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बाढ़ में डूबी सैकड़ों परिवारों की गृहस्थी
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sat, 13 Aug 2016 01:53 AM IST
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बाढ़
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अस्सी की नगीना देवी की गृहस्थी गंगा की बाढ़ में डूब गई। वह बहू इंदू और चार पोते-पोतियों को लेकर गोयनका संस्कृत महाविद्यालय परिसर में पहुंच गई हैं। इसी तरह दीपाली तिवारी के घर में पैर रखने का ठांव नहीं रह गया है। वह भी बहू ईशामी तिवारी और दो वर्ष की पोती चांदनी को लेकर इसी बाढ़ राहत शिविर में हैं। इनकी तरह एक-दो नहीं, 30 से अधिक परिवार यहां शरण लिए हैं। शुक्रवार की सुबह तक गंगा, वरुणा और असि की बाढ़ में तटीय इलाके के सैकड़ों परिवार घर छोड़ दिए हैं।
उफनाई गंगा में बाढ़ के चलते अस्सी, रामानुज नगर, गंगोत्री बिहार कॉलोनी पानी से घिर गई हैं। गुरुवार की रात को ही कॉलोनियों के करीब पचास घरों में पानी भर गया। राजेश सेठ, विट्टन, किरण गुप्ता के अलावा कई परिवारों ने घर छोड़ दिया है। चिंतामणि मिश्र, जेपीएस राठौर, राजू साहनी, जगन्नाथ ओझा, श्याम नारायण तिवारी और कुंवर जी के घर में भूतल पर पानी भरने के बाद लोग गृहस्थी का सामान समेट कर दूसरी मंजिल पर चले गए हैं।
इधर, दशाश्वमेध घाट पर बनारस साड़ी फैक्ट्री के अलावा पांडेय साड़ी फैक्ट्री व आसपास के प्रतिष्ठानों में पानी भर गया है। लोग घर छोड़ने को मजबूर हैं। बाढ़ग्रस्त वरुणा किनारे की बस्तियों में सबसे अधिक आफत आई है। कोनिया, मीरा घाट, सरैया, नक्खी घाट, तीन पुलौवा, शक्कर तालाब, शैलपुत्री इलाके में भी सैकड़ों परिवार घर छोड़ कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। जहां जलभराव हो गया है, वहां स्थिति सामान्य होने में हफ्ते भर से अधिक का वक्त लग सकता है।
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उधर, बाढ़ प्रभावित इलाकों में शुक्रवार को राहत पहुंचाई गई। अस्सी स्थित गोयनका छात्रावास परिसर में शरण लेने वाले परिवारों को सुबह पूड़ी, सब्जी वितरित की गई। लेखपाल के साथ भदैनी के पार्षद गोविंद शर्मा ने राहत सामग्री उपलब्ध कराई।
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उफनाई गंगा में बाढ़ के चलते अस्सी, रामानुज नगर, गंगोत्री बिहार कॉलोनी पानी से घिर गई हैं। गुरुवार की रात को ही कॉलोनियों के करीब पचास घरों में पानी भर गया। राजेश सेठ, विट्टन, किरण गुप्ता के अलावा कई परिवारों ने घर छोड़ दिया है। चिंतामणि मिश्र, जेपीएस राठौर, राजू साहनी, जगन्नाथ ओझा, श्याम नारायण तिवारी और कुंवर जी के घर में भूतल पर पानी भरने के बाद लोग गृहस्थी का सामान समेट कर दूसरी मंजिल पर चले गए हैं।
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इधर, दशाश्वमेध घाट पर बनारस साड़ी फैक्ट्री के अलावा पांडेय साड़ी फैक्ट्री व आसपास के प्रतिष्ठानों में पानी भर गया है। लोग घर छोड़ने को मजबूर हैं। बाढ़ग्रस्त वरुणा किनारे की बस्तियों में सबसे अधिक आफत आई है। कोनिया, मीरा घाट, सरैया, नक्खी घाट, तीन पुलौवा, शक्कर तालाब, शैलपुत्री इलाके में भी सैकड़ों परिवार घर छोड़ कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। जहां जलभराव हो गया है, वहां स्थिति सामान्य होने में हफ्ते भर से अधिक का वक्त लग सकता है।
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उधर, बाढ़ प्रभावित इलाकों में शुक्रवार को राहत पहुंचाई गई। अस्सी स्थित गोयनका छात्रावास परिसर में शरण लेने वाले परिवारों को सुबह पूड़ी, सब्जी वितरित की गई। लेखपाल के साथ भदैनी के पार्षद गोविंद शर्मा ने राहत सामग्री उपलब्ध कराई।