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स्वस्थ बच्चों और समृद्ध महिलाओं से ही होगा संपूर्ण विकास
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स्वस्थ बच्चे और समृद्ध महिलाएं ही राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभा सकती हैं। देश के संपूर्ण विकास के लिए महिला सशक्तीकरण और बाल विकास अहम है। यह कहना है केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी का। सोमवार को वे बड़ा लालपुर स्थित हस्तकला संकुल में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की समीक्षा बैठक के लिए वाराणसी पहुंची थीं।
समीक्षा में उन्होंने विभिन्न राज्य सरकारों व स्वयंसेवी सहायता समूहों के साथ संवाद किया। उन्होंने कहा कि सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों का डिजिटलीकरण करके, महिला उत्पीड़न के खिलाफ वन स्टॉप सेंटर चलाकर, महिला हेल्पलाइन और मानव तस्करी के खिलाफ सेंटर व फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित कर रही है। लाभार्थियों को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एक दौर था जब महिलाएं सपना देखतीं थीं पर उन्हें बोलने का अधिकार नहीं था। लेकिन आज छोटी उम्र में ही लड़कियां जो सपना देख रहीं हैं, उन्हें बोलना भी सीख रहीं हैं। बेटियाें का बेखौफ होकर बोलना ही हमारी बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की सबसे बड़ी सफलता है।
21 लाख बच्चियों को बाल विवाह से बचाया
उन्होंने कहा, 1098 हेल्पलाइन की मदद से 2014 से 2021 तक 18 लाख बच्चों का संरक्षण किया गया है। वहीं 21 लाख बच्चियों को बाल विवाह के बंधन में बंधने से बचाकर उनका जीवन संवारा गया है।
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जन औषधि केंद्र पर उपलब्ध हैं सेनेटरी पैड
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि आज मासिक धर्म को लेकर लोगों की सोच बदल रही है। इसमें प्रधानमंत्री मोदी का बड़ा हाथ है, जिसकी बदौलत जन औषधि केंद्रों के माध्यम से एक रुपये में महिलाओं व किशोरियों को सेनेटरी पैड उपलब्ध हो पा रहा है।
जब सभागार में लगे ठहाके
समीक्षा बैठक के दौरान जब स्मृति ईरानी ने डायस पर बोलने आईं तो उन्होंने एक वाकया साझा किया कि जब मैं कार्यक्रम में जाती थी तो महिलाएं कहतीं थीं आपको टीवी पर बहुत देखा है। इसपर स्मृति ईरानी ने मजाकिया अंदाज में कहा कि राहुल गांधी को हराने के बाद भी लोग टीवी से ही पहचानते हैं। इसके बाद पर सभागार में मौजूद लोग हंसने लगे।
बेटियों को सपने पूरा करेगा अभ्युदय
योजनाओं से लाभान्वित बालिकाओं ने अपने सपनों को साझा किया। इसमें दो बेटियां आईएएस अधिकारी बनना चाहती हैं, तो एक-एक बैंक मैनेजर व शिक्षक। इन सभी बच्चियों के सपनों को पूरा करने के लिए स्मृति ईरानी ने मंच से घोषणा की। उन्होंने कहा, आईएएस का सपना देखने वाली बच्चियां दिल्ली आएं और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय में आईएएस अधिकारी कैसे काम करते हैं उसको देखें।
बोले लाभार्थी
चौकाघाट निवासी लाभार्थी ने कहा कि स्पांसरशिप योजना से काफी मदद मिल रहीं है। बड़े होकर बैंक मैनेजर बनना चाहती हूं।
मैदागिन निवासी लाभार्थी ने कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना की बदौलत आज मेरी पढ़ाई चल रही है। मैं एक आगे चलकर एक आईएएस बनना चाहती हूं।
पांडेयपुर निवासी लाभार्थी ने कहा कि कोरोना में अपने माता-पिता चले गए। पीएम केयर्स फंड व मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना से मदद मिली। अब मेरा सपना आईएएस अधिकार बनना है।
जैतपुरा संवासिनी गृह में रहने वाली लाभार्थी ने बताया माता-पिता से बिछड़ गई थी। सरकारी की योजना से आज पढ़ाई पूरी कर रही हूं। मेरा सपना शिक्षक बनना है।
मैंने सरकार की ऋण योजना से लाभ लेकर अपना व्यवसाय शुरू किया है। जिनकी बदौलत आज मैं अपने पति के साथ मिलकर बैटरी का व्यवसाय कर अपना घर चला रही हूं। - निशा सिंह
वन स्टॉप सेंटर पर जाना महिलाओं का हाल
समीक्षा बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री दीनदयाल अस्पताल स्थित वन स्टॉप सेंटर पहुंचीं। उन्होंने केंद्र पर काउंसिलिंग के लिए आई महिलाओं से बात की। इस दौरान जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रवीण कुमार त्रिपाठी, सेंटर मैनेजर रश्मि दूबे मौजूद रहे।
समीक्षा बैठक में ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री डॉ. मुंजपारा महेंद्रभाई, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सचिव इंदीवर पांडेय, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के एडिशनल सचिव अदिति दास राउत, यूएन वुमेन, यूनिसेफ के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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समीक्षा में उन्होंने विभिन्न राज्य सरकारों व स्वयंसेवी सहायता समूहों के साथ संवाद किया। उन्होंने कहा कि सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों का डिजिटलीकरण करके, महिला उत्पीड़न के खिलाफ वन स्टॉप सेंटर चलाकर, महिला हेल्पलाइन और मानव तस्करी के खिलाफ सेंटर व फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित कर रही है। लाभार्थियों को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एक दौर था जब महिलाएं सपना देखतीं थीं पर उन्हें बोलने का अधिकार नहीं था। लेकिन आज छोटी उम्र में ही लड़कियां जो सपना देख रहीं हैं, उन्हें बोलना भी सीख रहीं हैं। बेटियाें का बेखौफ होकर बोलना ही हमारी बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की सबसे बड़ी सफलता है।
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21 लाख बच्चियों को बाल विवाह से बचाया
उन्होंने कहा, 1098 हेल्पलाइन की मदद से 2014 से 2021 तक 18 लाख बच्चों का संरक्षण किया गया है। वहीं 21 लाख बच्चियों को बाल विवाह के बंधन में बंधने से बचाकर उनका जीवन संवारा गया है।
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जन औषधि केंद्र पर उपलब्ध हैं सेनेटरी पैड
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि आज मासिक धर्म को लेकर लोगों की सोच बदल रही है। इसमें प्रधानमंत्री मोदी का बड़ा हाथ है, जिसकी बदौलत जन औषधि केंद्रों के माध्यम से एक रुपये में महिलाओं व किशोरियों को सेनेटरी पैड उपलब्ध हो पा रहा है।
जब सभागार में लगे ठहाके
समीक्षा बैठक के दौरान जब स्मृति ईरानी ने डायस पर बोलने आईं तो उन्होंने एक वाकया साझा किया कि जब मैं कार्यक्रम में जाती थी तो महिलाएं कहतीं थीं आपको टीवी पर बहुत देखा है। इसपर स्मृति ईरानी ने मजाकिया अंदाज में कहा कि राहुल गांधी को हराने के बाद भी लोग टीवी से ही पहचानते हैं। इसके बाद पर सभागार में मौजूद लोग हंसने लगे।
बेटियों को सपने पूरा करेगा अभ्युदय
योजनाओं से लाभान्वित बालिकाओं ने अपने सपनों को साझा किया। इसमें दो बेटियां आईएएस अधिकारी बनना चाहती हैं, तो एक-एक बैंक मैनेजर व शिक्षक। इन सभी बच्चियों के सपनों को पूरा करने के लिए स्मृति ईरानी ने मंच से घोषणा की। उन्होंने कहा, आईएएस का सपना देखने वाली बच्चियां दिल्ली आएं और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय में आईएएस अधिकारी कैसे काम करते हैं उसको देखें।
बोले लाभार्थी
चौकाघाट निवासी लाभार्थी ने कहा कि स्पांसरशिप योजना से काफी मदद मिल रहीं है। बड़े होकर बैंक मैनेजर बनना चाहती हूं।
मैदागिन निवासी लाभार्थी ने कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना की बदौलत आज मेरी पढ़ाई चल रही है। मैं एक आगे चलकर एक आईएएस बनना चाहती हूं।
पांडेयपुर निवासी लाभार्थी ने कहा कि कोरोना में अपने माता-पिता चले गए। पीएम केयर्स फंड व मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना से मदद मिली। अब मेरा सपना आईएएस अधिकार बनना है।
जैतपुरा संवासिनी गृह में रहने वाली लाभार्थी ने बताया माता-पिता से बिछड़ गई थी। सरकारी की योजना से आज पढ़ाई पूरी कर रही हूं। मेरा सपना शिक्षक बनना है।
मैंने सरकार की ऋण योजना से लाभ लेकर अपना व्यवसाय शुरू किया है। जिनकी बदौलत आज मैं अपने पति के साथ मिलकर बैटरी का व्यवसाय कर अपना घर चला रही हूं। - निशा सिंह
वन स्टॉप सेंटर पर जाना महिलाओं का हाल
समीक्षा बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री दीनदयाल अस्पताल स्थित वन स्टॉप सेंटर पहुंचीं। उन्होंने केंद्र पर काउंसिलिंग के लिए आई महिलाओं से बात की। इस दौरान जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रवीण कुमार त्रिपाठी, सेंटर मैनेजर रश्मि दूबे मौजूद रहे।
समीक्षा बैठक में ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री डॉ. मुंजपारा महेंद्रभाई, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सचिव इंदीवर पांडेय, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के एडिशनल सचिव अदिति दास राउत, यूएन वुमेन, यूनिसेफ के प्रतिनिधि मौजूद रहे।