उपलब्धि: मां ने कर्ज लेकर दिलाई हॉकी किट, अब ऑस्ट्रेलियन लीग में फॉर्वर्ड पोजिशन से खेलेंगी काशी की पूर्णिमा
Sports News: ऑस्ट्रेलियन लीग के लिए भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम में काशी की पूर्णिमा यादव का चयन हुआ। वह ऑस्ट्रेलियन लीग में फॉर्वर्ड पोजिशन से खेलेंगी। 26 सितंबर से ऑस्ट्रेलिया में मुकाबले होंगे।
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हॉकी इंडिया की ओर से ऑस्ट्रेलियन लीग के लिए घोषित भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम में वाराणसी की पूर्णिमा यादव को जगह मिली है। जिला मुख्यालय से दस किलोमीटर दूर हरहुआ के चक्का गांव की पूर्णिमा ऑस्ट्रेलियन हॉकी लीग में खेलेंगी। उनकी मां अमरावती ने कर्ज लेकर उनके लिए हॉकी किट खरीदी थी।
भारतीय टीम 26 सितंबर से 2 अक्तूबर तक ऑस्ट्रेलिया की राजधानी कैनबरा में कुल पांच मैच खेलेगी। पहले तीन मैच ऑस्ट्रेलिया जूनियर महिला टीम के साथ होंगे। वहीं दो मुकाबले ऑस्ट्रेलिया की हॉकी वन लीग क्लब के कैनबरा चिल के साथ खेले जाएंगे। इसमें बेहतर खेलने वाले खिलाड़ियों को एफआईएच में जगह मिल सकती है।
हरहुआ के ओलंपियन विवेक सिंह एकेडमी से हॉकी सीखने वाली पूर्णिमा ने नौ साल की उम्र तक क्रिकेट खेला। खेल में रुचि को देखते हुए ही मां अमरावती ने प्रोत्साहित किया। 2016 से पूर्णिमा ने हॉकी खेलना शुरू कर दिया। हरहुआ के विवेक एकेडमी में कोच सतनाम कौर वत्स से प्रशिक्षण लेना शुरू किया। विवेक एकेडमी में हॉकी का प्रशिक्षण लेने के बाद उनका चयन स्पोर्ट्स कॉलेज गोरखपुर के लिए हो गया।
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पूर्णिमा के पिता कौशलेंद्र यादव किसान हैं। पूर्णिमा की मां ने बैंक से 1.25 लाख रुपये का ऋण लेकर हॉकी किट खरीदी थी फिर उन्हें गोरखपुर भेज दिया। अब पूर्णिमा का राष्ट्रीय टीम में सेलेक्शन हुआ। पूर्णिमा ने मणिपुर में हुई राष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता था। अब अपनी मेहनत के दम पर सब जूनियर भारतीय टीम में जगह बनाने में सफल हुईं हैं।
फॉर्वर्ड खिलाड़ी के रूप में उतरेंगी हॉकी के मैदान में
भारतीय जूनियर हॉकी टीम में पूर्णिमा का चयन बतौर फॉर्वर्ड लाइन खिालाड़ी के तौर पर हुआ है। फॉर्वर्ड लाइन में पूर्णिमा के अलावा पांच अन्य का चयन हुआ है। ओलंपियन विवेक सिंह हॉकी एकेडमी की कोच सतनाम कौर वत्स ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया दौरा इनके लिए अपनी क्षमता दिखाने का मौका है। उम्मीद जताई कि अपने गोल करने के बेहतरीन कौशल के जरिये पूर्णिमा आगामी अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के लिए भारतीय टीम में जगह बनाएगी।
ड्रैग फ्लिक की माहिर खिलाड़ी हैं पूर्णिमा
कोच सतनाम कौर ने बताया कि सब जूनियर नेशनल खेल चुकी पूर्णिमा पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलने में एक्सपर्ट है। उसके ड्रैग फ्लिक विरोधी टीम के गोलकीपर को मुश्किल में डाल देते हैं। खेल के अंतिम समय में गोल कनर्वट करने और विरोधी टीम को चकमा देने में उन्हें महारथ है। बताया कि हॉकी में कभी भी खेल पलट सकता है ऐसे में स्किल्ड और मजबूत खिलाड़ी टीम को जीत दिलाता है।
गंगापुर की पूजा के बाद काशी की दूसरी खिलाड़ी
भारतीय महिला हॉकी टीम में वाराणसी का प्रतिनिधित्व करते हुए गंगापुर की पूजा यादव खेल चुकी हैं। ओलंपियन राहुल सिंह ने बताया कि मिड फिल्डर पूजा वाराणसी की पहली महिला हॉकी खिलाड़ी है, इसके बाद पूर्णिमा यादव का भारतीय महिला हॉकी टीम में हुआ है। इस मौके पर ओलंपियन ललित उपाध्याय ने पूर्णिमा को बधाई दी है।