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आईआईटी बीएचयू-गुवाहाटी के छात्र साथ में कर सकेंगे शोध, संयुक्त पीएचडी प्रोग्राम के लिए समझौते पर हस्ताक्षर
Sat, 28 Nov 2020 12:43 AM IST
स्वाधीन तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: स्वाधीन तिवारी
Updated Sat, 28 Nov 2020 12:43 AM IST
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एमओयू पर हस्ताक्षर करने के बाद आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. प्रमोद जैन
- फोटो : अमर उजाला
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आईआईटी बीएचयू और आईआईटी गुवाहाटी के छात्र संयुक्त रूप से एक दूसरे संस्थान में शोध कर सकेंगे। इसके लिए दोनों संस्थानों के बीच शुक्रवार को वर्चुअल मीटिंग में एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। आईआईटी बीएचयू की ओर से निदेशक प्रो. प्रमोद जैन और आईआईटी गुवाहाटी के निदेशक प्रो. टीजी सीथाराम ने हस्ताक्षर कर सुविधा की शुरुआत की।
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आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. प्रमोद जैन ने बताया कि 27 सितंबर 2019 को आयोजित 53वीं आईआईटी परिषद की बैठक में ही संयुक्त पीएचडी कार्यक्रम का प्रस्ताव तैयार हुआ था। नेटवर्क ऑफ एक्सीलेंस का निर्माण करना इसका उद्देश्य है।
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आईआईटी परिषद ने संयुक्त डिग्री कार्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव स्वीकार किया इसके बाद एमओयू साइन हो गया है। उन्होंने बताया कि इस पहल से आईआईटी में शोध का दायरा बढ़ेगा और शोधार्थी समाज और देश हित के लिए कार्य कर सकेंगे। इंजीनियरिंग,साइंस, ह्यूमैनिटी के सभी विषयों में आईआईटी बीएचयू और गुवाहाटी में दस-दस छात्र पंजीकरण करा सकेंगे।
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दोनों संस्थानों में मिलेगी शोध की सुविधा
दोनों संस्थानों में छात्रो को शोध कार्य की सुविधा मिलेगी। बताया कि दोनों संस्थानों में दो अलग-अलग सुपरवाइजर होंगे और शोधार्थी दोनों संस्थानों के पूरा छात्र भी कहे जाएंगे। इसके अलावा जो डिग्री दी जाएगी वह भी संयुक्त डिग्री होगी। निदेशक ने बताया कि दोनों संस्थानों में कम से कम 1 वर्ष का शोध कार्य करना अनिवार्य होगा। शोध कार्यक्रम में पंजीकरण अगले सत्र से जुलाई महीने में शुरू हो जाएगा। दोनों संस्थानों में एमटेक कार्यक्रम शुरू करने पर विचार किया जा रहा है। इस दौरान प्रो. एसबी द्विवेदी, एसोसिएट डीन डॉ. विकास दुबे, डॉ. राजेश उपाध्याय सहित अन्य लोग मौजूद रहे।