वर्ष का 26.87 करोड़ रुपये का बजट पारित कर दिया गया। इसमें लगभग 20 करोड़ रुपये सड़क, सीवर, पुल और पुलिया बनाने पर खर्च किए जाएंगे। पिछले साल 21 करोड़ 48 लाख बजट था, जिसे बिना कोई कर लगाए बाजारों में नए दुकानदारों को लाइसेंस जारी करके बढ़ाया जाएगा।
बजट के दौरान सदस्यों ने अपने क्षेत्र की उपेक्षा का सवाल भी पुरजोर तरीके से उठाया। विकास कार्यों की सूची मांगी। सोलर लाइट, हैंडपंप लगाने के मामले में भेदभाव का भी आरोप लगाया गया।
जिला पंचायत का बजट फरवरी में ही पास हो जाना चाहिए था लेकिन मार्च बीतने के ऐन पहले आनन-फानन में बजट बैठक बुला ली गई। सदस्यों से अपील कर बजट पर मुहर भी लगवा ली।
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सत्र शुरू होते ही सदस्यों ने भेदभाव का आरोप लगाना शुरू किया। कहासुनी के बीच किसी तरह बजट प्रस्तावों पर मुहर लगा दी गई। सदस्यों का आरोप था किसी क्षेत्र में जरूरत से ज्यादा विकास कार्य कराए गए हैं जबकि कुछ सदस्यों के प्रस्ताव पर ध्यान ही नहीं दिया जा रहा है।
अध्यक्ष सुजीत कुमार सिंह ने कहा कि जिन कार्यों की फाइलें नहीं मिल रही हैं, उन्हें श्रमदान घोषित किया जाएगा। विकास के मामले में जिन सदस्यों के क्षेत्र की अब तक उपेक्षा हुई है, अब उनको वरीयता दी जाएगी। सदस्य ओमप्रकाश सिंह की हैंडपंप लगाने में भेदभाव की शिकायत पर सीडीओ ने सभी सदस्यों के प्रस्ताव की सूची पेश की।
मुख्यमंत्री कार्यालय से आए प्रस्तावों को सदस्यों ने एक स्वर से खारिज करते हुए कहा कि सीएम के पास बहुत धन है और अपने प्रस्ताव को वे अपने संसाधन से पूरा कराएं। बैठक में एमएलसी चेतनारायण सिंह, अपर मुख्य अधिकारी कैलाश नाथ खरवार, अभियंता अरविंद कुमार राय, संत कुमार संत आदि मौजूद रहे।
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बजट के दौरान सदस्यों ने अपने क्षेत्र की उपेक्षा का सवाल भी पुरजोर तरीके से उठाया। विकास कार्यों की सूची मांगी। सोलर लाइट, हैंडपंप लगाने के मामले में भेदभाव का भी आरोप लगाया गया।
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जिला पंचायत का बजट फरवरी में ही पास हो जाना चाहिए था लेकिन मार्च बीतने के ऐन पहले आनन-फानन में बजट बैठक बुला ली गई। सदस्यों से अपील कर बजट पर मुहर भी लगवा ली।
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सत्र शुरू होते ही सदस्यों ने भेदभाव का आरोप लगाना शुरू किया। कहासुनी के बीच किसी तरह बजट प्रस्तावों पर मुहर लगा दी गई। सदस्यों का आरोप था किसी क्षेत्र में जरूरत से ज्यादा विकास कार्य कराए गए हैं जबकि कुछ सदस्यों के प्रस्ताव पर ध्यान ही नहीं दिया जा रहा है।
अध्यक्ष सुजीत कुमार सिंह ने कहा कि जिन कार्यों की फाइलें नहीं मिल रही हैं, उन्हें श्रमदान घोषित किया जाएगा। विकास के मामले में जिन सदस्यों के क्षेत्र की अब तक उपेक्षा हुई है, अब उनको वरीयता दी जाएगी। सदस्य ओमप्रकाश सिंह की हैंडपंप लगाने में भेदभाव की शिकायत पर सीडीओ ने सभी सदस्यों के प्रस्ताव की सूची पेश की।
मुख्यमंत्री कार्यालय से आए प्रस्तावों को सदस्यों ने एक स्वर से खारिज करते हुए कहा कि सीएम के पास बहुत धन है और अपने प्रस्ताव को वे अपने संसाधन से पूरा कराएं। बैठक में एमएलसी चेतनारायण सिंह, अपर मुख्य अधिकारी कैलाश नाथ खरवार, अभियंता अरविंद कुमार राय, संत कुमार संत आदि मौजूद रहे।