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IIT BHU: आईआईटी बीएचयू की छात्रा ने सूजन के इलाज के लिए बनाई नैनो मेडिसिन, मिला जीवाईटीआई प्रशंसा पुरस्कार
Tue, 18 Nov 2025 06:19 PM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Tue, 18 Nov 2025 06:19 PM IST
सार
Varanasi News: आईआईटी बीएचयू की छात्रा ने सूजन के इलाज के लिए नैनो मेडिसिन बनाई। इसके लिए छात्रा को जीवाईटीआई प्रशंसा पुरस्कार मिला।
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IIT BHU
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आईआईटी बीएचयू के शोधकर्ताओं ने सूजन के इलाज के लिए पॉलिमरिक नैनो मेडिसिन बनाई है। इसके लिए संस्थान की शोधार्थी दिव्या पारीक को गांधियन यंग टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन (जीवाईटीआई) प्रशंसा पुरस्कार से नवाजा गया है। दिव्या के सुपरवाइजर प्रो. प्रदीप पाईक ने बताया कि कम मात्रा में दी गई नैनो मेडिसिन तेजी से स्वास्थ्य लाभ पहुंचाती है। ये इम्युनिटी के प्रति संवेदनशील होती है। सूजन से जुड़े कई रोगों से बचाव करती है।
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यह रूमेटाइड अर्थराइटिस और सिस्टमिक इंफ्लेमेशन जैसी ज्यादा सूजन वाली स्थितियों में भी एक प्रभावी वैकल्पिक उपचार साबित हो सकती है। हृदय संबंधी जटिलताओं, कैंसर, मधुमेह, गुर्दे के रोग, फैटी लिवर, ऑटोइम्यून और न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारियों में भी सुरक्षा देती है। ये रिसर्च स्कूल ऑफ बायोमेडिकल इंजीनियरिंग स्थित ट्रांसलेशनल नैनोमेडिसिन फॉर थेरेप्यूटिक अप्लीकेशन लेबोरेटरी में किया गया है।
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अंग हो सकते हैं फेल
सूजन विश्वभर में सभी आयु वर्ग के लोगों को प्रभावित करती हैं। दीर्घकालिक सूजन (क्रॉनिक इंफ्लेमेशन) रूमेटाइड आर्थराइटिस, इंफ्लेमेट्री बाउल डिजीज, सोरायसिस जैसी गंभीर स्थितियों की प्रमुख वजह है। यदि इनका इलाज न किया जाए तो यह ऊतकों को नुकसान, अंगों की कार्यक्षमता में कमी और कई बार अंग विफलता जैसी स्थितियां पैदा कर सकती है। हृदय रोग, कई प्रकार के कैंसर, मधुमेह, गुर्दा रोग, नॉन-अल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज, ऑटोइम्यून बीमारियों और न्यूरोडीजेनेरेटिव विकार भी इससे बढ़ते हैं।
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सूजन के कारणों की सटीक पहचान मुश्किल से होती है। ये बाहरी कारकों (जैविक या रासायनिक) या आंतरिक कारणों (जैसे आनुवंशिक परिवर्तन) से उत्पन्न हो सकती है। ऐसे रोगियों में अक्सर सूजन संबंधी बायोमार्कर्स का स्तर ज्यादा ही पाया जाता है। निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने कहा कि यह उपलब्धि संस्थान के समाज के लिए उपयोगी ट्रांसलेशनल रिसर्च को बढ़ावा देगी। सूजन संबंधी व्यापक रोगों के उपचार की क्षमता वाली पॉलिमरिक नैनोमेडिसिन का विकास देश और विश्व के प्रमुख स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक कदम है।